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डा. दीपक को “ के.पी. सिन्हा बेस्ट पब्लिक लाईब्रेरीयन अवार्ड”

कोटा। भारतीय पुस्तकालय विज्ञान के जनक डा. एस.आर. रंगानाथन की जयंती सह “ राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस” के दिवस पर “डीजीटल वातावरण मे रंगानथन के पांच सुत्रों की प्रासंगिकता” विषय पर पुस्तकालय विज्ञान विभाग , बीआरए बिहार विश्वविधालय मुजफ्फरपुर एवं बिहार पुस्तकालय विज्ञान नेट एण्ड पीएचडी धारक संघ (बी.एल.एन.पी.ए) के संयुक्त तत्वाधान मे आयोजित एक दिवसीय वर्चुअल राष्ट्रीय संगोष्टी में डा. दीपक कुमार श्रीवास्तव पुस्तकालय विज्ञान के “द्वितीय सुत्र – प्रत्येक पाठक को उसकी पुस्तक मिले एवं सार्वजनिक पुस्तकालय” विषय पर बतौर की- नोट स्पीकर सम्बोधित किया ।

डॉ.. श्रीवास्तव ने कहा कि – प्रत्येक पाठक को उसकी पुस्तक मिले इस संकल्पना को साकार करने के लिये हमें स्थानीय कम्युनीटीज की अध्य्यन अभिवृतियों को ध्यान मे रखकर पुस्तक एवं इलेक्ट्रोनिक संसाधनो का संग्रह तैयार करना होगा । सार्वजनिक पुस्तकालयों मे जीरो इंवेस्टमेंट सर्विसेज का सृजन करना होगा ताकि समुदाय के अंतिम छोर तक पुस्तकालय द्वारा प्रदत्त सेवा का लाभ मिल सकें ।

इस अवसर पर डॉ. रंगनाथन राज्य पुस्तकालय समिति (बिहार) के अध्यक्ष डॉ कौशल किशोर चौधरी द्वारा रंगनाथन राज्य पुस्तकालय समिति अवार्ड-2020 की घोषणा की गई है । समिति के अध्यक्ष डॉ कौशल किशोर चौधरी ने कहा कि चयन समिति की सिफ़ारिश के आधार पर सभी दस कटेगरी के अवार्ड की घोषणा की गई है जिसमें आवेदकों के वर्ष 2020 के कार्यों, योगदानों और गतिविधियों को आधार बनाया गया है,जिसमे इनेली साउथ एशिया मेंटोर डॉ.दीपक कुमार श्रीवास्तव राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा को “के.पी. सिन्हा बेस्ट पब्लिक लाईब्रेरीयन अवार्ड” से समानित किया गया ।

इस अवार्ड्स का मुख्य आधार- 2020 की उपलब्धियां है । गौर तलब है कि कोवीड -19 के प्रारम्भ मे डा दीपक कुमार श्रीवास्तव के “ नोलेज एट यौर डोर स्टेप – व्हाटसएप इनीशियेटीव” को विश्व के सबसे बडे पुस्तकालय विज्ञान के संगठन इन्टरनेशनल फेडरेशन ऑफ लाईब्रेरी एसोशियेशन एण्ड इंस्टीट्युशन (इफ्ला) तथा अमेरीकन लाईब्रेरी एसोशियेशन (एएलए) ने ग्लोबल रिपोर्ट मे शामिल किया वही स्वयं डा श्रीवास्तव का नाम उनके पुस्तकालय के क्षेत्र मे नवाचारो के लिये “ इफ्ला वॉल ऑफ फेम” मे दर्ज किया गया है । डा दीपक वर्तमान मे डा दीपक इनेली साउथ एशिया मेंटर भी है तथा एशियाई देशो नेपाल , बाग्लादेश , म्यांमार , श्रीलंका, मालद्वीप के इनोवेटर्स को ऑनलाईन स्कील्ड भी कर रहे है ।

इसके आलावा लाइफ टाइम अचिवमेंट अवार्ड, राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन के रिटायर्ड डाइरेक्टर जनरल डॉ प्रेम कुमार जयसवाल को; डॉ यू एम ठाकुर बेस्ट यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन अवार्ड, डॉ राममनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ मनीष कुमार बाजपेयी को; के पी सिन्हा बेस्ट पब्लिक लाइब्रेरियन अवार्ड,श्री बरुन सरकार बेस्ट लाइब्रेरी साइंस टीचर अवार्ड, असम सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय विज्ञान संकाय के संकायअध्यक्ष प्रोफेसर मनोज कुमार सिन्हा को; डॉ एस एन दास बेस्ट लाइब्रेरी प्रोफेशनल ऑफ बिहार अवार्ड, शासकीय महाविद्यालय मझगावा, सतना के लाइब्रेरियन श्री अजित कुमार को; डॉ अनिरुद्ध प्रसाद बेस्ट विद्यालय लाइब्रेरियन अवार्ड, केंद्रीय विद्यालय इफको गांधीधाम के लाइब्रेरियन श्री शिवानन्द मिश्रा को; डॉ कौशल किशोर बेस्ट यंग लाइब्रेरी प्रोफेशनल ऑफ अवार्ड, शासकीय महाविद्यालय चँदला, छतरपुर के लाइब्रेरियन श्री संतोष कुमार कोरी को; बेस्ट यंग लाइब्रेरी प्रोफेशनल ऑफ बिहार अवार्ड, सैनिक विद्यालय तिलैया के लाइब्रेरियन श्री विकास कुमार सिंह को; लाइब्रेरी एंड इन्फोर्मेशन प्रेसियस जेम अवार्ड, केंद्रीय विद्यालय समस्तीपुर के लाइब्रेरियन डॉ अमित किशोर को एवं लाइब्रेरी एंड इन्फोर्मेशन पिनाक्कल अवार्ड, ई-ग्रंथालय पुस्तकालय स्वचलन सॉफ्टवेयर बिहार रीज़न के कोर्डीर्डिनेटर, नेशनल इन्फोर्मेटिक्स सेंटर, पटना के श्री रवि रंजन को प्रदान किया गया है। सभी चयनित को लाइब्रेरियन्स डे (12 अगस्त) के दिन सम्मानित किया ।

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