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गरबा में छाया नारी सशक्तिकरण

– शाम्भवी गरबा महोत्सव का रंगारंग समापन
– 40 मूकबघिर, विकलांग बच्चों ने किया गरबा
– जादूगर ओपी शर्मा ने दिखाए करतब

भोपाल। यत्र नारी पूजते , तत्र रमन्ते देवता। सदियों से हमारे देश की यही मान्यता रही है। नारी को किसी न किसी रूप में हमेशा पूजा गया है। आज भी नारी को लक्ष्मी, दुर्गा, सरस्वती के रूप में पूजा जाता है, वो क्रोधित न हो इसके लिए उनकी उपासना की जाती है. उनकी कृपा बनी रहे इसलिए अनेक तरह की पूजा अर्चना की जाती है। यह बात महापौर आलोक शर्मा की पत्नी सरिता शर्मा (डॉली) ने रविवार को मानस उद्यान गुफा मंदिर लालघाटी में आयोजित शाम्भवी गरबा महोत्सव के समापन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि आज की नारी सबला बन चुकी है।

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इस अवसर पर शाम्भवी संस्था की संचालक रेखा शर्मा ने कहा कि गरबा महोत्सव पूरी तरह तीनों दिन नारी सशक्तिकरण पर कें दित रहा। जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समापन के दौरान 40 मूकबघिर, विकलांग बच्चों ने गरबा नृत्य का समां बांध दिया। महोत्सव में जादूगर ओपी शर्मा ने मूकबघिर बच्चों को जादू दिखाए और उन्हें शो आमंत्रित किया। इस मौके पर संस्था के संरक्षक ज्वाला प्रसाद विश्वकर्मा सहित सैंकड़ों लोग उपस्थित थे। गौरतलब है कि शाम्भवी संस्था मूकबघिरों, विकलांगों के लिए हर साल गरबा महोत्सव कराती है।

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