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जो पीड़ा में हैं उनके दुख कम करना हमारा दायित्व

संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के प्रवास पर आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कोटा शहर के प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रबुद्धजन व सामाजिक कार्यकर्ताओं से कोविड के कारण पीड़ा से गुजर रहे परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोविड की दूसरी वेव पहली वेव से अधिक संक्रामक है। इस वेव ने अनेक परिवारों को स्थायी दर्द दिया है। ऐसे कई परिवार हैं जिनमें माता-पिता या एक से अधिक सदस्यों की मृत्यु हुई है। यह परिवार अब वेदना में है और ऐसी घड़ी में हमें इनका संबल और सहारा बनना है।

उन्होंने प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आव्हान किया कि वे अपने वार्ड तथा आसपास के क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को चिन्हित करें। उन परिवारों से मिलकर पता लगाएं कि हम कैसे उन्हें सहयोग कर सकते हैं। इस आधार पर कार्यकर्ता अपनी भूमिका तय करें। ऐसे परिवारों की सूचना लोकसभा कैंप कार्यालय को भी दें ताकि वहां से भी उनकी सहायता के लिए प्रयास किए जा सकें।
बिरला ने कहा कि कोविड के कारण लगे लाॅकडाउन के चलते भी कई परिवार प्रभावित हुए हैं। कई परिवार ऐसे भी हैं जिनमें परिवार के मुखिया का रोजगार छिन गया है। आर्थिक स्थिति गड़बड़ाने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। हमें ऐसे परिवारों को भी चिन्हित कर उनकी भी सहायता के लिए आगे आना होगा। हम सामुहिक प्रयास कर उनकी सामान्य आवश्यकताओं की पूर्ति करेंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। कोटा में संक्रमण की दर अब भी कई राज्यों और कई प्रमुख शहरों से अधिक है। इस संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभानी पड़ेगी। इसके लिए सबसे अधिक आवश्यकता लोगों को सजग और सतर्क करने की है। हम लोगों को मास्क पहनने के लिए टोकें, कोरोना मरीजों को आइसोलेट कर उचित उपचार सुनिश्चित करें, उनके परिजनों का भी टेस्ट करवाएं तब ही हम संक्रमण की इस चेन को तोड़ पाएंगे। प्रबुद्धजन और कार्यकर्ताओं ने लोकसभा अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि वे इस दिशा में अपनी पूरी सहभागिता निभाएंगे।

संवाद के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान गौतम बुद्ध को भी याद किया। उन्होंने कहा कि बुद्ध ने समाज को दया, करुणा, सेवा, शांति और अहिंसा का सन्देश दिया। बिरला ने कहा कि कोरोना महामारी ने हमें बताया है कि हमारा अस्तित्व एक दूसरे से जुड़ा है। मानवता तभी सुरक्षित है जब हर एक मानव सुरक्षित है। ऐसी परिस्थितियों में भगवान बुद्ध का मानवसेवा और मानव मूल्यों का सन्देश अत्यंत सार्थक है। हमें उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए खुद को पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित करना होगा।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने बुधवार को चक्रवाती तूफान से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सांसदों से आगे आने की अपील की। बिरला ने अपने ट्वीट में कहा कि बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘‘यास‘‘ को देखते हुए ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अन्य प्रभावित राज्यों के सांसद संकट की इस घड़ी में अपने क्षेत्रों के लोगों के साथ खड़े हों। सभी सांसद प्रभावित लोगों को अधिकतम सहायता उपलब्ध करवाते हुए उनकी परेशानी और पीड़ा को कम करने का प्रयास करें।

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