आप यहाँ है :

कोटा में जीवंत होंगी विवेकानन्द के जीवन की यादें- धारीवाल

कोटा में जयपुर से आने वाले जब चम्बल पुल पार कर प्रवेश करेंगे तो कोटा शहर का हेरिटेज लुक स्वागत करेगा और पर्यटकों को लुभाएगा। विकसित किए जा रहे विवेकानंद चौराहे परिसर का रविवार को स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने अवलोकन करते हुए कहा कि यहां विवेकानंद की भव्य प्रतिमा स्थापित कर उनके यादों को जीवंत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्किल पर विवेकानन्द के शिकागों में भाषण, कन्याकुमारी मेमोरियल सहिt जीवन की विशेषताओं को चारोंओर पाषाण में उकेरा जायेगा जिससे पर्यटकों व आने वाली पीढियों को प्रेरणा मिल सके। सर्किल के चारों और के पूरे बाज़ार को खूबसूरत हेरिटेज लुक देने का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

धारीवाल ने विवेकानंद सर्किल के सौन्दर्यकरण कार्य एवं सम्पूर्ण चौराहे के भवनों के फसाड़ कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सर्किल पर ब्रजटाकिज परिसर की दिवारों पर नक्कासी कार्य का निरीक्षण कर उसमें राजस्थानी शैली में बनाई जा रही छतरियों को भी देखा तथा ऐतिहासिक स्वरूप में तैयार करने के निर्देश दिये। ये सातों छतरियां राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करती हुई पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र बनेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि सम्पूर्ण चौराहा एतिहासिक दिखाई दे इसके लिए चौराहे से नयापुरा सब्जिमंडी की ओर जोने वाले मार्ग पर भव्य गेट का निर्माण कार्य भी कराया जावे। इससे सभी मार्गो में एकरूपता आयेगी तथा पर्यटक ऐतिहासिक कोटा से रूबरू हो सकेगें।
पत्थरों को तराश कर झरना बनेगा

उन्होंने कहा कि रिवरफ्रंट को देखने देशी-विदेशी पर्यटक आये तो नदी साफ-स्वच्छ दिखाई दे इसके लिए बेराज की ओर दिखाई देने वाले पत्थरों को तराश कर झरने की भांति पानी की निरंतरता बनाये रखने का प्लान जल संसाधन विभाग से चर्चा कर तैयार करें। उन्होंने सम्पूर्ण रिवरफ्रंट के कार्य स्थल का भ्रमण कर कहा कि चम्बल माता की मूर्ति, फव्वारा, रिवरफ्रट का व्यू पांइट बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरी गति के साथ किया जावे। उन्होंने निरीक्षण के समय विभिन्न घाटों पर लगाई जाने वाली स्टोन जालियों, कलात्मक महराब एवं पत्थर की नक्कासी को भी देखा तथा गुणवत्तापूर्ण मजबूत पत्थर का चयन करने के निर्देश दिये। उन्होंने महराब निर्माण, कॉलम एवं पिचिंग कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ करने कि हिदायत दी।
नदी में पानी की आवक से कार्य रुके नहीं

स्वायत्त शासन मंत्री ने चम्बल रिवर फ्रेंट के विभिन्न घाटों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया तथा कार्य को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समय पर करने के लिए बरसात पूर्व दिन-रात अलग-अगल पारियों में कार्य की शैली के अनुसार लगातार निर्माण कार्य जारी रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि रिवरफ्रंट के घाटों को एतिहासिक रूप देने के लिए परियोजना के डिजाइन अनुरूप गुणवत्ता के साथ पूरा किया जावे। उन्होंने सम्पूर्ण नदी के दोनों छोरों पर बरसात पूर्व गप को पूरा करने के निर्देश दिये जिससे नदी में पानी की आवक के समय कार्य प्रभावित नहीं हो। उन्होंने 17 जुलाई तक 245 मीटर उंचाई तक निर्माण कार्य को करने तथा 31 जुलाई तक 250 मीटर उंचाई तक कार्य को पूरा करने का लक्ष्य देते हुए श्रमिक एवं मशीनरी बढाने के निर्देश दिये। आबादी की ओर से नदी में आने वाला वर्षा का पानी में अवरोध नहीं हो इसका भी ध्यान रखा जावे जिससे आम नागरिकों को बरसात के समय परेशानी नहीं हो।

स्वायत्त शासन मंत्री ने कोटा बैराज की ओर बनने वाले वाहन पार्किंग निर्माण एवं गार्डन कार्य का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महापौर कोटा दक्षिण राजीव अग्रवाल, यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, उप महापौर पवन मीणा, उप महापौर कोटा उत्तर सोनू कुरैशी, जिला कलक्टर उज्जवल राठौड़, नगर विकास न्यास के ओएसडी आरडी मीणा, सचिव राजेश जोशी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता ओपी वर्मा, कंसलटेंट अनूप भरतरिया, स्थानीय पार्षद अनिल सुवालका सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

image_pdfimage_print


सम्बंधित लेख
 

Back to Top