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कोटा में नया एयर पोर्ट,वन भूमि डायवर्जन का मसला और अन्य आपत्तियां सुलझेंगी – लोकसभा अध्यक्ष

कोटा।
कोटा में नए एयरपोर्ट केे लिए वन भूमि के डायवर्जन की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ इस प्रोजेक्ट से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर वन भूमि के डायवर्जन को लेकर आई आपत्तियों को दूर करवाया, जिससे डायवर्जन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। एयरपोर्ट अथाॅरिटी ऑफ इंडिया को भूमि हस्तांतरण से पूर्व वन भूमि का डायवर्जन करवाया जाना है।

कोटा में नए एयरपोर्ट के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि का अधिकांश हिस्सा वन विभाग के अन्तर्गत आ रहा है। राजस्थान सरकार ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को इसके लिए आवेदन किया था। परन्तु वन मंत्रालय की ओर से प्रस्ताव में कुछ आपत्तियां लगाई गई थीं। यह जानकारी उन्हें मिलने पर लोकसभा अध्यक्ष ने बुधवार को संसद भवन स्थित अपने कक्ष में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री यादव की उपस्थित में बैठक बुलाई।

बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों से सभी आपत्तियों पर बिंदुवार चर्चा कर उन्हें दूर करवाया गया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि डायवर्जन की प्रक्रिया को गति लाई जाए ताकि आदेश जारी होने के बाद राज्य सरकार वन विभाग को भूमि के बदले भूमि आवंटित कर प्रस्तावित जमीन को एयरपोर्ट अथाॅरिटी ऑफ़ इंडिया को स्थानांतरित कर सके।

एयरपोर्ट की प्रस्तावित जमीन से हाईटेेंशन लाइन को भी शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए पावर पावर ग्रिड काॅर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया हाई टेंशन लाइन की शिफ्टिंग का प्लान बनाकर एयरपोर्ट अथाॅरिटी से एनओसी ले चुका है। बिरला ने हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने के लिए शीघ्र टेंडर करने को कहा। साथ ही राजस्थान सरकार के अधिकारियों को हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने के चिन्हित की गई वन भूमि के भी डायवर्जन की प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए कहा गया।

बिरला ने एयरपोर्ट अथाॅरिटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि डायवर्जन की प्रक्रिया के सामानांतर वे भी डीपीआर तैयार करने, आवश्यक स्वीकृतियों के आवेदन तैयार करने, सैंपल एकत्रित करने का काम प्रारंभ कर दें। इस पर अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की।

मुकुंदरा और रामगढ़ में सफारीअक्टूबर से
कोटा के मुंकुदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में अक्टूबर से जंगल सफारी प्रारंभ हो सकती है आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। बिरला ने दोनों टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी प्रारंभ किए जाने को लेकर जानकारी मांगी थी।
धौलपुर रिजर्व की स्वीकृति शीघ्र

धौलपुर टाइगर रिजर्व को लेकर भी चर्चा हुई। स्पीकर ने कहा कि धौलपुर टाइगर रिजर्व के अस्तित्व में आने से राजस्थान में पर्यटन गतिविधियों को बल मिलेगा। इस पर एनटीसीए के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि राजस्थान सरकार से प्रस्ताव आने पर वे जल्द से जल्द इसकी स्वीकृति देंगे।
घड़ियाल सेंचुरी का मसला सुलझेगा

कोटा में घडियाल सेंचुरी के निकट गतिविधियों को लेकर भी बैठक में बड़ा फैसला हुआ। बैठक में स्पीकर बिरला ने कहा कि चंबल नदी के किनारे बड़ी संख्या में निर्माण हो चुके हैं। ऐसे में वहां गतिविधियों की विधिवत स्वीकृति मिलनी चाहिए। इस पर अधिकारियों ने कहा कि एक किमी तक ही ईको सेंसिटिव जोन रखे जाने के प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को भेज दिए जाएंगे। वन मंत्रालय के अधिकारियों ने भी कहा कि राजस्थान सरकार इसका प्रस्ताव भेज दे, उसे तत्काल स्वीकृति दे दी जाएगी।

बैठक में भारत सरकार के महानिदेशक वन सीपी गोयल, अतिरिक्त महानिदेशक वन एसपी यादव, राजस्थान सरकार के प्रधान वन सचिव शिखर अग्रवाल, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर, नोडल अधिकारी जीएस भारद्वाज, एयरपोर्ट अथाॅरिटी के अध्यक्ष संजीव कुमार, सदस्य (प्लानिंग) एके पाठक, पावर ग्रिड काॅरपोरेशन आॅफ इंडिया के निदेशक (प्रोजेक्ट) अभय चौधरी, कार्यकारी निदेशक एके मिश्रा, वरिष्ठ डीजीएम बृजेश कुमार मीणा तथा प्रबंधक मदन लाल मीणा, लोकसभा सचिवालय के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ महाजन तथा लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता भी मौजूद रहे।

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