Monday, May 20, 2024
spot_img
Homeपुस्तक चर्चासंजय प्रयोगधर्मी रंग साधक हैंः संतोष चौबे

संजय प्रयोगधर्मी रंग साधक हैंः संतोष चौबे

भोपाल। संजय प्रयोगधर्मी रंग साधक हैं। उनकी पूरी यात्रा विविधता से पूर्ण है। यह बात शिक्षाविद संतोष चौबे ने श्री मेहता की नवीन नाट्य कृति “मरघटा खुला है” के विमोचन करते हुए कहा। श्री चौबे ने कहा कि संजय की यह कृति आध्यात्म से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सहज सरल कहानी समाज तक सीधे पहुंचती है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था, प्रेम, आदि विषय पर विमर्श का स्पेस क्रिएट करता है। यह आयोजन लोक प्रकाशन एवं रंग विमर्श ने संयुक्त रूप से किया था.

समारोह के विशिष्ट अतिथि श्री पुष्पेंद्र पाल सिंह ने नाट्य कृति के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आज के समाज की स्थिति का संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। श्री सिंह ने पुस्तक के लगभग सब प्रसंगों की चर्चा करते हुए कहा कि जब मंच पर इस नाटक को देखेंगे तब वह ज्यादा दिल के करीब होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सुपरिचित नाट्य निर्देशक एवम भारत भवन के न्यासी सदस्य श्री राजीव वर्मा ने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा तब इस तरह कोई किताब नहीं हुआ करती थी। इस बात का जरूर ध्यान रखते थे कि कुछ हंसी मजाक का पुट हो। मध्य प्रदेश में भारत भवन भवन बनने के बाद नाटकों का कल्चर विकसित हुआ। उन्होंने नाट्य कृति को एक उम्मीद बताया और कहा कि यह एक अच्छी शुरुवात है।

इसके पूर्व समारोह में उपस्थित मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक श्री टीकम जोशी ने कहा कि जब एक नाट्य निर्देशक किताब लिखता है तो उनके अनुभवों का खजाना होता है। और संजय मेहता जी जैसे निर्देशक किताब लिखते हैं तो बात ही और होती है।

लेखक श्री संजय मेहता ने किताब लेखन से जुड़े अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि समाज के संकट को इस किताब के माध्यम से लोगों को जागरूक करने और मरती संवेदना को जगाने की कोशिश है।
कार्यक्रम के आखिर में वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार ने आभार व्यक्त किया।

image_print

एक निवेदन

ये साईट भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कृति को समर्पित है। हिंदी के विद्वान लेखक अपने शोधपूर्ण लेखों से इसे समृध्द करते हैं। जिन विषयों पर देश का मैन लाईन मीडिया मौन रहता है, हम उन मुद्दों को देश के सामने लाते हैं। इस साईट के संचालन में हमारा कोई आर्थिक व कारोबारी आधार नहीं है। ये साईट भारतीयता की सोच रखने वाले स्नेही जनों के सहयोग से चल रही है। यदि आप अपनी ओर से कोई सहयोग देना चाहें तो आपका स्वागत है। आपका छोटा सा सहयोग भी हमें इस साईट को और समृध्द करने और भारतीय जीवन मूल्यों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए प्रेरित करेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

लोकप्रिय

उपभोक्ता मंच

- Advertisment -spot_img

वार त्यौहार