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डॉक्टर साहब दवाई तो तीन महीने की दे दी, मगर खाना तो दो दिन में एक बार भी नहीं मिलता है!

मुंबई में ऐसे तो रोज़ ही ऐसे कई आयोजन होते रहते हैं जहाँ फिल्मी दुनिया से लेकर कॉर्पोरेट जगत के चर्चित चेहरे शिकरत करते हैं, लेकिन 17 नवंबर को विश्व एपिलेप्सी दिवसर पर मुंबई के यशवंत राव चव्हाण सभागृह में एपिलेप्सी फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम हर दृष्टि से अलग था।

इस कार्यक्रम के सूत्रधार थे डॉ. निर्मल सूर्या, जो विगत दो-तीन वर्षों से महाराष्ट्र के जिला मुख्यालयों में हर महीने जाकर एपिलेप्सी (मिर्गी) के मरीजों को निःशुल्क परीक्षण इलाज और चेक अप की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।

इस कार्यक्रम की खास बात ये थी कि� इसके माध्यम से� एपिलेप्सी के मरीजों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। मंच पर एपिलेप्सी के मरीज जिस तरहसे अपनी चित्रकारी, नृत्य दि की प्रतिभा को प्रस्तुत कर रहे थे उसे देख कहीं से नहीं लगता था कि एपिलेप्सी के मरीजों में किसी तरह के आत्मविश्वास की कमी है। इस कार्यक्रम का मकसद भी यही था कि एपिलेप्सी के शिकार मरीजों को और उनके परिवार के लोगों के साथ ही आम लोगों को भी ये संदेश दिया जाए कि एपिलेप्सी कोई भूत-प्रेत या ऊपरी हवा की बीमारी नहीं है बल्क एक साधारण सी मस्तिष्क की बीमारी है और जब मस्तिष्क के कुछ स्नायुओं में थोड़ा सा अंसतुलन� होता है तो मरीज को मिर्गी का दौरा पड़ता है।

जब मरीज को मिर्गी का दौरा पड़ता है तो उसे न तो जूता सुँघाने की ज़रुरत होती है न प्याज सुँघाने की। ऐसे मरीज को तत्काल शुध्द हवा की ज़रुरत होती है और अगर उसकेआसपास से भीड़ हटा दी जाए तो कुछ ही देर में वह सामान्य स्थिति में आ जाता है।

इस कार्यक्रम में एपिलेप्सी के शिकार मरीजों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर ज़बर्दस्त वाहवाही लूटी।

इस अवसर पर डॉ. निर्मल सूर्या ने अपने भावुक शब्दों से वहाँ मौजूद सभी अतिथियों और श्रोताओं को झकझोर सा दिया।� डॉ. सूर्या ने कहा, मैं विगत दो वर्षों से एपिलेप्स के मरीजोंके लिए निःशुल्क शिविर क आयोजन कर रहा हूँ और हर महीने महाराष्ट्र के अलग-अलग जिला मुख्यालयो पर ये शिविर आयोजित किए जाते हैं। यहाँ मरीज़ों का चैक-अप करने से लेकर ईईजी और दवाईयाँ भी निःशुल्क दी जाती है। ये शिविर महाराष्ट्र सरकार और एनआरएचएम के सहयोग से किए जाते हैं। लेकिन कई बार ऐसे मरीज़ों से सामना होता है कि ह्रजॉदय काँप जाता है। डॉ. सूर्या ने अपनी बात पूरी करते हुए कहा, जब मैं मरीजों को तीन महीने की दवाई देने के साथ ये कहता हूँ कि ये दवाई खाने खाने के पहले या खाना खाने क बाद लेना है तो कई बार ऐसे मरीज भी आते हैं जो कहते हैं डॉक्टर साहब, हमारे घर में तो कई बार दो दो दिन तक खाना ही नहीं बनता है तो फिर ये दवाई कैसे लें। इन शब्दों के साथ जब डॉ. सूर्या ने अपनी बात खत्म की तो कार्यक्रम में मौजूद, संगीतकार अनु मलिक, फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा, महाराष्ट्र के लोकनिर्माण एवँ पर्यटन मंत्री श्री छगन भुजबल, महाराष्ट्र के आवास राज्य मंत्री श्री सचिन अहीर, भाजपा नेता श्री राज के पुरोहित, सब टीवी के लोकप्रिय धारावाहिक तारक मेहता का उल्टा चश्मा के श्री शैलेष लोढ़ा और अन्य कलाकार स्तब्ध रह गए।

इस अवसर पर श्री छगन भुजबल ने कहा किमिर्गी के मरीजों के लिए डॉ. निर्मल सूर्या जो कर रहे हैं वह अपने आप में बेमिसाल है। उन्होंने कहा कि हम तो डॉ. सूर्या को बस थोड़ा बहुत सहयोग कर देते हैं मगर वो पूरी निष्ठा से अपने काम में लगे हुए हैं। श्री भुजबल ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप लोगों को अपने कार्यक्रम के माध्यम से एपिलेप्सी को लेकर समाज में जो भ्रांतियाँ हैं वो दूर करने के लिए आगे आना चाहिए।

इस मौके पर संगीतकार अनु मलिक और निर्देशक श्री अनिल शर्मा ने डॉ. सूर्या के योगदान की चर्चा करते हुए आज के दौर में किसी मरीज को कोई डॉक्टर मुफ्त इलाज, दवाई आदि की सुविधा दे ये अपने आप में� सुकून देने वाली बात है।

इस मंच पर एपिलेप्सी के कई मरीजों ने भी अपने कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को रोमांचित किया। एपिलेप्सी के मरीजों का उत्साह बढ़ाने सा रे गा मा प कि विजेता रह चुकी और फिल्म दबंग व पुलिसगिरी में गीत गा चुकी पावनी भी मंच पर मौजूद थी और उन्होंने भी यादगार गीत पेश किए।

इस अवसर पर ज़ टीवी के डांस इंडिया डांस के नीरव और उनके सहयोगी कलाकारों ने भी शानदार डांस प्रस्तुत किया।

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