Monday, May 27, 2024
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“विश्व स्किजोफ्रेनिया दिवस” विचार गोष्ठी

कोटा। अग्रवाल न्यूरो साईकेट्री सेंटर कोटा द्वारा स्किजोफ्रेनिया मनोरोग की जानकारी, लक्षण, कारण व जन जागरण करने के लिए एक संगोष्ठी का आयोजन शनिवार को अस्पताल परिसर में किया गया। मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर श्री 1008 संत सुश्री  हेमा सरस्वती के आतिथ्य व कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. एम. एल. अग्रवाल वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ ने कहा कि स्किजोफ्रेनिया रोग लाइलाज नहीं है। आजकल नवीनतम एंटी साइकॉटिक दवाइयां इंजेक्शन आधुनिक तकनीक के साथ ईसीटी व आधुनिक उपलब्ध मैग्नेटिक थेरेपी से इलाज आसान हो गया है और रोगी ठीक होकर अपने  काम पर लौट जाता है। रोगी का समय पर इलाज कराएं उसे स्नेह दें। आवश्कता है समय रहते डॉक्टर को दिखाएं और उचित उपचार कराए।
डॉ.अग्रवाल ने पावर पॉइंट के माध्यम से बताया कि  भारत में जनसंख्या का एक प्रतिशत लगभग एक करोड़ 40 लाख लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं। यह बीमारी युवा वयस्कों की बीमारी के रूप में भी जानी जाती है पुरुषों में सामान्यतः 18 से 30 वर्ष महिलाओं में 16 से 24 वर्ष की आयु के दौरान यह प्रथम बार दृष्टिगोचर होती है । इस रोग से कोई भी जाति धर्म लिंग का व्यक्ति प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने बताया कि रोग के प्रारंभिक लक्षण जैसे कामकाज मैं रुचि ना होना एकाग्रता में कमी आना कानों में आवाजे आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। इस रोग का प्राचीन ग्रंथों व आयुर्वेदिक विभाग के  ग्रंथों में उल्लेख मिलता है रोग की तीव्रता के लिए रोगियों की पारिवारिक इतिहास बचपन में हुई क्षति पूर्ति विकास गर्भावस्था में प्रसूति के दौरान तकलीफ होने आदि की जानकारी करके एक मनोरोग विशेषज्ञ इसे पहचान कर परामर्श देता है , इलाज करता है।  इस रोग में दिमाग में केमिकल परिवर्तन होते हैं हार्मोन परिवर्तन होते हैं डोपामिन नामक हार्मोन के परिवर्तन से यह रोग होना पाया गया है। प्रतिवर्ष स्किजोफ्रेनिया   रोग के कारण व निवारण पर हम संगोष्ठी व जनचेतना कार्यक्रम आयोजित कर लोगों आम रोगी परिजनों समाजसेवियों को रोग के बारे में जानकारी देते रहे हैं । उन्होंने मुख्य अथिति का परिचय दिया।
इस अवसर पर आयोजित प्रश्नोत्तरी के विजेता एस.के. मेहता, शोभाराम शुभम एवं श्रीमती अनीता को पुरस्कृत किया गया। विशिष्ट अतिथि रोटेरियन रामगोपाल अग्रवाल, डॉ आर सी गुप्ता, डॉक्टर गिरधर गुप्ता रो. वी सी जैन सदस्य बाल कल्याण समिति, यज्ञदत्त हाड़ा प्रधान संचालक अ.भा.कौशिक गायत्री परिवार बोरखेड़ा, सचिव रो. नेमीचंद शर्मा ने  गणेश जी की पूजा अर्चना कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। समाजसेवी रामगोपाल अग्रवाल, डॉ.आर. सी.गुप्ता, पूर्व डिप्टी सीएमएचओ डॉ गिरधर गुप्ता,यज्ञदत्त हाड़ा, सुधींद्र गौड़ भी मौजूद रहे।
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