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ज़ी के तीन और अंतर्राष्ट्रीय चैनल डिस्कवरी नेशनल जिओग्राफिक और हिस्ट्री चैनल को टक्कर देंगे

एस्‍सेल ग्रुप के लिविंग ऐंटरटेनमेंट ब्रैंड द्वारा चार नए चैनल शुरू किए जाने हैं। इसी के तहत इनमें से एक चैनल लिविंग फूड्ज़ को तो शुरु किया जा चुका है। अब जल्दी ही तीन और और चैनल लिविंग रुट्ज़. लिविंग ट्रैवल, और लिविंग होमज़ भी आने वाले हैं। देश में लिविंग ब्रैंड के प्रवेश के लिए ग्रुप द्वारा करीब 50 करोड़ रुपये का लॉन्चिंग बजट रखा गया है, जिसमें मार्केटिंग का खर्च भी शामिल होगा।

ज़ी और एस्‍सेल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘कंपनी (लिविंग ऐंटरटेनमेंट) भारत से अगले छह से आठ महीनों में 30 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा लेगी औरअंतर्राष्ट्रीय बाज़ार से यह लगभग 80 करोड़ रुपये का राजस्वल जुटाएगी। अगले 12 महीनों में यह कंपनी 100 से 120 करोड़ रुपये का लक्ष्य पार कर जाएगी। मैं सोचता हूं कि अगले चार-पांच सालों में यह कारोबार एक हजार करोड़ रुपये सालाना का हो जाएगा।’ डॉ. सुभाष चंद्रा ने उम्‍मीद जताई कि यह चैनल एक साल में ही लाभ देने वाला बन जाएगा।

उन्‍होंने कहा कि लिविंग ब्रैंड के तहत तैयार किए जा रहे चारों चैनल भारत पर केंद्रित न होकर ग्‍लोबल स्‍तर पर केंद्रित होंगे और संज्ञानात्मक मनोरंजन या तथ्यात्मक मनोरंजन शैली में शामिल होनो वाला यह प‍हला एशियन नेटवर्क बन जाएगा। अभी तक इस शैली में विश्‍व में सिर्फ कुछ ही कंपनी हैं, जिनमें डिस्‍कवरी, नेशनल जियोग्राफिक चैनल l) और हिस्‍ट्री जैसे चैनल शामिल हैं।

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उन्‍होंने कहा, ‘लाइफस्‍टाइल और ज्ञानपरक रियलिटी टीवी दर्शकों की बात करें तो कुल टेलिविजन दर्शकों की 12 से 13 प्रतिशत है। स्वाभाविक मनोरंजन इससे ज्‍यादा है और फिल्मों का नंबर इसके बाद है। लिविंग, लाइफस्‍टाइल और वास्‍तविक ऐंटरेटनमेंट की दर्शक संख्या 12 से 13 प्रतिशत है, जहां से 18 से 20 प्रतिशत राजस्व आता है। यदि कुल टेलिविजन इंडस्‍ट्री 10 लाख करोड़ की है तो इसकी प्रोग्रामिंग का मार्केट एक से 1.5 करोड़ का है। यह इंडस्‍ट्री का आकार है और यह ज्‍यादा भी हो सकता है। मेरे सहयोगी मुझसे तर्क करेंगे और कहेंगे कि यह 1.75 लाख करोड़ का है लेकिन मैं यह कहूंगा कि यह 1 से 1.5 लाख करोड़ की इंडस्‍ट्री है जो जनरल ऐंटरटेनमेंट और दूसरे क्षेत्रों के मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रही है।’

इन चैनलों को शुरू करने के विचार के बारे में उन्‍होंने कहा कि इसकी शुरुआत ग्‍लोबल नेटवर्क बनने को लेकर उठे एक सवाल से हुई कि विभिन्‍न क्षेत्रों में जो अच्‍छा कर रहे हैं, हम उनसे बेहतर क्‍या कर सकते हैं। इसके बाद लोगों को यह बताने का निर्णय लिया गया कि कैसे भारतीय लोग एक स्‍वस्‍थ व सुखी जीवन जी सकते हैं। इसके साथ ही यह शुरुआत हो गई।

अन्‍य चैनलों की लॉन्चिंग के बारे में डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, यह एक के बाद एक शुरू किए जाएंगे, इनके लिए कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है। लेकिन दूसरा चैनल ज़ी लिविंग भारत में जल्‍द ही आ रहा है। इसका कॉन्‍सेप्‍ट भारत से लिया गया है इसका कॉन्‍सेप्‍ट भारत से लिया गया है लेकिन निर्माण पश्चिम के अनुसार किया गया है।

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