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उभरते कलाकारों का सशक्त काल्पनिक दृष्टिकोण दिखाती प्रदर्शनी ‘अंतर दर्शन’

रेणु खेरा द्वारा क्यूरेटेड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स की प्रदर्शनी में 40 प्रतिभाओं का कौशल

नई दिल्ली। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स (नीफा) द्वारा रफी मार्ग स्थित आल इंडिया फाइन आर्ट एंड क्राफ्ट सोसायटी में अपने छात्रों की वार्षिक कला प्रदर्शनी ‘अंतर दर्शन’ का आयोजन किया गया है। सप्ताह भर चलने वाली यह प्रदर्शनी छात्रों द्वारा महीनों से कला के प्रति उनके रूझान, काल्पनिक दृष्टिकोण और कड़ी मेहनत को सेलीब्रेट करती है। अंतर दर्शन शीर्षक से नीफा की निदेशक रेणु खेरा द्वारा क्यूरेटड इस प्रदर्शनी में 40 से अधिक छात्रों ने भाग लिया है और ऑयल ऑन कैनवास, एक्रेलिक ऑन कैनवास, चारकोल व सूखी पत्तियों एवम् मिक्स मिडियम में ऑरिजनल पेन्टिंग्स तैयार की हैं।

अंतर दर्शन यानि आत्मनिरीक्षण, आत्म अवलोकन या आत्मा खोज, इसी भाव के साथ भविष्य के कलाकारों के लिए एक मंच है यह प्रदर्शनी, जो कला के क्षेत्र में नाम बनाना चाहते है। प्रदर्शनी के माध्यम से नीफा न केवल अपने छात्रों को कला-प्रदर्शन का मौका देता है बल्कि कला जगत से जुड़े कलाकारों, गैलरी, कलैक्टर्स व कला प्रेमियों को आमंत्रित करके उनसे अपने अनुभव साझा करने का मंच भी प्रदान करता है।

27 मई तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रो. बमन बी दास (प्रख्यात कलाकार व अध्यक्ष आईफैक्स), संदीप मारवाह (निदेशक आफ्ट), श्री परमजीत सिंह (प्रख्यात कलाकार एवम् पूर्व अध्यक्ष, आईफैक्स) और नीलाद्री पॉल (जाने माने कलाकार) ने किया। उनके अतिरिक्त मौके पर नीफा की रेणु खेरा, प्रतिभागी कलाकार व कई अन्य अतिथिगण भी उपस्थित रहे।

मेहमानों को छात्रों का काम बेहद पसन्द आया और सभी ने कलाकारों की भूरि-भूरि प्रसंशा की। श्री दास ने कहा की छात्रों का काम देखना अद्भुत अनुभव है। जिस तरह की कला इन्होंने कैनवास पर उतारी है वह इनकी विशिष्ट प्रतिभा को दर्शाता है। मुझे लगता है कि यह कल के बड़े कलाकार के रूप में उभरकर आयेंगे।

रेणु खेरा ने कहा कि यह शो हमारी और बच्चों द्वारा पिछले कई महीनों से की मेहनत का परिणाम है। सभी छात्रों ने कड़ी मेहनत की है और अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि हम हर साल अपने छात्रों के लिए कला के क्षेत्र में प्रदर्शन और मंच देने के लिए प्रदर्शनियों का आयोजन करते हैं ताकि वे अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन कर सकें। इससे उन्हें बहुत आत्मविश्वास होता है और वे अच्छे काम करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।

अपने काम के विषय में बताते हुए युवा कलाकारों ने भी अपने अनुभव साझा किये। छात्रों में से एक निकिता सिंह ने कहा, मैंने अपनी पेंटिंग्स को आध्यात्मिकता के विषय पर तैयार की हैं, जहां ज्ञान, आनंद और आंतरिक शक्ति के प्रतीक के रूप में हाथियों का उपयोग किया है। मेरे तीनों ही चित्रों में दर्शकों को शांति व सद्भावना का अहसास होगा। मैंने 6 महीने पूर्व नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स जॉइन किया था और इससे मुझे लंबे अंतराल के बाद चित्रकला के लिए अपने जुनून प्राप्त करने में मदद मिली। एक अन्य कलाकार सोनिया ने बताया, आग, पृथ्वी, जल, आकाश, वायु; प्रकृति के बुनियादी पांच तत्व हैं जो सामूहिक रूप से हमारे दिमाग, शरीर और आत्मा से जुड़े होते हैं। हमारी मौलिक शक्तियां इन पांच तत्वों पर आधारित हैं जिन्हें पंच महाभारत कहा जाता है। मेरी पेंटिंग इन तत्वों पर आधारित है।

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