मुंबई। हिन्दू इकोनॉमिक फोरम द्वारा मुंबई में "सेलिब्रेटिंग वूमेन एंटरप्रेन्योरशिप – संकल्प से समृद्धि" विषय पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर की सफल महिला उद्यमियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लेकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण एवं नेतृत्व का उत्सव मनाया। यह कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, नेतृत्व विकास तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रभावी भूमिका को नई दिशा देने वाली एक सार्थक पहल के रूप में उभरकर सामने आया। 

स्टॉक एक्सचेंज के सहयोग से इसके  के भव्य सभागृह में आयोजित इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुंबई की महापौर श्रीमती ऋतु तावड़े थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व हिन्दू इकोनॉमिक फोरम एवं हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के सचिव श्री रविकांत मिश्रा ने की।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती ऋतु तावड़े ने सभी सम्मानित महिला उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा,  "प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' इसी व्यापक सोच का प्रतीक है कि महिलाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त हों। आज की महिला केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और विकास की समान भागीदार भी है। ऐसी प्रेरणादायी महिला उद्यमियों का सम्मान करना विकसित भारत की दिशा में एक अत्यंत सार्थक कदम है।" उन्होंने कहा कि जब मैं ऐसी उर्जावान महिलाओं और ऐसे कार्यक्रमों में आती हूँ तो मेरी काम करने की शक्ति और ऊर्जा अपनेआप बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि मैं स्वयं एक छोटे से अल्पबचत संगठन के साथ काम करते हुए यहाँ तक पहुँची हूँ, मुझे झुग्गी झोपड़ी की महिलाओं की समस्याओं का पता है क्योंकि मैं खुद चाल में रहती थी। मैने 5 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मुंबई की रफ्तार में कॉर्पोरेट में काम करने वाली महिलाओं के साथ झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली और आपके घरों में काम करने वाली महिलाओं का योगदान भी कम नहीं है। वो अगर आपके लिए काम ना करें तो आपकी रफ्तार धरी रह जाएगी। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं चूल्हे से लेकर चैकबुक तक पर अपना प्रभाव रखती है।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री रविकांत मिश्रा ने कहा कि हिन्दू इकोनॉमिक फोरम प्रतिवर्ष ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है, ताकि स्थापित उद्यमियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा उभरते व्यवसायिक नेतृत्व के बीच संवाद एवं सहयोग का एक सशक्त मंच तैयार किया जा सके।

उन्होंने कहा, "विश्व हिन्दू इकोनॉमिक फोरम का उद्देश्य केवल उद्यमियों को एक मंच पर लाना नहीं है, बल्कि ऐसा आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) विकसित करना है, जहाँ उद्योग जगत के अग्रणी, निवेशक, पेशेवर, स्टार्टअप तथा नवप्रवर्तक अपने अनुभव, ज्ञान और संसाधनों का आदान-प्रदान कर समाज की समृद्धि में योगदान दे सकें।

भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। आज आवश्यकता केवल महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे उद्यमी के रूप में विकसित करने की है जो स्वयं रोजगार सृजित करें।

मैं समाज के प्रत्येक वर्ग से भी आग्रह करता हूँ कि महिलाओं के लिए ऐसा सहयोगी वातावरण तैयार करें, जहाँ उन्हें मार्गदर्शन, मेंटरशिप, कानूनी सहायता, भावनात्मक सहयोग तथा समय पर आवश्यक मदद सहज रूप से उपलब्ध हो। आज भी अनेक शिक्षित एवं प्रतिभाशाली महिलाएँ सामाजिक दबाव, पारिवारिक परिस्थितियों तथा मानसिक तनाव के कारण कठिनाइयों का सामना करती हैं। हमें केवल अपनी बेटियों को शिक्षित ही नहीं करना है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, मानसिक रूप से सशक्त तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम भी बनाना है। यही वास्तविक अर्थों में महिला सशक्तीकरण है।"

कार्यक्रम में श्रीमती प्रियम गांधी-मोदी तथा श्रीमती रूबल नेगी ने मुख्य वक्ता के रूप में उद्यमिता, नेतृत्व, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में हिंदू इकानामिक फोरम के श्री गगन मेहरोत्रा, श्री स्वदेश खेतावत, श्री नरेंद्र दुबे, श्री मयूर शेजपाल, श्री शैलेष त्रिवेदी, श्रीमती दीपा सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।  आभार प्रदर्शन श्रीमती ज्योति खेतावत ने किया।

इस अवसर पर आयोजित एक विशेष पैनल चर्चा में नवाज़ मोदी सिंघानिया, विनीता दलाल, प्रीति राठी गुप्ता तथा सीतू कोहली ने महिला उद्यमिता, निवेश, ब्रांड निर्माण, वित्तीय आत्मनिर्भरता तथा व्यवसाय जगत में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। पैनल का सफल संचालन सुश्री सुधा शर्मा ने किया।  उन्होंने पैनलिस्ट महिलाओं के साथ विभिन्न प्रश्नों के साथ श्रोताओं के मन में उठने वाले कई प्रश्नों को सहज ही प्रस्तुत कर दिया।

सुधा शर्मा एक वरिष्ठ मीडिया प्रोफेशनल हैं, जो सरकारी मामलों (Government Affairs) और लोक नीति (Public Policy) के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती हैं। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान, कोलकाता (IIM Calcutta) से एमबीए किया है। दूरसंचार और मीडिया उद्योग में उनका 25 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। अपने पेशेवर जीवन में उन्होंने वोडाफोन, एयरसेल, टाइम्स ऑफ इंडिया समूह तथा नेटवर्क18 समूह जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं।

वर्तमान में वे वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (Warner Bros. Discovery) से जुड़ी हुई हैं, जो तथ्यात्मक (Factual) एवं विरासत-आधारित (Legacy) कथानक प्रस्तुत करने वाली विश्व की अग्रणी मीडिया कंपनी है। यह विश्व के सबसे प्रभावशाली और सम्मानित मीडिया समूहों में से एक है, जिसके अंतर्गत डिस्कवरी चैनल, CNN, HBO, TLC, एनिमल प्लैनेट तथा वार्नर ब्रदर्स स्टूडियोज़ जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली आठ प्रेरणादायी महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित हस्तियों में सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार एवं लेखिका रूबल नेगी; फिल्म अभिनेत्री, पूर्व मिस इंडिया तथा सिंटा (CINTAA) की निर्वाचित प्रतिनिधि साहिला चड्ढा; स्टे विस्टा की सह-संस्थापक एवं अधिग्रहण प्रमुख अंकिता शेठ; EUME की सह-संस्थापक नैना पारेख; अंडुरा एक्सपीडिशन्स प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुप्रनयी; हेजहॉग एंड फॉक्स एलएलपी की सह-संस्थापक एवं आपराधिक कानून विशेषज्ञ अधिवक्ता प्रियंका दुबे; ऑरम फूड्स की संस्थापक एवं निदेशक अनिशा आनंद तथा ग्रीन गोल्ड एग्रो की संस्थापक श्वेता बर्वे शामिल थीं।

दो सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन सुश्री पूर्वा मिश्रा एवँ सुश्री दीपा सिंह ने किया।

हिंदू इकानॉमिक फोरम द्वारा सम्मानित महिलाओं के बारे में 

साहिला चड्ढा

फिल्म अभिनेत्री, पूर्व मिस इंडिया एवं सिंटा (CINTAA) की निर्वाचित प्रतिनिधि

सुश्री साहिला चड्ढा प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री, पूर्व मिस इंडिया तथा सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। वे भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन कलाकारों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं तथा देशभर के हजारों कलाकारों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

सिंटा (CINTAA – Cine & TV Artistes' Association) भारतीय फिल्म और टेलीविजन कलाकारों का प्रमुख स्वायत्त ट्रेड यूनियन संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1958 में हुई थी और इसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है। यह संस्था कलाकारों के अधिकारों की रक्षा, निर्माण संस्थाओं (Production Houses) के साथ उत्पन्न विवादों के समाधान, चिकित्सा एवं कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा 10,000 से अधिक कलाकारों का प्रतिनिधित्व करने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।

साहिला चड्ढा ने "हम आपके हैं कौन..!" (1994), "वीराना" (1988) सहित अनेक हिंदी फिल्मों में अपनी प्रभावशाली अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया है। अपने सफल फिल्मी करियर के साथ-साथ उन्होंने कलाकारों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।

साहिला चड्ढा खार जिमखाना की प्रथम निर्वाचित महिला प्रबंध न्यासी (Managing Trustee) भी हैं। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व कौशल, सामाजिक प्रतिबद्धता और महिला सशक्तीकरण के प्रति उनके समर्पण का महत्वपूर्ण प्रमाण है। कला, सामाजिक नेतृत्व और संस्थागत उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में उनका बहुआयामी योगदान उन्हें एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करता है।

 रूबल नेगी

रूबल नेगी आर्ट फाउंडेशन (RNAF) की संस्थापक रूबल नेगी जम्मू-कश्मीर से हैं। वे एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त, पुरस्कार-विजेता भारतीय कलाकार, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनके प्रयासों से अब तक 10 लाख से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। कला के क्षेत्र में उनके नाम 800 से अधिक भित्ति चित्र (म्यूरल) एवं मूर्तियाँ तथा विश्वभर में 150 से अधिक कला प्रदर्शनियाँ आयोजित करने का गौरव प्राप्त है।

रूबल नेगी को वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित ग्लोबल टीचर प्राइज प्रदान किया गया, जो वार्की फाउंडेशन (Varkey Foundation) द्वारा यूनेस्को (UNESCO) के सहयोग से दिया जाता है। 10 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक) की पुरस्कार राशि वाला यह सम्मान विश्व का सबसे बड़ा शिक्षक सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार ऐसे असाधारण शिक्षक को प्रदान किया जाता है जिसने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया हो तथा समाज में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को नई पहचान दिलाई हो। वे इंडिया डिज़ाइन काउंसिल (IDC) की सदस्य भी हैं और सार्वजनिक कला (Public Art) के माध्यम से मुंबई के सौंदर्यीकरण की अग्रणी हस्तियों में शामिल हैं।

रूबल नेगी आर्ट फाउंडेशन (RNAF) एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसकी स्थापना इस उद्देश्य से की गई कि प्रत्येक बच्चे को ऐसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, जो उसे संवेदनशील, जिम्मेदार और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनने में सक्षम बनाए। यह संस्था वंचित एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने के लिए कम लागत वाली और टिकाऊ शैक्षिक व्यवस्थाओं पर आधारित अनेक कार्यक्रम संचालित करती है।

उनकी सामाजिक पहल "मिसाल मुंबई", जिसे अब "मिसाल इंडिया" के नाम से जाना जाता है, भारत की पहली झुग्गी-बस्ती परिवर्तन (Slum Transformation) पहल है, जिसका उद्देश्य समग्र सामाजिक परिवर्तन लाना है। इस अभियान के माध्यम से उन्होंने अब तक 3 लाख से अधिक घरों में शिक्षा, रोजगार, स्वच्छता और स्वास्थ्यकर जीवनशैली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं पर कार्य करते हुए व्यापक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मीडिया उद्योग में सुधा शर्मा ने अनेक उल्लेखनीय और प्रभावशाली परियोजनाओं का नेतृत्व किया है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रक चालकों के जीवन पर आधारित विशेष पहल, बनारस के हस्तकरघा एवं वस्त्र उद्योग के पुनरुत्थान, जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग को बढ़ावा देने से जुड़े प्रयास, रेरा (RERA) नीति पर वैश्विक कार्यक्रम, इंजीनियरिंग मार्वल्स, हिमालय के पिघलते हिमनदों पर विशेष प्रस्तुति, मेघालयन युग (The Meghalayan Age), द फोक स्टूडियो ऑफ इंडिया तथा महाकुंभ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित विशिष्ट मीडिया परियोजनाएँ शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के विषयों को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

नवाज़ मोदी सिंघानिया

लेखिका एवं संस्थापक – बॉडी आर्ट फिटनेस (Body Art Fitness)

नवाज़ मोदी सिंघानिया बॉडी आर्ट फिटनेस की संस्थापक हैं और भारत में फिटनेस एवं वेलनेस के क्षेत्र की सबसे सम्मानित और प्रभावशाली हस्तियों में से एक हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक समय से वे लोगों की फिटनेस के प्रति सोच को बदलने का कार्य कर रही हैं। उनका मानना है कि फिटनेस कोई अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक स्वस्थ और संतुलित तरीका (Lifestyle) है। अपनी संस्था बॉडी आर्ट फिटनेस के माध्यम से उन्होंने अनगिनत लोगों को शारीरिक रूप से सशक्त बनने, आत्मविश्वास विकसित करने और स्वयं के साथ एक स्वस्थ संबंध स्थापित करने के लिए प्रेरित किया है।

वे "Pause, Rewind – Natural Anti-ageing Techniques" पुस्तक की लेखिका भी हैं। इस पुस्तक में उन्होंने फिटनेस, संतुलित पोषण और सजग जीवनशैली (Mindful Living) के अपने गहन अनुभव एवं ज्ञान को समाहित किया है। नवाज़ ने इंडियन आइडल जूनियर और सुपर डांसर जैसे लोकप्रिय कार्यक्रमों की युवा प्रतिभाओं का मार्गदर्शन किया है। इसके साथ ही वे टाटा मुंबई मैराथन तथा स्टैंडर्ड चार्टर्ड मैराथन जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में फिटनेस विशेषज्ञ और प्रेरक वक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुकी हैं।

प्रिंट मीडिया, रेडियो और टेलीविजन में एक विश्वसनीय वेलनेस विशेषज्ञ के रूप में पहचान रखने वाली नवाज़ मोदी सिंघानिया आज भी विशेष रूप से महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने तथा गरिमा और सशक्तता के साथ उम्र को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करती हैं। उनकी जीवन-यात्रा यह संदेश देती है कि वास्तविक फिटनेस केवल शरीर तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह ऊर्जा, आत्मविश्वास और जीवन को आनंदपूर्वक जीने की भावना का नाम है।

प्रीति राठी गुप्ता
सह-प्रवर्तक (Co-Promoter), आनंद राठी समूह एवं संस्थापक – LXME

प्रीति राठी गुप्ता, आनंद राठी समूह की सह-प्रवर्तक एवं LXME की संस्थापक हैं। उन्होंने भारत में महिलाओं के धन प्रबंधन और निवेश के प्रति दृष्टिकोण को नई दिशा दी है। अपने दूरदर्शी नेतृत्व और नवाचार के माध्यम से उन्होंने 10 लाख से अधिक महिलाओं को अपनी वित्तीय जिम्मेदारी स्वयं संभालने के लिए प्रेरित किया है तथा छोटी-छोटी बचतों को सार्थक निवेश और वित्तीय आत्मविश्वास में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वे हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की पूर्व छात्रा हैं और बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं एवं बीमा (BFSI) क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव रखती हैं। अपने पूरे करियर में उन्होंने पारंपरिक सोच को चुनौती देते हुए वित्तीय समावेशन और नवाचार के नए आयाम स्थापित किए हैं।

आनंद राठी समूह की सह-प्रवर्तक के रूप में उन्होंने भारत के प्रमुख वित्तीय सेवा समूहों में से एक के ब्रोकिंग, कमोडिटीज़, करेंसी और फॉरेक्स एडवाइजरी व्यवसायों की स्थापना एवं विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी दूरदर्शिता, रणनीतिक सोच और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए उन्हें वित्तीय क्षेत्र में व्यापक सम्मान और पहचान प्राप्त हुई है।

बिनीता दलाल

संस्थापक एवं प्रबंध भागीदार (Founder & Managing Partner) – माउंट के कैपिटल (Mt. K Kapital)

बिनीता दलाल माउंट के कैपिटल (Mt. K Kapital) की संस्थापक एवं प्रबंध भागीदार हैं। वे एक अनुभवी व्यवसायिक एवं निवेश विशेषज्ञ हैं, जो कंपनी के निवेश प्राप्त उद्यमों (Investee Companies) के लिए परियोजनाओं के अधिग्रहण, रणनीतिक योजना और क्रियान्वयन का नेतृत्व करती हैं। कंपनी के पहले फंड की सफलता के बाद वे वर्तमान में भारत क्रेडिट फंड (India Credit Fund) के रूप में दूसरे फंड का नेतृत्व कर रही हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भी भागीदारी है। इससे माउंट के कैपिटल का वैश्विक निवेशक आधार और अधिक सशक्त हुआ है।

रियल एस्टेट वित्त और विकास फंड प्रबंधन (Real Estate Finance & Development Fund Management) के क्षेत्र में 17 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ बिनीता ने वर्ष 2008 में रुस्तमजी समूह (Rustomjee Group) के संचालन विभाग से अपने करियर की शुरुआत की। वर्तमान में वे क्रेडाई-एमसीएचआई (CREDAI-MCHI) की प्रबंध समिति की सदस्य तथा क्रेडाई (CREDAI) की वित्त संयोजक (Finance Convener) भी हैं। अपने पेशेवर जीवन में उन्होंने रुस्तमजी समूह के लिए ऋण (Debt) और इक्विटी (Equity) के माध्यम से 2 अरब अमेरिकी डॉलर (2 Billion USD) से अधिक की पूंजी जुटाई तथा कई रणनीतिक साझेदारियाँ स्थापित कीं, जिन्होंने भारतीय रियल एस्टेट उद्योग को नई दिशा दी।

उनकी सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में सिंगापुर की टेमासेक समर्थित कंपनी केपेल लैंड (Keppel Land) के साथ भारत के आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र का पहला इक्विटी प्लेटफ़ॉर्म समझौता शामिल है, जिसके अंतर्गत मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में रुस्तमजी अर्बानिया परियोजना को विकसित किया गया। वर्ष 2018 में उन्होंने दुनिया के पहले पूरी तरह सुसज्जित (Fully Furnished) IKEA Homes की अवधारणा को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाई। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान उन्होंने स्वयंसेवकों के सहयोग से 'इंडियाशील्ड (IndiaShield)' नामक एक ऐप की सह-स्थापना की, जिसने महामारी से प्रभावित लोगों तक समय पर आवश्यक सहायता पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बिनीता दलाल वित्त और रियल एस्टेट क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित विचार नेतृत्वकर्ता (Thought Leader) हैं। वे सेबी (SEBI), भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) तथा अन्य नियामक संस्थाओं के साथ विभिन्न मंचों पर उद्योग का प्रतिनिधित्व करती हैं और वित्तीय एवं रियल एस्टेट नीतियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से अपनी बात रखती हैं। इसके अतिरिक्त, वे भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक प्रॉपटेक (PropTech) फंड के निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें गोल्डन ब्रिक अवॉर्ड्स 2018 का वुमन रियल एस्टेट प्रोफेशनल ऑफ द ईयर, ईटी नाउ रियल एस्टेट अवॉर्ड्स 2019 का वुमन अचीवर ऑफ द ईयर, रियल्टी प्लस एक्सीलेंस अवॉर्ड्स का वुमन CXO ऑफ द ईयर, इक्वालिफाई (Equalifi) द्वारा इंडियाज़ टॉप वूमेन इन फाइनेंस 2023, रियल्टी+ वूमेन आइकन कॉन्क्लेव एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2023, रियल्टी+ 40 अंडर 40 अवॉर्ड 2023, इकोनॉमिक टाइम्स रियल एस्टेट कॉन्क्लेव एंड अवॉर्ड्स 2025 का वुमन अचीवर ऑफ द ईयर तथा आउटलुक यंग गेम चेंजर ऑफ इंडियन रियल्टी 2025 सहित अनेक अन्य सम्मान शामिल हैं।

बिनीता दलाल ने जयहिंद कॉलेज, मुंबई से बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (BMS) की डिग्री प्राप्त की है तथा वे भारतीय प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु (IIM Bangalore) की पूर्व छात्रा (Alumna) हैं। आज वे भारतीय निवेश, वित्त और रियल एस्टेट क्षेत्र में दूरदर्शी नेतृत्व, नवाचार और उत्कृष्ट प्रबंधन का सशक्त उदाहरण मानी जाती हैं।

सीतू कोहली

आर्किटेक्ट एवं संस्थापक – सीतू कोहली होम (Seetu Kohli Home)


सीतू कोहली भारत की अग्रणी आर्किटेक्ट, उद्यमी और सांस्कृतिक दृष्टा (Cultural Visionary) हैं। पिछले दो दशकों में उन्होंने अपने अभिनव कार्यों के माध्यम से भारतीय वास्तुकला और इंटीरियर डिज़ाइन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। भारत, कतर, लंदन, पेरिस और लॉस एंजेलिस सहित विश्व के विभिन्न देशों में उनके द्वारा किए गए प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स ने यह सिद्ध किया है कि भारतीय प्रतिभा, रचनात्मकता और शिल्पकला विश्व के सर्वोच्च मानकों पर खरी उतरती है।

सीतू कोहली होम (Seetu Kohli Home) की संस्थापक के रूप में, जिनके कार्यालय भारत और कतर में स्थित हैं, उन्होंने भारत में विश्वविख्यात लक्ज़री होम एवं इंटीरियर ब्रांड्स जैसे फेंडी कासा (Fendi Casa), बेंटले होम (Bentley Home), राल्फ लॉरेन होम (Ralph Lauren Home), अरमानी कासा (Armani Casa) तथा ट्रसार्डी कासा (Trussardi Casa) को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय डिज़ाइन उत्कृष्टता, पारंपरिक शिल्पकला और देश के कुशल कारीगरों की कला को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने के लिए निरंतर कार्य किया है।

सीतू कोहली का कार्य केवल भव्य और उत्कृष्ट इंटीरियर डिज़ाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारतीय विरासत, शिल्प परंपरा और आधुनिक वैश्विक सौंदर्यबोध का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। उनके नेतृत्व और दूरदर्शी दृष्टिकोण ने भारतीय डिज़ाइन उद्योग को विश्व मंच पर नई ऊँचाइयाँ प्रदान की हैं, जिससे वे आज भारत की सबसे प्रभावशाली डिज़ाइन एवं वास्तुकला विशेषज्ञों में गिनी जाती हैं।

अनिशा आनंद

संस्थापक एवं निदेशक – औरम फूड्स (Aurum Foods)

अनिशा आनंद औरम फूड्स (Aurum Foods) की संस्थापक एवं निदेशक हैं। उन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व और नवाचारपूर्ण सोच के बल पर एक अग्रणी खाद्य एवं आतिथ्य (Food & Hospitality) उद्यम की स्थापना की है, जिसने देश में पाक-कला (Culinary) के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। मुंबई के 12 प्रतिष्ठित जिमखानों में अपनी सशक्त उपस्थिति के माध्यम से उन्होंने उत्कृष्ट गुणवत्ता, नवाचार और श्रेष्ठ आतिथ्य सेवा की एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

खाद्य एवं आतिथ्य उद्योग में उनके उल्लेखनीय योगदान को Elle Impact, Femina, Economic Times, Food Connoisseur Awards, WOW तथा UNIMO जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित किया गया है। उनकी उपलब्धियों और प्रेरणादायी उद्यमशील यात्रा को Elle, Femina, टाइम्स ऑफ इंडिया, बिजनेस वर्ल्ड, ज़ी न्यूज़ तथा इकोनॉमिक टाइम्स जैसे देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने भी व्यापक रूप से सराहा और प्रकाशित किया है।

अनिशा आनंद ने अपने नवाचार, गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट ग्राहक अनुभव के माध्यम से भारतीय खाद्य एवं आतिथ्य उद्योग में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि दूरदृष्टि, समर्पण और उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रयास किसी भी उद्यम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं। आज वे युवा उद्यमियों, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त उदाहरण हैं।

नैना पारेख

सह-संस्थापक – EUME

नैना पारेख भारत के अग्रणी प्रीमियम लगेज एवं ट्रैवल लाइफस्टाइल ब्रांड EUME की सह-संस्थापक हैं। वर्ष 2018 से वे अपने दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से यात्रा के अनुभव को नया स्वरूप देने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने ऐसे उत्पाद विकसित किए हैं, जिनमें नवाचार, उपयोगिता और आकर्षक डिज़ाइन का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिलता है। उनकी उद्यमशील यात्रा की शुरुआत दुनिया के पहले इन-बिल्ट मसाजिंग बैकपैक के लॉन्च से हुई, जो उनका पेटेंट प्राप्त आविष्कार है और जिसने वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान अर्जित की। किंतु यह उनकी सफलता की केवल शुरुआत थी।

आज नैना पारेख के नेतृत्व में EUME एक अग्रणी और नवोन्मेषी लगेज ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। कंपनी के उत्पादों की श्रृंखला में एल्यूमिनियम ट्रॉली बैग, स्मार्ट एवं डिज़ाइन-आधारित केबिन बैग, वीगन हैंडबैग तथा अन्य आकर्षक ट्रैवल एक्सेसरीज़ शामिल हैं, जो आधुनिक यात्रियों की आवश्यकताओं और जीवनशैली को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं।

अंकिता शेठ

सह-संस्थापक एवं अधिग्रहण तथा मानव संसाधन प्रमुख – स्टेविस्टा (StayVista)

अंकिता शेठ भारत के वैकल्पिक आवास (Alternate Stay) क्षेत्र की पहली महिला उद्यमियों में से एक हैं। वे एक उद्यमशील परिवार से आती हैं और उनका पूरा पेशेवर जीवन सशक्त टीमों के निर्माण तथा व्यवसाय के विस्तार के लिए समर्पित रहा है।

स्टेविस्टा (StayVista) में वे अधिग्रहण एवं मानव संसाधन प्रमुख (Head of Acquisitions & HR) के रूप में कंपनी के विकास का नेतृत्व कर रही हैं। उनकी जिम्मेदारियों में नई संपत्तियों का अधिग्रहण, गृहस्वामियों (Homeowners) के साथ दीर्घकालिक संबंध स्थापित करना, मानव संसाधन प्रबंधन तथा उभरते बाजारों में कंपनी के विस्तार की रणनीति को सफलतापूर्वक लागू करना शामिल है। उनके नेतृत्व में स्टेविस्टा ने देशभर में अपने लक्ज़री विला नेटवर्क का निरंतर विस्तार किया है।

उद्यमिता की दिशा में उनका सफर ओयो (OYO) में मुंबई क्षेत्र की हेड ऑफ एक्विज़िशन्स के रूप में सफल कार्यकाल से शुरू हुआ। इससे पहले वे स्टैंटन चेस (Stanton Chase) में वरिष्ठ स्तर की नेतृत्व नियुक्तियों (Executive Search) तथा बोस्टन एनालिटिक्स (Boston Analytics) में प्रतिभा चयन (Talent Resourcing) जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़ी रहीं। इन अनुभवों ने उन्हें व्यवसाय विस्तार, प्रतिभा प्रबंधन और रणनीतिक नेतृत्व की गहरी समझ प्रदान की।

यात्रा के प्रति उनका विशेष लगाव और गुणवत्ता के प्रति उनकी सजग दृष्टि ने उन्हें भारत में लक्ज़री विला स्टे और अवकाश गृह (Luxury Villa Rentals) का एक मजबूत नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रेरित किया। होटल एग्रीगेशन और उत्कृष्ट यात्रा अनुभव की अवधारणा से प्रेरित होकर उन्होंने अपने सह-संस्थापकों प्रणव माहेश्वरी और अमित दमानी के साथ वर्ष 2015 में स्टेविस्टा (StayVista) की स्थापना की। इस पहल का उद्देश्य बड़े परिवारों और समूहों के लिए पूर्ण सुविधाओं से युक्त (Fully Serviced) लक्ज़री विला आवास उपलब्ध कराना था। आज स्टेविस्टा भारत के प्रमुख प्रीमियम वेकेशन रेंटल प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है और अंकिता शेठ इसकी सफलता के पीछे प्रमुख प्रेरक शक्ति हैं।

श्वेता बर्वे

संस्थापक, ग्रीन गोल्ड एग्रो

श्वेता श्रीनिवास बर्वे, आयु 25 वर्ष, सावंतवाड़ी, जिला सिंधुदुर्ग, महाराष्ट्र की निवासी हैं।

शिक्षा:
बी.कॉम. (बैंकिंग एवं इंश्योरेंस) तथा एमबीए

मुख्य कार्य:


  • सुपारी (अरेका) के आवरण (Areca Sheath) से पर्यावरण-अनुकूल फुटवियर (जूते-चप्पल) का निर्माण।
  • अरेका नट के आवरण को उपयोगी एवं मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित किया।
  • वर्ष 2019 के कोविड लॉकडाउन के दौरान अपने उद्यम की शुरुआत की।
  • अपने उद्यम के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं के लिए सफलतापूर्वक रोजगार के अवसर सृजित किए।
  • अपने अभिनव एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के लिए अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त किए।
  • भारत सरकार से अपने उत्पाद के लिए पेटेंट प्राप्त किया।
श्री सुप्रनयी

सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) – एंडुराएक्स / एंडुरा एक्सपीडिशन्स प्राइवेट लिमिटेड

श्री सुप्रनयी एक एयरोस्पेस इंजीनियर और उद्यमी हैं, जो भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं राष्ट्रीय रक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाने के लिए समर्पित हैं। एंडुराएक्स (AnduraX) की सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में वे भारत के पहले निजी स्पेसप्लेन (Private Spaceplane) के विकास का नेतृत्व कर रही हैं। यह एक पुनः प्रयोज्य (Reusable) अंतरिक्ष मंच है, जिसे रक्षा एवं वाणिज्यिक दोनों क्षेत्रों के लिए अंतरिक्ष तक पहुँच को अधिक प्रभावी, किफायती और सुलभ बनाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने अमृता विश्व विद्यापीठम् से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बी.टेक. तथा वित्त (Finance) में एमबीए की उपाधि प्राप्त की है। एंडुराएक्स की स्थापना से पूर्व उन्होंने प्रोपल्शन इंजीनियर के रूप में कार्य करते हुए रॉकेट इंजनों के विकास और परीक्षण में प्रत्यक्ष योगदान दिया। इसके अतिरिक्त वे एक स्पेस-टेक स्टार्टअप में बिज़नेस डेवलपमेंट की उपाध्यक्ष (VP – Business Development) तथा तकनीकी संचालन की उपाध्यक्ष (VP – Technical Operations) के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुकी हैं।

श्री सुप्रनयी का लक्ष्य भारत में स्वदेशी एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी की कमियों को दूर करते हुए ऐसे अभिनव समाधान विकसित करना है, जो देश की रक्षा क्षमताओं को और अधिक मजबूत करें तथा सतत एवं दीर्घकालिक अंतरिक्ष अन्वेषण (Sustainable Space Exploration) को नई गति प्रदान करें। अपने नवाचार, तकनीकी दक्षता और दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से वे भारत को वैश्विक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

अधिवक्ता प्रियंका दुबे

सह-संस्थापक – हेजहॉग एंड फॉक्स एलएलपी (Hedgehog & Fox LLP) | आपराधिक कानून विशेषज्ञ

अधिवक्ता प्रियंका दुबे एक प्रतिष्ठित विधि विशेषज्ञ हैं, जिन्हें आपराधिक मुकदमेबाजी (Criminal Litigation), व्हाइट-कॉलर अपराध (White-Collar Crime) तथा जटिल कानूनी विवादों के समाधान के क्षेत्र में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। प्रथम पीढ़ी (First-Generation) की वकील होने के बावजूद उन्होंने अपने अथक परिश्रम, विधिक उत्कृष्टता और न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के बल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

उनका विधिक कार्यक्षेत्र भारत के सर्वोच्च न्यायालय, बॉम्बे उच्च न्यायालय, दिल्ली उच्च न्यायालय, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय तथा देशभर के विभिन्न जिला एवं सत्र न्यायालयों—जिनमें जयपुर, जबलपुर, इंदौर और पोर्ट ब्लेयर प्रमुख हैं—तक विस्तृत है। अपने करियर के दौरान उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी की है, जिनमें सेलिब्रिटी मामलों, आईपीएल (IPL) से जुड़े प्रकरण, चर्चित घोटाला (Scam) मामले, सेबी (SEBI) से संबंधित विवाद, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के मामले तथा एनएससीएल (NSCL) प्रकरण जैसे उच्च-प्रोफ़ाइल मुकदमे शामिल हैं।

न्यायालय के बाहर भी अधिवक्ता प्रियंका दुबे कानून के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। हेजहॉग एंड फॉक्स एलएलपी (Hedgehog & Fox LLP) में उनके नेतृत्व में कार्यरत टीम के लगभग 80 प्रतिशत सदस्य महिलाएँ हैं। वे विधि व्यवसाय में लैंगिक समानता (Gender Equity), महिला नेतृत्व और समान अवसरों को बढ़ावा देने की प्रबल समर्थक हैं।

वे अपने विधिक कार्य का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा निःशुल्क विधिक सेवाओं (Pro Bono Services) के लिए समर्पित करती हैं, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित हो सके। साथ ही, वे युवा विधि पेशेवरों का मार्गदर्शन कर उन्हें एक सक्षम, संवेदनशील और उत्तरदायी अधिवक्ता बनने के लिए प्रेरित करती हैं। न्याय, सेवा और नेतृत्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें भारतीय विधि जगत की प्रेरणादायी महिला हस्तियों में विशिष्ट स्थान प्रदान करती है।