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निर्दलीय जीती महिला सरपंच ने बदल दी गाँव की तस्वीर

एक महिला सरपंच ऐसी भी है, जिन्होंने पूरे गांव को अपनी मेहनत के उजाले से रोशन किया है। हम आपको मिलवा रहे है मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिला मुख्यालय से लगभग 30 किमी दूर नालछा में महिला सरपंच वसुंधरा विजयसिंह ठाकुर से। वसुंधरा एक ऐसी साधारण महिला से जिन्होंने गांव को एक नई दिशा देने का बीड़ा उठाया था। उनमें महिला सशक्तिकरण की बातों हिलौरे मारती है, यही परिणाम है, जिससे उन्होंने आज बतौर सरपंच गांव को नई दिशा और अलग पहचान दिलवाई।

चुनाव जीतते ही सामने आई परेशानी
घर का चुल्हा-चोका संभालने वाली यह साधारण महिला अपने गांव की दशा देख बेहद परेशान रहती थी, कई बार पुराने सरपंच व अधिकारियों का दरवाजा खटखटा चुकी थी, लेकिन समस्या जस की तस थीं। यह सूरत बदलने के लिए उन्होंने खूद चुनाव के दंगल में कूदने का निर्णय किया और निदर्लिय चुनाव लड़कर जीत हासिल की। जीतने के बाद पिछले कार्यकाल का लाखों रुपए बकाया था, जिसके चलते नल-जल योजना ही बंद कर दी गई थी। जीतने के बाद लाखों रुपए का बिल महिला सरपंच के सामने आ गया था, इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। नालछा में इस बार महिला सरपंच है। ये महिला सरपंच बिना राजनीति पार्टी के सपोर्ट से लड़ी थी। चुनाव में महिला वसुंधरा का नारा था कि कोई पार्टी नहीं सिर्फ गांव के विकास से सरोकार है। ये नारा उनका काम कर गया और लोगों ने भाजपा-कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को दरकिनार करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार को विजय बना दिया।

बिना जीते दी थी स्टेडियम की सौगात
image (100)वसुंधरा ने चुनाव लडऩे के पहले ही गांव के विकास की सोचा बना ली थी। गांव में युवाओं के लिए स्टेडियम के लिए सोच बनाई थी। वसुंधरा ने स्टेडियम के लिए अधिकारियों से मुलाकात की । वुसुधरा बताती है कि राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत स्टेडियम बन सकता था। स्टेडियम के लिए फिर नौ बीघा जमीन की जरूरत पड़ी। जमीन के लिए लगातार उन्होंने संघर्ष किया और अधिकारियों की मदद से जमीन भी मिल गई। नालछा में लगभग एक करोड़ से अधिक की राशि से स्टेडियम निर्माण भी शुरू होने वाला है।

अब नहीं होती है लाईट कटौती
वसुंधरा ने जीतने के बाद सबसे पहला फोकस बिजली, पानी और प्रकाश व्यवस्था पर किया है। नल-जल योजना के लिए विद्युत की पर्याप्त व्यवस्था की गई। आए दिन बिजली कट हो जाने पर नालछा की विद्युत व्यवस्था गढ़बड़ा जाती थी, लेकिन आज की स्थिति में वाटर पंप पर कटौती होती नहीं है। जिसके चलते नालछा को भरपूर पानी मिल रहा है। इसके अलावा गांव के प्रमुख मार्गों पर एलईडी लाईट लगाई जा रही है।
गांव सहित अधिकारी करते है सहयोग।

बिना राजनीतिक पार्टी के सहयोग सरपंच नालछा वसुंधरा बेहतर काम करती नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि गांव के लोग उन्हें बेहतर सहयोग करते है। साथ ही कुछ असामाजिक तत्व विकास में रोडा जरूर डाल रहे है,लेकिन ऐसे लोगों से निपटते हुए सिर्फ विकास पर ही ध्यान दिया जाता है। वसुंधरा ने बताया कि जब भी गांव की विकास की योजना लेकर वे कलेक्टर और आला अधिकारी के पास जाती है, तो उन्हें भरपूर मदद मिलती है।

साभार- http://mp.patrika.com/ से

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