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पुलिस ने जाँच में सहयोग नहीं किया तो कब्रिस्तान में ही रात गुजारी ईमानदार आईएएस अधिकारी ने

तमिलनाडू के एक आईएएस अफसर आजकल चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनकी ड्यूटी के प्रति प्रतिबद्धता के चलते वे सोशल मीडिया पर एक हीरो के तौर पर चर्चित हो रहे हैं।
जी हां, हम बात कर रहे है वरिष्‍ठ आईएएस अधिकारी यू सगायम की, जिन्होंने पिछले शनिवार की पूरी रात उन्होंने कब्रिस्तान में ने पूरी रात कब्रिस्‍तान में ही गुजारी। मामला कुछ यूं है उन्‍हें हाई कोर्ट ने करोड़ों रुपए के ग्रेनाइट घोटाले की जांच के लिए लीगल कमिश्‍नर नियुक्‍त किया है। इस मामले के तहत आरोपी पर इस क्रबिस्तान में 12 इंसानों को दफनाने का आरोप है।

शनिवार को उन्होंने स्थानीय पुलिस से कब्रिस्तान में दफन किए गए शवों को निकालने को कहा पर पुलिस द्वारा इस जांच को शुरू करने में अक्षमता जाहिर करने के बाद आईएएस अधिकारी ने शनिवार की रात कब्रिस्‍तान में सोकर बिताई।

सगायम के करीबी अधिकारियों ने बताया कि आईएएस अधिकारी इस बात से परेशान थे कि कब्रिस्‍तान में मौजूद साक्ष्‍यों के साथ छेड़छाड़ कर दी जाएगी।

सगायम ने अधिकांश समय पत्रकारों और स्‍थानीय पुलिस से बातचीत करते हुए बिताया। एक अधिकारी ने बताया कि सगायम करीब-करीब पूरी रात जागते रहे। वह रविवार सुबह होने पर सर्किट हाउस गए।

कब्रिस्‍तान में सगायम की सोते हुए तस्‍वीर सोशल मीडिया में वायरल हो गई है। उनके समर्थक बड़े और रसूखदार लोगों के खिलाफ की जा रही उनकी जंग की प्रशंसा कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कब्रिस्‍तान की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी सगायम पुलिस और राजस्‍व विभाग पर छोड़ सकते थे। इसके लिए उन्‍हें सुझाव भी दिया गया था।

उनकी इस प्रतिबद्धता के चलते वे ट्विटर पर छा गए हैं। हैशटैग #standwithsagayam के जरिए लोग उनके प्रति अपना समर्थन दिखा रहे हैं।

क्‍या है मामला
मदुरै के मेलूर में ग्रेनाइट का कारोबार करने वाले पीआर पलानिस्वामी पर आरोप है कि उन्होंने कारोबार को बढ़ाने के लिए 12 इंसानों की बलि दी है। मारने के बाद शवों को क्रबिस्तान दफना दिया गया।

एक कर्मचारी की निशानदेही पर की जा रही खुदाई में जांचकर्ताओं को मानव अवशेष भी मिले हैं। अब तक चार लोगों का कंकाल बरामद किए जा चुका है। पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट्स का इंतजार कर रही है।

मामले का खुलासा पीआरपी ग्रुप के एक पूर्व ड्राइवर ने किया। उसने ग्रुप के मालिक पर नरबलि देने का आरोप लगाया। ड्राइवर ने बताया कि कंपनी जब किसी संकट में फंसती थी या कंपनी की कोई डील तय होती थी, तब इंसानों की बलि दी जाती थी।

वहीं, आरोपी पलानिस्वामी ने इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया है और इसकी सीबीआई जांच की मांग की है। पलानिस्वामी का कहना है कि उन पर आरोप लगने वाले ड्राइवर का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, और पैसे की उगाही के लिए उसने उन पर झूठा आरोप लगाया है।

साभार- http://www.samachar4media.com/ से

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