उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर की रजा लाइब्रेरी (Raza Library) में फारसी भाषा में लिखी वाल्मीकि रामायण रखी है. सुमेर चंद ने 1713 में मुगल शासक फर्रुखसियर के शासनकाल में इसका संस्कृत से फारसी में अनुवाद किया था. इसके हर पन्ने को खालिस सोने और कीमती पत्थरों से सजाया गया है. इसमें 258 तस्वीरें भी हैं.
उत्तर प्रदेश के रामपुर की रज़ा लाइब्रेरी में रखी वाल्मीकि रामायण का फारसी में अनुवाद सुमेर चंद ने किया था.
रामपुर. देश की राजधानी में हिंदू-मुस्लिम फसाद को लेकर अफवाहों का बाजार बार-बार गरम हो रहा है. दिल्ली (Delhi) में दोनों समुदायों के जिम्मेदार लोग अफवाहों को खारिज कर गरम मिजाज लोगों को अमन की राह पर लौटाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं. दोनों ही समुदायों के लोग आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए शांति की बातें बार-बार दोहरा रहे हैं. हम सब जानते हैं कि भारत हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब का पैरोकार रहा है. उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर की रजा लाइब्रेरी में रखी फारसी भाषा में अनुवाद की गई वाल्मीकि रामायण (Valmiki Ramayana) इस बात की गवाही देने के लिए काफी है.
सुमेर चंद ने 1713 में पारसी में किया था अनुवादः संस्कृत से फारसी भाषा में अनुवाद की गई इस रामायण की सबसे बड़ी खूबी है कि ये ऊं (Aum) के बजाय 'बिस्मिल्लाह-अर्रहमान-अर्रहीम' से शुरू होती है. इसके मायने हैं, 'शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से, जो बेहद रहम वाला है. उस वहदूद लाशरीक यानी अद्वितीय ईश्वर के उपकार के बाद मैं यह रामायण लिख रहा हूं.' रामपुर (Rampur) की रजा लाइब्रेरी (Raza Library) में मौजूद इस रामायण का संस्कृत (Sanskrit) से फारसी (Persian) में अनुवाद सुमेर चंद (Sumer Chand) ने 1713 में किया था. सुमेर चंद ने मुगल शासक फर्रुखसियर के शासनकाल में पारसी वाल्मीकि रामायण लिखी थी.
फारसी भाषा में अनुवाद की गई इस रामायण के हर पन्ने को खालिस सोने (Gold) और कीमती पत्थरों (Precious Stones) से सजाया गया है. इसमें प्रसंगों के मुताबिक मुग़ल शैली (Mughal Style) में 258 चित्र (Pictures) बनाए गए हैं. उन तस्वीरों में राम, सीता और रावण बिल्कुल अलग दिखते हैं. पारसी रामायण के रावण के दस सिर तो हैं, लेकिन उसका 11वां सिर गधे का है, जो सबसे ऊपर दिखाया गया है. इसके अलावा चित्रों में दिखाए गए पात्रों के आभूषणों, कला, वास्तुकला, वेशभूषा मध्ययुगीन काल (Medieval Times) में भारत की संस्कृति पर रोशनी डालते हैं.





