ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

मजदूर पिता की बेटी ने टॉर्च की रोशनी मेॆं पढ़ाई कर रोशन किया पिता का नाम

छिंदवाड़ा (म.प्र.)। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ सरकार के इस अभियान को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के उमरेठ ब्लॉक के बीजकवाड़ा गांव के दिनेश पवार ने सार्थक कर दिया। उन्होंने मजदूरी कर बेटी शिवानी को पढ़ाया तो बेटी शिवानी पवार ने भी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। उसने लगन, मेहनत से पढ़ाई कर कक्षा 12 वीं में कला संकाय में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। दिनेश बताते हैं सोमवार शाम को जब मैं मजदूरी कर घर लौटा तो गांव वालों ने सिर्फ इतना बताया आपकी बेटी ने टॉप किया है, यह सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

शिवानी की मां अजिता पवार ने बताया कि बिजली गुल हो जाती तो मेरी बेटी टार्च जलाकर पढ़ती थी। पढ़ते-पढ़ते सिर दुखने लगता तो सो जाती, फिर उठकर पढ़ने लगती। शिवानी कहती थी कि मैं एक दिन पूरे गांव का नाम रोशन करूंगी।

सरकारी साइकिल चोरी हुई तो पिता ने दूसरी खरीदकर दी

कक्षा दसवीं में शासकीय योजना के तहत शिवानी को साइकिल मिली थी, लेकिन वह चोरी हो गई। पिता ने मजदूरी के पैसे से दूसरी साइकिल खरीदकर दी ताकि बेटी को पढ़ाई में दिक्कत न हो।

टीचिंग फील्ड में बनाऊंगी करियर : शिवानी

स्टडी के दौरान मैंने खुद को तनाव से मुक्त रखा। इसी कारण मैं अपने दिमाग को शांत रख सकी। पढ़ाई का ज्यादा तनाव नहीं लिया। एक्जाम के अंतिम समय में प्रिपरेशन बढ़ा दी थी। रिजल्ट का श्रेय मैं अपने टीचर्स और पेरेंट्स को देना चाहती हूं। मैने एक्जाम के दौरान अपनी किसी भी एक्टिविटी को बंद नहीं किया। टेंशन दूर करने के लिए मैंने यह रास्ता चुना। टीचर्स के गाइडेंस में मैंने एक्जाम की प्रिपरेशन की। मैं आगे चलकर छोटे-छोटे बच्चों को एजुकेशन देना चाहती हूं। टीचिंग करना मेरा बचपन का सपना रहा है।

शिवानी पवार, पिता- दिनेश पवार, निवासी छिंदवाड़ा (12वीं में कला विषय लेकर 500 में से कुल 456 अंक प्राप्त कर पहला स्थान

प्राप्त किया। स्कूल शा.उ.मा.वि. उमरेठ, छिंदवाड़ा)

साभार- नईदुनिया से

image_pdfimage_print


सम्बंधित लेख
 

Back to Top