Thursday, June 20, 2024
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पुस्तकालय विज्ञान को नई पहचान देने वाले डॉ. दीपक श्रीवास्तव का सफरनामा

राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस पर

पुस्तकालय विज्ञान से अंतर्राष्ट्रीय जगत में पहचान बनाने वाले डॉ.दीपक कुमार श्रीवास्तव का नाम शीर्ष 10 भारतीय नेक्सट जनरेशन ट्रेलब्लेजींग पब्लिक लाईब्रेरीयन में शुमार है और इनेली साउथ एशिया मेंटर डॉ दीपक का नाम विश्व के सबसे बडे पुस्तकालय संगठन इफ्ला “वॉल ऑफ फेम” तथा देश के लब्ध प्रतिष्ठित शीर्ष 75 लाईब्रेरी प्रोफेशनल्स में शामिल है।

’जिन्दगी आसान नही होती है, इसे आसान बनाना पडता है कुछ अन्दाज से कुझ नजर अंदाज से’ पुस्तकालयाध्यक्षों को दीपक जब यह संदेश देते हैं तो प्रतीत होता है कि उनके जीवन में भी संघर्ष की कहानी कहीं न कहीं जुड़ी है और कड़ा संघर्ष कर आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। उनका जीवन भी उस गुलाब के फूल जैसा है जो कांटों में रहकर भी अपनी खुशबू बिखेरता है।

बात बीते उन दिनों की है जब वे विद्यार्थी जीवन में थे और फलोदी में एक निजी कंपनी के बंद होने से पिता की चिकित्सक की नौकरी चली गई। सब कुछ ठीक-ठाक चलते-चलते बच्चों के लालन-पालन के लिये पारिवारिक स्थिति बिगडती चली गई। आर्थिक बदहाली एवं चुनौतीपूर्ण जीवन संघर्ष ने जीवन को झकझोर दिया। घर के आर्थिक हालात काफी खस्ताहाल हो गये । जीवविज्ञान से स्नातकोत्तर का अंतिम वर्ष पूर्ण करने के लिए लोन से लिया गया एकमात्र पंखा भी गिरवी रखकर फीस जमा कारानी पड़ी थी।

दीपक ने अंततः ठान लिया कि अब आगे पढाई ना करके किसी प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेंगे और स्वय जॉब कर आगे की पढ़ाई जारी रखेंगे। एम.एससी. बीच में ही छोड कर जयपुर के निजी चिकित्सालय में पेथालाजी में दाखिला लिया। तीन दिन ही बीते थे कि प्रशिक्षण देने वाली महिला डॉक्टर ने उनसे कहा कि आप मेधावी छात्र हैं, क्या जीवन भर लैब टेक्नीशियन बने रहना चाहते हैं। कुछ हासिल करने के लिए कुछ खोना पड़ता है। उनकी बातों से प्रेरित हो कर आपने राजस्थान विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में बैचलर ऑफ लाईब्रेरी एण्ड इंफोर्मेशन साईंस मे दाखिला ले लिया।

आपने यह परीक्षा 1995 में प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय स्थान से उत्तीर्ण की। आपने मॉडर्न इंसुलेटर्स लिमिटेड आबू रोड सिरोही में केमिस्ट की नौकरी कर ली। पुनः टॉपर होने की वजह से आपने राजस्थान विश्वविद्यालय में मास्टर ऑफ लाईब्रेरी एण्ड इंफोर्मेशन साईंस में दाखिला ले लिया। आपका चयन भारत के पहले महिला विश्वविद्यालय वनस्थली यूनिवर्सिटी के केन्द्रीय पुस्तकालय में जूनियर टेक्नीकल असिस्टेंट पद पर हो गया। इसके बाद कई जगह चयन होने पर अंततः माध्यमिक शिक्षा विभाग कोटा में वरिष्ठ पुस्तकालय अध्यक्ष पद पर कार्य ग्रहण किया तथा 23 जुलाई 2010 को भाषा एवं पुस्तकालय विभाग मे चयन के साथ ही पब्लिक लाईब्रेरी सर्विसेज का रुख किया।

कई बार नौकरी की, छोड़ कर पढ़ाई की और निरंतर संघर्ष करते हुए आज आप कोटा के राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय अध्यक्ष के रूप में प्रतिष्ठित हैं। कोटा संभाग के चारों जिलों के सार्वजनिक पुस्तकालयों के संभागीय अधीक्षक हैं।

आपने अपनी कुशाग्र बुद्धि, लग्न, अथक परिश्रम, मिलनसारिता, टीम भावना से कार्य कर अपने नवाचारों से पिछले कुछ सालों में इस पुस्तकालय के साथ-साथ अपने को भी अनंत ऊंचाइयों तक पहुंचाने में आशातीत सफलता के आसमान को छुआ। आपके द्वारा किए गए कोविड-19 के दौरान के नवाचारों को इफ्ला तथा अमेरीकन लाईब्रेरी एसोशियेशन (ए.एल.ए.) ने अपनी ग्लोबल रिपोर्ट में शामिल किया है। आपके “नॉलेज एट योर डोर स्टेप” व्हाटस एप इनीशियेटीव तथा दृष्टिबाधितों के लिये चलाये गये “वॉयस डोनेशन” इनिशियेटीव को वैश्विक रुप से सराहा गया।

नवाचारों का ही परिणाम है कि यह पुस्तकालय ट्रांसजेण्डर्स सर्विस में देश का द्वितीय (प्रथम केरल) एवं राजस्थान का प्रथम पुस्तकालय बन गया है। टॉक शो में देश में नम्बर एक, म्युजिक लाईब्रेरी सर्विसेज, बुक्स ऑन स्क्रीन सेवा, ऑडियो बुक्स सर्विसेज, वीडियो बुक्स सर्विसेज में आज राजस्थान का प्रथम पुस्तकालय बन गया है। इतना ही नहीं राजस्थान में सर्वाधिक आजीवन सद्स्य इसी पुस्तकालय में हैं। पुस्तकालय की लोकप्रियता का ही परिणाम है कि हजारों साहित्यकारों, चित्रकारों, कवियों, लेखकों, कलाकारों को एक संस्था द्वारा यहां सम्मानित किया गया। विविध साहित्यिक, अकादमिक सांकृतिक गतिविधियों का केंद्र बने से इसे ’उत्सव पुस्तकालय’ की नई पहचान भी मिली है।

आप अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुस्तकालय संगठनों से जुड़े हैं। इंटरनेशनल नेटवर्क ऑफ इमर्जिंग लाइब्रेरी इन्नोवेटर्स (इनेली) इंडिया इनोवेटर तथा इनेली साउथ एशिया मेंटोर भी है। भारत के सर्वप्रथम एम.टेक. (आईटी) डिग्री अचीवर पब्लिक लाइब्रेरीन हैं। आपका नाम विश्व के सबसे बड़े पुस्तकालय संगठन “इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ लाइब्रेरी एसोसिएशन एंड इंस्टीट्यूशन” (इफ्ला) की वॉल ऑफ फेम मे दर्ज है। आप अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, वर्कशॉप तथा सिम्पोजीयम्स में हिस्सा ले चुके हैं, पेपर प्रेजेंटेशन एवं चेयर शेयर सेशन कर चुके हैं, बेस्ट पेपर अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

आपके अब तक 100 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स एवं कॉंफ्रेंस प्रोसीडींग्स में प्रकाशित किए जा चुके हैं। विभिन्न शोध पत्रिकाओं में आपके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 55 एवं राष्ट्रीय स्तर पर 65 शोधपत्र प्रकाशित हुए और संगोष्ठियों में 62 शोधपत्रों का प्रस्तुतिकरण किया। सेक्रेटरी डवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत 75 बेवीनार में प्रस्तुतिकरण किया। आपने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 15 शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया। आपकी पुस्तकालय विज्ञान पर अब तक 16 पुस्तकें प्रकाशित चुकी हैं और 3 पुस्तकों का संपादन भी किया। आपके 10 साझा संकलन पुस्तकों में लेख प्रकाशित हुए। आप 5 अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के शोधपत्र मूल्यांकन विशेषज्ञ रहे हैं तथा इंद्रागांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, दिल्ली,वर्धमान महावीर खुला विश्व विद्यालय, कोटा एवं दिल्ली विश्वविद्यालय(खुला और दूरस्त शिक्षा) के अकादमिक परामर्शदाता हैं। आपने मेलबर्न (अस्ट्रेलिया) मे “इंविजन दी बेस्ट इनोवेटीव एण्ड इंस्पायरिंग लाईब्रेरीयन-इंडियाज नेक्स्ट रॉल मॉडल” थीम पर रारत का प्रतिनिधित्व किया। आपके कई टीवी तथा आकाशवाणी केंद्र से साक्षात्कार प्रसारित किए जा चुके हैं।

आपको मिले विशिष्ठ पुरुस्कारों का जिक्र ऊपर किया जा चुका हैं। हॉल ही में आपको भारत के 75 टॉप लाईब्रेरी प्रोफेशनल्स मे नाम शामिल किया गया है तथा आप एनेकडॉट इंडीयन लाईब्रेरीयन प्राईड एवार्ड से नेशनल लाईब्रेरीयन डे पर सम्मानित हो चुके है। इसके अतिरिक्त समय-समय पर आपको छह दर्जन से अधिक राज्य , राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय पुरुस्कारों से विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

आप को ग्लोबल लाइब्रेरियन अवार्ड-2021, श्री कर्मयोगी सेवा संस्थान कोटा द्वारा कर्मयोगी इंटरनेशनल अवॉर्ड-2022, चंडीगढ़ में टॉप टेन नेक्स्ट जेनरेशन लाइब्रेरियन अवार्ड ,एनिकडाट इंडियन लाइब्रेरियन अवार्ड-2022, नेशनल लाइब्रेरियन डे पर डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव को एनीकडॉट इंडियन लाइब्रेरियन प्राइड अवार्ड 2022 के ई-साईटेशन से सम्मानित किया गया है। सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति में एम. एस.स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन चेनई एवं बिल एंड मिलिंडा गेट फाउंडेशन की रिपोर्ट-2022 के अनुसार आपको राजस्थान का प्रथम लाइब्रेरियन घोषित किया गया। अफ्रीका क्लाइमेट चेंज अवेयरनेस गुडविल एंबेसेडर अवार्ड-28 फरवरी 2023, नई दिल्ली में अफ्रीकन डिजिटल ट्रेनिंग एंबेसेडर अवार्ड-2023, इंटरनेशनल लाइब्रेरियन नेट वर्किंग प्रोग्राम अमेरिका लाइब्रेरियन एसोशियेशन द्वारा सी.एफ.एल.ई.जी. पोस्टर अवार्ड-जुलाई 2023 से सम्मानित किया गया श्लांघनीय उपलब्धियों और पुरुस्कारों से इन्होंने हाड़ोती का नाम देश और दुनिया में रोशन किया है।

परिचय
आपका जन्म 26 नवंबर 1974 को बारां जिले के अंता में हुआ। आप पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में पीएचडी, एमफिल, एम.लिब. एण्ड आई.एस.सी. तथा बी.लिब. एण्ड आई.एस.सी. प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हैं। इसके साथ ही आप एम टेक एवं एम.एस.सी सूचना प्रौद्योगिकी में पीजीडीसीए प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हैं। इसके अलावा बीएससी बायो तथा एम.ए. लोक प्रशासन भी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हैं । आप यूजीसी नेट उत्तीर्ण है। आप इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त खुला विश्वविद्यालय (इग्नु) एवं वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा में बतौर काउंसर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। डा.दीपक इस पुस्तकालय की सफलता का श्रेय अपने सहकर्मियों के सहयोग, परिश्रम, टीम भावना को देते हैं और निदेशालय भाषा एवं पुस्तकालय का भी आभार जताते नहीं अघाते । विभिन्न नवाचारों के माध्यम से भी भिन्न रुप से समर्थ लोगों को उचित पुस्तकालय सेवा देने हेतु भी कई प्रयास किए हैं।
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लेखक एवं पत्रकार
कोटा ( राजस्थान

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