ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

पर्यटन का मज़ा दुगुना कर देंगे ये रोमांचक खेल

पैरासेलिंग
भूमि आधारित पैरासेलिंग को प्रतियोगिता खेल में भी शामिल किया जाता है। भूमि आधारित पैरासेलिंग प्रतियोगिता में, एक पैरासेल को एक 4 पहिया वाहन के पीछे अधिकतम ऊंचाई तक खींचा जाता है और वह ऊंचाई तक पहुंच कर रस्से को छोड़ देता है और उड़ता हुआ एक लक्षित क्षेत्र तक पहुंचता है। इस खेल को 80 के दशक में विकसित किया गया था और तब से यह एक बहुत लोकप्रिय खेल बना हुआ है। पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन 80 के दशक में किया गया और यह सिलसिला आज तक चल रहा है। यह यूरोपीय देशों में विशेष लोकप्रिय है। भारत में भी इसकी और रुझान बढ़ा रहा है और अनेक पर्यटक स्थलों पर पर्यटक इसका आंनद लेते देेेेखे जा सकते हैं।

हॉट एयर बैलून राइड
हॉट एयर बैलून राइड एक ऐसा साहसिक स्पोर्ट्स है जो शानदार अनुभव के साथ यादगार रोमांचपूर्ण है। हॉट एयर बैलून राइड में एक गर्म हवा का गुब्बारा होता है जिसकी सवारी करना एडवेंचर लवर्स को बेहद पसंद आता है। हॉट एयर बैलून राइड की मदद से आप ऊपर से आकाश की विशालता का अनुभव ले सकते हैं और इसके साथ ही धरती के आकर्षक दृश्यों को भी देख सकते हैं। यह साहसिक पर्यटन आपको आसमान के लुभावने दृश्य के साथ अज्ञात और अस्पष्टीकृत जगह का पता लगाने का मौका देती है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान , महाराष्ट्र, कर्नाटक और नई दिल्ली, एनसीआर एवं हरियाणा राज्यों में अनेक जगहों पर इसका आंनद लिया जा सकता हैं। इसकी अवधि 15 से 20 मिनट से लेकर 60 से 80 मिनट तक होती है। राइड का शुल्क अवधि के आधार पर 500 से लेकर 13,000 रूपये निर्धारित है।

हाई रोप वे
हाई रोप वे में पर्यटक विशेष रूप से डिजाइन की गई रस्सियों पर चढ़ते, चलते और संतुलन बनाते हुए हवा में ऊंचे स्थान पर खडा होता है। समन्वय, टीम भावनाऔर संतुलन कौशल को निखारने के लिए हाई रोप वे एक अच्छी गतिविधि है। इसमें गिरने की सम्भावना न्यूनतम होती है। कोई भी जो 10 वर्ष आयु से अधिक है इस साहसिक खेल गतिविधि में भाग ले सकता है। इसमें पेशेवर प्रशिक्षक और प्रशिक्षक सुरक्षा उपकरणों के साथ हर समय तैयार रहता है जिस से पर्यटक अपने आपको हमेशा सुरक्षित महसूस कर सके। इसके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी कई जगह उपलब्ध है। तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले में येलगिरी नामक स्थान से कुछ ही दूरी पर यह गतिविधि लोकप्रिय है। प्रातः 9.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक इसका आंनद लिया जा सकता हैं। यह खेल मात्र 20 मिनट का होता हैं। येलगिरी बैंगलोर से 160 किमी और चेन्नई से 230 किमी दूर है। यहां प्रशिक्षण भी दिया जाता हैं जिसमें कई प्रकार के कोर्स होते हैं।

स्काइ डाइविंग
एक से बढ़ कर एक रोमांचक खेल साहसिक पर्यटन को लुभा रहे हैं। कुछ साहसपूर्ण करने के इच्छुक पर्यटक 10,000 फिट ऊंचाई से कूदने का प्रफुल्लित और रोमांचित होना चाहते हैं उनके लिए स्काइडाइविंग एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। असाधारण साहस के धनी पर्यटक ही इसका आंनद ले सकते हैं। एक गोताखोर को विमान से एक पैराशूट प्रदान किया जाता है जिसे वह हवा के बीच में खोलता है और पृथ्वी के नायब दृश्यों का आंनद लेता हैं। भारत में स्काइडाइविंग का अनुभव प्रदान करने वाले पर्यटन स्थल मैसूर (कर्नाटक), धाना (मध्य प्रदेश), दीसा (गुजरात), पांडिचेरी, एंबी वैली (महाराष्ट्र) आदि प्रमुख और उपयुक्त स्थल हैं, जहां पर्यटक इसका खूब मज़ा लेते हैं

झरना रैपलिंग
रॉक क्लाइंबिंग जिस तरह पर्यटक चट्टानों या कृतिम दीवार पर रस्से से ऊपर की ओर चढ़ना हैं उसी प्रकार चट्टान पर ऊपर से गिरते झरने की विपरीत दिशा में रस्सी के साथ ऊपर की और चढ़ना झरना रैपलिंग कहा जाता है।पर्वतारोही की कमर से एक हार्नेस बंधा होता है, जब वह झरने के माध्यम से चट्टान पर चढ़ने की कोशिश करता है। चट्टान पर फिसलन वाली सतहें अनुभव को और भी चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। यह बहुत ही साहसिक गतिविधि हैं। मानसून के समय में इसका रोमांच लेने के लिए कर्नाटक में कुर्ग और महाराष्ट्र में विहिगांव वाटरफॉल रैपलिंग के लिए सबसे प्रसिद्ध स्थान हैं।

माउंटेन बाइकिंग

माउंटेन बाइकिंग वर्तमान में युवाओं में लोक प्रिय हो रहा है। यह उतना आसान नहीं है, जितना लगता है। ट्रैक से हटकर साइकिल चलाना कभी आसान नहीं होता है और भारत में पर्वत श्रृंखलाओं पर चट्टानों, जंगलों और जल निकायों के साथ यह कार्य और भी कठिन हो जाता है। पहाड़ों की अंतहीन श्रृंखला में खो जाने या जोखिम में पड़ने के लिए सड़क के बारे में पूरी तरह से जागरूक होना चाहिए। उत्तर भारत में हिमालय श्रृंखला और 1600 किमी लंबे पश्चिमी घाट के के अनेक स्थल इसके लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। लेह-लद्दाख और मनाली बाइकर्स में सबसे लोकप्रिय हैं। लेकिन कुछ अन्य स्थान जैसे हिमाचल में कांगड़ा घाटी, उत्तराखंड में कुमाऊं और पश्चिम बंगाल में सिंगलिला रिज भी घूमने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं।

फ्लाईबोर्डिंग
रिवर राफ्टिंग जैसे कई वाटर स्पोर्ट्स की तरह पानी में फ्लाईबोर्डिंग अपेक्षाकृत नया शगूफा है। यह गतिविधि हम ने ऋतिक रोशन ने फिल्म बैंग बैंग में देखने को मिली थी। फ्लाईबोर्डिंग जेट स्की और जेटपैक का संयोजन मात्र है। फ्लाई बोर्ड एक जेट स्की से जुड़ा होता है जो पर्यटक को हवा में लगभग 15 मीटर ऊंचा भेजने के लिए पानी पंप करता है। भारत में केवल मात्र एक जगह गोवा के बैना बीच पर्यटक फ्लाई बोर्डिंग का अनुभव कर सकते हैं।

उड़ती लोमड़ी
पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देने वाला सुरक्षित और अनोखा रोमांच है उड़ती लोमड़ी। इसमें पर्यटक को बड़ी रस्सी से बांधा जाता हैं जिसके दो छोर दो अलग-अलग पहाड़ों या किलों से जुड़े होते हैं और पर्यटक को उड़ते हुए एक छोर से दूसरे छोर तक जाना होता हैं। केरल में यह सबसे प्रसिद्ध मनोरंजन हैं जहां इसके माध्यम से पर्यटक पहाड़ियों, झरनों की घाटियों और नदियों के नज़ारों का आनंद लेते हुए जंगल में यात्रा कर सकते हैं। राजस्थान में नीमराना फ्लाइंग फॉक्स के लिए भी प्रसिद्ध है जहां आप अपने चारों ओर जंगल का आनंद ले सकते हैं। पंजाब में किकर और ऋषिकेश कुछ अन्य स्थल हैं।

हॉर्स सफारी
बीकानेरमें देशी-विदेशी पर्यटक कैमल सफारी की तरह अब हॉर्स सफारी का भी आनंद लेते हैं। इको टूरिज्म कांसेप्ट के शिवबाड़ी से आगे जोधपुर बाईपास पर राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र में हॉर्स सफारी के लिए रेतीला टिब्बा तैयार किया गया है। देशी-विदेशी पर्यटक यहां घुड़सवारी, पोनी सवारी, तांगा सवारी, बग्गी सवारी कर सकते हैं। मारवाड़ी, गुजरात का काठियावाड़ी, मणिपुरी और लद्दाख का जांसकारी घोड़ा सफारी के लिए उपलब्ध है। फ्रांस का पोइटू गधा गुजरात के सफेद गधे भी देखने के लिए यहां मौजूद होंगे। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अब एनआरसीसी की तर्ज पर अब घोड़ा फार्म भी केन्द्र को विकसित कर रहा है। पर्यटकों को खाने-पीने के लिए एक केर-सांगरी, पापड़- भुजिया आदि भी आसानी से मुहैया कराई गई है। पाली में एक घोड़ा फार्म है जहां विभिन्न नस्ल के घोड़े पाले जाते हैं। यहां के घोड़े बीकानेर सहित जोधपुर,जैसलमेर,अजमेर, सोजत, जयपुर तक हॉर्स सफारी के लिए भेजे जाते हैं। राजस्थान के साथ – साथ देश के अन्य राज्यों में भी हॉर्स सफारी की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं व राजस्थान जनसंपर्क विभाग के सेवा निवृत्त अधिकारी हैं)

image_pdfimage_print


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

2 × four =

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top