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पर्यटन
 

  • राष्ट्रीय भू-धरोहर रामगढ़ क्रेटर को दुनिया में प्रचारित करने की आवश्यकता

    राष्ट्रीय भू-धरोहर रामगढ़ क्रेटर को दुनिया में प्रचारित करने की आवश्यकता

    रामगढ़ की रिंग के आकार वाली पहाड़ी संरचना को दुनिया भर के क्रेटरों को मान्यता देने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था " अर्थ इंपैक्ट डाटा बेस सोसायटी ऑफ कनाडा" ने करीब 200 वर्ष बाद विश्व के 201वें क्रेटर के रूप में संवैधानिक मान्यता प्रदान की है।

    • By: डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
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    • In: पर्यटन
  • आदि मानव की धरोहर ः बूंदी में होसालपुरा के शैलचित्र

    आदि मानव की धरोहर ः बूंदी में होसालपुरा के शैलचित्र

    बूंदी के मांगली, घोड़ा पछाड़ के चट्टानी कगारों पर सबसे लंबी करीब 35 किमी. लंबी शैल चित्र श्रृंखला बूंदी और भीलवाड़ा जिलों के मध्य पाई गई है , जिसे 10 हजार वर्ष प्राचीन माना जाता है।

    • By: डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
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    • In: पर्यटन
  • हाड़ोती पुरातत्व दर्शन: राजकीय संगहालय, बूंदी

    हाड़ोती पुरातत्व दर्शन: राजकीय संगहालय, बूंदी

    बून्दी शहर जयपुर से दक्षिण में लगभग 225 किमी की दूरी पर अवस्थित है। कोटा शहर से इसकी दूरी 36 किमी है। भौगोलिक दृष्टि से बून्दी, कोटा, बारां एवं झालावाड़ का भू-भाग हाड़ौती के नाम से जाना जाता है।

    • By: डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
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    • In: पर्यटन
  • भारतीय पर्यटन उद्योग में आ रही है रोजगार के नए अवसरों की बहार

    भारतीय पर्यटन उद्योग में आ रही है रोजगार के नए अवसरों की बहार

    पर्यटन उद्योग में कई प्रकार की आर्थिक गतिविधियों का समावेश रहता है। यथा, अतिथि सत्कार, परिवहन, यात्रा इंतजाम, होटेल आदि। इस क्षेत्र में व्यापारियों, शिल्पकारों, दस्तकारों, संगीतकारों, कलाकारों, होटेल, वेटर, कूली, परिवहन एवं टूर आपरेटर आदि को रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं।

  • विभिन्नता में एकता देश की विशेषता को सार्थक करता है पर्यटन

    मंदिर, मस्जिद,चर्च,गुरुद्वारे के साथ - साथ सभी धार्मिक स्थल धर्म विशेष के होते हुए भी पर्यटक के लिए केवल देखने , आनंदित होने और ज्ञानवर्धन का माध्यम हैं।

    • By: डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
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    • In: पर्यटन
  • प्रकृति और शिल्प का संगम मिनी खजुराहो दलहनपुर

    प्रकृति और शिल्प का संगम मिनी खजुराहो दलहनपुर

    मठ के दाहिनी ओर वैष्णव मत का भगवान लक्ष्मी नारायण का मंदिर है जिसका निर्माण कोटा महाराव माधोसिंह ने करवाया था। मंदिर के शीर्ष और दोनों तरफ सुंदर छतरियां और दीवारों पर हाड़ोती कला शैली के प्रभाव वाले धार्मिक देवी - देवताओं के चित्र बने हैं

    • By: डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
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    • In: पर्यटन
  • एकता,सद्भाव और भाईचारा बढ़ाने का पर्यटन सबल माध्यम

    एकता,सद्भाव और भाईचारा बढ़ाने का पर्यटन सबल माध्यम

    पर्यटन हमारी संस्कृति और संस्कारों को विकसित करने का सशक्त माध्यम बनता है वहीं संस्कृति का संवाहक, संचारक और संप्रेषक भी है। यह ऐसा सशक्त माध्यम है, जिससे हम परस्पर संस्कृति और संस्कारों से परिचित होते हैं और आपसी सद्भाव और सहयोग की भावना का विकास करते हैं।

    • By: डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
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    • In: पर्यटन
  • पर्यटकों को लुभाएगा एक रानी के ख्वाब का आइना

    पर्यटकों को लुभाएगा एक रानी के ख्वाब का आइना

    महारानी प्रकृति प्रेमी थी और उनके आग्रह पर महाराव ने छत्र विलास उद्यान में आकर्षक बृज विलास महल और झीलों नगरी उदयपुर की याद को ताज़ा करते हुए किशोर सागर के बीच इस सुंदर इमारत जग मन्दिर का निर्माण कराया था।

    • By: डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
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    • In: पर्यटन
  • माचिस की जलती तीली से असंख्य अक्षों का जादुई सम्मोहन जगाता है शीशमहल

    माचिस की जलती तीली से असंख्य अक्षों का जादुई सम्मोहन जगाता है शीशमहल

    जयपुर से 12 किलोमीटर उत्तर में स्थित आमेर दुर्ग जाने के लिये जयपुर से किराये की टैक्सी, ऑटोरिक्शा, नगर बस सेवा या निजी कार अच्छे विकल्प हैं। महल तक पर्यटकों के लिये हाथी की सवारी उपलब्ध रहती है। निजी कारें, जीप व टैक्सियाँ किले के पिछले मार्ग से ऊपर जलेब चौक तक ले जाती हैं।

    • By: डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
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  • ‘राजस्थान लोकाभिव्यक्ति के आयाम’ एवं ‘दी फोक डांसेज ऑफ़ राजस्थान’ पुस्तकों का विमोचन

    ‘राजस्थान लोकाभिव्यक्ति के आयाम’ एवं ‘दी फोक डांसेज ऑफ़ राजस्थान’ पुस्तकों का विमोचन

    इन पुस्तकों में मांड, मांगणियार एवं लांगुरिया गायन, तुर्रा कलंगी, कुचामणि ख्याल एवं गवरी लोकनाट्य, सहरिया एवं टूंटिया स्वांग, बीकानेर की रम्मतें, राजस्थान की नट परंपरा, कठपुतली नृत्य कला एवं राजस्थान के लोक वाद्य यंत्रों का विषद उल्लेख है।

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