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तुलसीदास की रामकथा समूची मानवता का विश्वकोश है: डॉ.चन्द्रकुमार जैन

राजनांदगांव। उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय के मुख्य आतिथ्य में ‘मानस में विज्ञान’ विषय पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी में अतिथि वक्ता के रूप में सहभागिता करते हुए दिग्विजय कालेज के हिन्दी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्राध्यापक डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने कहा कि तुलसीदास की रामकथा समूची मानवता का विश्वकोश है। उसमें भक्ति, धर्म और अध्यात्म की पारलौकिक पवित्रता ही नहीं बल्कि यथार्थ के धरातल पर व्यक्ति, समाज, राष्ट्र और विश्व की सभी समस्याओं का समाधान निहित है। मानस,वास्तव में महाकवि तुलसीदास की दिव्य प्रतिभा का महानतम साक्ष्य है। वह मानव गरिमा की रक्षा, मानव-मूल्यों एवं वैचारिक-नैतिक आदर्शों के संरक्षण और विश्व-मंगल का त्रिवेणी संगम है। गोस्वामी तुलसीदस के’ ‘मानस में शक्ति और भक्ति का कलात्मक संगम है । शक्ति के प्रभाव से उसके भीतर दूसरों को झुकाने वाले तत्त्व प्रभावी दृष्टिगोचर होते हैं और भक्ति के प्रभाव से दूसरों के सामने झुकने की विनय, विनम्रता के भाव दृष्टिगोचर होते हैं । यही करण है कि मानस हमारी संस्कृति की लोक वैज्ञानिक सम्पदा है। संगोष्ठी में पूर्व उच्च शिक्ष मंत्री श्री कृष्णमूर्ति बांधी ख़ास तौर पर उपस्थित थे।

पंडित सुन्दरलाल शर्मा ( मुक्त ) विश्वविद्यालय, बिलासपुर के भव्य सभागार में देश के कई ख्याति प्राप्त मानस मर्मज्ञों, मानस विज्ञानियों,जाने-माने शोध विशेषज्ञों, युवा शोधार्थियों और आयोजक विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति डॉ.टी.डी.शर्मा, बिलासपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.गौरीदत्त शर्मा, छत्तीसगढ़
विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमैन डॉ.ओ.पी.वर्माप्रख्यात साहित्यकार डॉ.श्रीराम परिहार, डॉ.श्रीराम मेहरोत्रा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष और प्रख्यात मानस शोध संसाधन पुरुष डॉ.योगेन्द्र प्रताप सिंह, मध्यप्रदेश लोक सेवा योग के सदस्य डॉ.संतप्रसाद गौतम, सुविज्ञ दर्शनवेत्ता और प्रखर वक्ता आचार्य लक्ष्मण शरण मिश्रा सहित उच्च शिक्षा क्षेत्र के कई महत्वपूर्व व्यक्तित्वों की मौजूदगी वाले इस अति विशिष्ट और गरिमामय आयोजन में डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने दो दिनों तक तीन अहम भूमिका। उन्होंने मानस में जीवन विज्ञान पर अपने प्रभावी उद्गार व्यक्त करने के अलावा विविध स्तरों पर विमर्श में मध्यस्थता की। इसके अतिरिक्त एक सत्र में आलेखक की जिम्मेदारी का भी कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। विशिष्ट सहयोग पर आयोजन के संरक्षक और मुक्त विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ.बंशगोपाल सिंह द्वारा डॉ.जैन विशेष सम्मान पत्र से नवाज़े गए।

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