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पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा बोईसर गुड्स शेड का दौरा

मुंबई। कोरोना वायरस महामारी लॉकडाउन के कठिन समय में भी पश्चिम रेलवे के पहिये पूरी तरह कभी नहीं थमे हैं और इन विपरीत परिस्थितियों में भी पश्चिम रेलवे देश के विभिन्न हिस्सों में अत्यावश्यक सामानों के निरंतर परिवहन के लिए हरसम्भव बेहतर प्रयत्न कर रही है। सोमवार, 17 अगस्त, 2020 को पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल ने संरक्षा तैयारियों के सिलसिले में चर्चगेट – बोईसर खंड का निरीक्षण किया तथा ट्रैक एवं पुल अनुरक्षण, सिगनलिंग सिस्टम, ट्रैक एसेट्स आदि की समीक्षा की।

महाप्रबंधक ने खंड में चलाये गये स्वच्छता अभियान, स्क्रैप की मैपिंग, ट्रेसपासिंग की रोकथाम और मार्ग के विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की भी समीक्षा की। महाप्रबंधक द्वारा मुंबई सेंट्रल के मंडल रेल प्रबंधक श्री जीवीएल सत्य कुमार एवं उनके अधिकारियों की टीम के साथ चर्चा की गई तथा अनुरक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चरल कार्यों, पैदल ऊपरी पुल, सड़क ऊपरी पुल आदि क्षेत्रों की विस्तृत जाॅंच की गई। इस दौरान उन्होंने पाया कि न केवल संरक्षा ज़ोन में अतिक्रमण किया गया है; बल्कि रेलवे की ज़मीन पर कूड़ा करकट भी फेंका जा रहा है। महाप्रबंधक ने रेलवे ट्रैक पर कूड़ा करकट फेंकने से रोकने के लिए एमसीजीएम के साथ एक एमओयू तैयार करने हेतु मंडल रेल प्रबंधक, मुंबई को निर्देश दिये। इसके पश्चात महाप्रबंधक ने अनलोडिंग प्लेटफार्म की स्थिति की समीक्षा के लिए बोईसर गुड्स शेड का दौरा किया तथा चल रहे कार्यों, लेबर रेस्ट रुम / टॉयलेट सुविधा का निरीक्षण किया। महाप्रबंधक ने स्टील कंसाइनमेंट के मैकेनाइज़्ड अनलोडिंग कार्य का भी निरीक्षण किया।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार माल लदान पर विशेष बल देने की दृष्टि से पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल ने फ्रेट कंसाइनमेंट से सम्बंधित चल रहे कार्यों का निजी रूप से अवलोकन करते हुए इसके सुचारू परिचालन एवं तीव्र निष्पादन की समीक्षा की। श्री कंसल ने स्टील कंसाइनमेंट की मशीनीकृत अनलोडिंग का कार्य भी देखा तथा जेएसडब्ल्यू के ग्राहकों एवं गुड्स शेड के कर्मचारियों से भी मुलाकात की। बोईसर गुड्स शेड के निरीक्षण के दौरान श्री कंसल ने काम में न आने वाले कोचों एवं कोच सेल को रेस्टरूम एवं शौचालय के रूप में विकसित करने की बात कही। इस निरीक्षण के दौरान इनवर्ड स्टील कन्साइनमेंट एवं कंटेनर यातायात में वृद्धि करने के सम्बंध में भी चर्चा की गई, जिसके लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट तथा कंसाइनमेंट की बेहतर मशीन हैंडलिंग की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया गया।

महाप्रबंधक ने बोईसर स्टेशन एवं इसके परिसंचरण क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा स्टेशन पर विभिन्न सेवाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में, श्री कंसल ने मंडल रेल प्रबंधक श्री जीवीएल सत्य कुमार से विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। श्री सत्य कुमार ने महाप्रबंधक को माल लदान में वृद्धि हेतु विभिन्न व्यापार अधिग्रहण योजनाओं के सम्बंध में जानकारी दी। श्री कंसल ने सम्भावित ग्राहकों से सम्पर्क करने की बात कही। इस चालू वित्तीय वर्ष में पश्चिम रेलवे ने पहले ही 551 मिनी रेकों एवं 828 टू पॉइंट डेस्टिनेशन रेकों का निदान कर लिया है। हाल ही में, पश्चिम रेलवे ने माल लदान के क्षेत्र में कई रिकॉर्ड स्थापित किए हैं जिसमें 2 अगस्त, 2020 को अंकलेश्वर से एक नये गंतव्य एम वी ए ए वेदांता साइडिंग के लिए कास्टिक सोडा (तरल) के वहन हेतु कॉनकोर के पहले टैंक कंटेनर के लदान तथा धोराजी स्टेशन से बांग्लादेश के दर्शना स्टेशन हेतु प्याज के पहले रेक का लदान मुख्य रूप से शामिल है।

रेलवे और माल भाड़ा ग्राहकों के बीच निर्विघ्न आदान-प्रदान और तुरंत समस्या समाधान प्रक्रिया स्थापित करने के लिए रतलाम मंडल ने माल भाड़ा ग्राहकों का इंटरएक्टिव मोबाइल एप्लीकेशन (एंड्राइड) विकसित करने की पहल की है। व्यापारियों से बातचीत हेतु यह अनूठा ऐप रवि (आर ए वी आई) माल शेडों और साइडिंग से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों को सुलझाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म मुहैया कराने का एक अनूठा प्रयास है। यह एप माल भाड़ा ग्राहकों के साथ सभी प्रकार की समस्याओं के लिए प्रत्यक्ष संचार स्थापित करेगा। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने संरक्षा, फ्रेट लोडिंग, माल शेडों के सुधार और माल गाड़ियों की गति की बढ़ोतरी पर ज़ोर दिया है, ताकि रेलवे के राजस्व को बढ़ाया जाए और वैश्विक महामारी के कारण हुए घाटे को पूरा किया जा सके। इसके अलावा, पश्चिम रेलवे माल के लोडिंग और अनलोडिंग के यंत्रीकरण, निजी सेक्टरों को शामिल करने और मौजूदा माल शेडों का सुधार करने में भी उल्लेखनीय पहल कर रही है।

वर्तमान में, पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले विभिन्न माल कार शेडों के अप्रोच रोड, प्लेटफार्म सरफेस, लाइटिंग, मज़दूर सुविधाएं, व्यापारी कक्ष, कार शेड मरम्मत, सर्कुलेटिंग क्षेत्र और ट्रैक लिफ्टिंग के सुधार के कार्यों को सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि आईटी के लीवरेजिंग का कार्य सभी प्रासंगिकताओं के साथ किया जा रहा है। पश्चिम रेलवे, छोटा उदेपुर स्टेशन पर नए गुड्स शेड की व्यवस्था करते हुए अपने माल भाड़ा संचलन में बढ़ोतरी करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पिछले वर्ष के दौरान आयातित कोयले के 5 रेकों के लदान की तुलना में पश्चिम रेलवे चालू वर्ष में 100 रेकों के लदान करने की आशा कर रही है। इसी प्रकार, पिछले वर्ष लदान किए गए स्टील पाइपों के 40 रेकों की तुलना में इस वर्ष स्टील पाइपों के 120 रेकों के लदान की आशा की जा रही है।

यह उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे ने माह जुलाई, 2020 में आयरन एवं स्टील के 65 रेकों (0.17 एम टी) का अब तक का सर्वोत्तम लदान हासिल किया, जबकि पूर्व में माह जनवरी, 2019 में सर्वोत्तम लदान 0.14 एम टी था। पश्चिम रेलवे का 60,000 वैगन प्रति दिन लदान करने का लक्ष्य है, जो चालू वित्त वर्ष में मौजूदा लदान से कम से कम 20% अधिक है। कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे ने अप्रैल-जुलाई 2020 में 3,720 वैगन प्रति दिन लदान किया है और माह अगस्त, 2020 में यह औसत 4016 वैगन प्रतिदिन है। पार्सल लदान को बढ़ावा देने की दृष्टि से पश्चिम रेलवे द्वारा कई माल भाड़ा प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की गई हैं। पश्चिम रेलवे मौजूदा पार्सल यातायात को दोगुना करने के लिए भी योजना तैयार कर रही है। वर्तमान में, पश्चिम रेलवे पार्सल राजस्व में पहले स्थान पर है, जो टाइम टेबल्ड पार्सल विशेष गाड़ियों तथा मिल्क टैंकर रेकों अर्थात किसान रेकों के ज़रिये भारतीय रेल के कुल राजस्व का 27% तथा भारतीय रेल के कुल लदान का 32% है।

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