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बाबा रामदेव की पतंजलि ने पछाड़ा कैडबरी जैसी दिग्गज कंपनियों को

बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड सबसे बड़ी एफएमसीजी ऐडवर्टाइजिंग कंपनी बन गई है। पतंजलि ब्रैंड के अंतर्गत आने वाले प्रॉडक्ट्स के टीवी कमर्शल्स की संख्या कैडबरी, पार्ले और पॉन्ड्स जैसे दिग्गज ब्रैंड्स के विज्ञापनों से भी ज्यादा रही।

ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसल (BARC) की टीवी विज्ञापनों के आंकड़ों का प्रकाशन करने वाली संस्था से मिले आंकड़ों में यह बात सामने आई है। BARC करीब 450 चैनल्स पर निगरानी करता है। आंकड़ों के मुताबिक 23 जनवरी से 29 जनवरी के बीच पतंजलि प्रॉडक्ट्स के टीवी कमर्शल्स 17000 से भी अधिक बार प्रसारित किए गए, जबकि समान अवधि में कैडबरी प्रॉडक्ट्स के लिए यह संख्या 16000 ही है।

ये विज्ञापन देश के विभिन्न क्षेत्रीय और राष्ट्रीय चैनलों पर प्रसारित किए गए।

ऐड ऐंड ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि पतंजलि की यह बढ़त आगे भी बनी रह सकती है। BARC के मुताबिक इन आंकड़ों के जारी होने से महज एक हफ्ते पहले ही पतंजलि इस मामले में छठे नंबर पर थी, जबकि नवंबर से पहले टॉप 10 में उसका कहीं नामो-निशान तक नहीं था।

पतंजलि करीब 7 प्रॉडक्ट्स की दमदार मार्केटिंग कर रही है, जिसमें घी, बिस्किट, नूडल्स, शहद, टूथपेस्ट, शैंपू और क्रीम शामिल हैं। गौरतलब है कि योगगुरु रामदेव ने दावा किया था कि अगले 5 साल के भीतर उनकी कंपनी देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी बन जाएगी।

बाबा रामदेव के प्रवक्ता एस. के तिजारावाला ने बताया, ‘हमने अपने सात प्रॉडक्ट्स के विज्ञापनों के जरिए टीवी पर पहली रैंक हासिल कर ली है। हम 7 और प्रॉडक्ट्स लेकर आ रहे हैं ऐसे में इन विज्ञापनों की संख्या में और बढ़ोतरी होने वाली है।’

एक अनुमान के मुताबिक पतंजलि ने इन विज्ञापनों पर कम से कम 300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस अनुमान का खंडन पतंजलि ने भी नहीं किया है। तिजारावाला कहते हैं कि ये विज्ञापन न्यूज चैनल्स को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं लिहाजा उन्हें कम कीमत में ही तैयार कर लिया गया और उनके प्रसारण की फ्रीक्वेंसी भी इतनी अधिक है।

वहीं ऐड गुरु पियूष पांडेय का कहना है, ‘विज्ञापनों की इतनी बड़ी संख्या यह बताती है कि पतंजलि के पास कितनी बड़ी रकम है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि सभी विज्ञापन सही और अच्छे ही हों। वह अपने प्रॉडक्ट्स की आक्रामक मार्केटिंग कर रहे हैं। ये प्रॉडक्ट्स कितने समय तक टिके रहते हैं ये अभी देखा जाना बाकी है। अगर विज्ञापन में दिखाए गए दावे लोगों की अपेक्षाओं के साथ मेल नहीं खाएंगे तो यही विज्ञापन उन्हें परेशान करना शुरू कर देंगे।’

वहीं रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में टीवी कमर्शल्स के प्रसारण का एकमात्र उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि उनके पास विकल्प मौजूद हैं और वे अपने बजट में ही हेल्दी लाइफस्टाइल अपना सकते हैं। वह कहते हैं कि इसके अलावा पतंजलि प्रॉडक्ट्स पारिवारिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति को भी मजबूती प्रदान करता है।

साभार- इकॉनामिक टाईम्स से

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