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‘राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर’ की जयंती तथा राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह

मुंबई। पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय में राजभाषा पखवाड़ा-2021 के अंतर्गत सोमवार, 13 सितम्बर, 2021 को पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल की अध्यक्षता में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती तथा राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार समारोह की अध्यक्षता करते हुए महाप्रबंधक श्री कंसल ने कहा कि भारत एक बहुभाषी देश है, परंतु इसकी संस्कृति, सभ्यता और आत्मा हिंदी में बसती है। हिंदी में अन्य भाषाओं के शब्दों को भी आत्मसात करने की पूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि आज हिंदी केवल सरकारी कामकाज की ही नहीं, बल्कि व्यापार एवं सभी संचार माध्यमों की भाषा बन चुकी है। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चन्द्र जी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए हिंदी के महत्व को प्रकट किया। महाप्रबंधक द्वारा सुनाई गई राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर जी की कुछ पंक्तियाँ इस प्रकार थीं :-

रात यों कहने लगा मुझसे गगन का चाँद,

आदमी भी क्या अनोखा जीव है

उलझनें अपनी बनाकर आप ही फँसता,

और फिर बेचैन हो जगता, न सोता है।

इस अवसर पर महाप्रबंधक द्वारा गृह मंत्रालय की हिंदी प्रोत्साहन योजना के तहत पश्चिम रेलवे, प्रधान कार्यालय के विभिन्न विभागों में कार्यरत 40 कार्मिकों को नकद पुरस्कार राशि प्रदान करके सम्मानित किया गया। इस नकद पुरस्कार राशि में प्रथम पुरस्कार के लिए 5000 रु., द्वितीय पुरस्कार के लिए 3000 रु. और तृतीय पुरस्कार के लिए 2000 रु. की राशि प्रदान की गई। इस समारोह के प्रारम्भ में पश्चिम रेलवे के उप महाप्रबंधक (राजभाषा) ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय में राजभाषा का प्रचार-प्रसार एवं प्रयोग का अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए 1 सितम्बर से 15 सितम्बर, 2021 तक राजभाषा पखवाड़े का आयोजन किया गया है। इस पखवाड़े के दौरान हिंदी प्रतियोगिताओं, हिंदी कार्यशाला और प्रश्न–मंच के अलावा 13 सितम्बर, 2021 को ‘राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर’ जी की जयंती मनाई गई। इस जयंती में यूको बैंक के मुख्य प्रबंधक (राजभाषा) श्री प्रदीप चतुर्वेदी ने स्व. रामधारी सिंह दिनकर जी के कृतित्व पर अपना प्रभावशाली व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि दिनकर जी की रचनाओं में ओज, विद्रोह और क्रांति के साथ-साथ कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति बेजोड़ है। उन्होंने दिनकर जी की कई रचनाओं का काव्य पाठ करके सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस समारोह का संचालन पश्चिम रेलवे के उप महाप्रबंधक (राजभाषा) डॉ. सुशील कुमार शर्मा द्वारा किया गया। इस समारोह में पश्चिम रेलवे के विभिन्न प्रधान विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे। अंत में पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री अशोक कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ यह समारोह सम्पन्न हुआ।

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