कुछ गीत सिर्फ़ किसी फिल्म का हिस्सा होते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं, जिन्हें सुनकर लगता है कि वे फिल्म की कहानी से ही जन्मे हैं। “सच का दायरा” ऐसा ही एक गीत है। जंगली पिक्चर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दायरा’ से आज रिलीज़ हुआ यह प्रभावशाली गीत सिनेमा की दमदार रचनात्मक प्रतिभाओं करीना कपूर खान, मशहूर अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन और दूरदर्शी निर्देशक मेघना गुलज़ार को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कवि एवं गीतकार गुलज़ार, लोकप्रिय संगीतकार अमित त्रिवेदी और चार्ट-टॉपिंग गायक बी प्राक जैसे असाधारण कलाकारों के साथ एक मंच पर लेकर आता है। इन सभी की रचनात्मक प्रतिभा मिलकर ऐसा संगीत रचती है, जो फिल्म की कहानी और उसकी भावनात्मक दुनिया से गहराई से जुड़ा हुआ है।

टाइम्स म्यूज़िक की एक इकाई जंगली म्यूज़िक द्वारा प्रस्तुत “सच का दायरा” बॉलीवुड के पारंपरिक गीतों की सीमाओं से आगे बढ़कर फिल्म के सत्य, धारणा और दृष्टिकोण जैसे महत्वपूर्ण विषयों का एक प्रभावशाली प्रतिबिंब बन जाता है।

‘दायरा’ की भावनात्मक दुनिया में गहराई से रचा-बसा “सच का दायरा”, गुलज़ार की पैनी और अर्थपूर्ण लेखनी, अमित त्रिवेदी की वातावरण को जीवंत करने वाली धुन और बी प्राक की भावपूर्ण आवाज़ को एक साथ लेकर आता है। इन तीनों की जुगलबंदी ऐसा गीत रचती है, जो महज़ फिल्म के साउंडट्रैक का हिस्सा नहीं लगता, बल्कि फिल्म की कहानी के विस्तार के रूप में सामने आता है।

करीना कपूर खान ने कहा, “‘सच का दायरा’ फिल्म की भावनात्मक धुरी को बखूबी सामने लाता है। गुलज़ार साहब के शब्द, अमित की धुन और बी प्राक की आवाज़ जिस गहराई और तीव्रता के साथ एक साथ आती हैं, वह लंबे समय तक आपके साथ रहती है।”

पृथ्वीराज सुकुमारन ने कहा, “‘सच का दायरा’ आपको ठहरकर सोचने पर मजबूर करता है। लेखनी की गहराई और संगीत से निर्मित माहौल इसे कहानी के भीतर मौजूद एक और आवाज़ जैसा बना देता है।”

गायक बी प्राक ने कहा, “इस गीत में एक अलग तरह की अभिव्यक्ति की ज़रूरत थी। इसकी भावनाओं में ताकत है, लेकिन साथ ही एक खामोशी भी है। इन दोनों के बीच संतुलन तलाशना ही इस गीत की रिकॉर्डिंग को मेरे लिए खास बनाता है।”

संगीतकार अमित त्रिवेदी ने कहा, “इस गीत के लिए ऐसी ध्वनि की आवश्यकता थी, जो कहानी के प्रति पूरी तरह सच्ची रहे। गुलज़ार साहब की परतदार लेखनी और बी प्राक की भावनात्मक ऊर्जा एक साथ आकर कुछ ऐसा रचती है, जो ‘दायरा’ की दुनिया में गहराई से रचा-बसा है।”

‘दायरा’ की निर्देशक मेघना गुलज़ार ने कहा, “‘सच का दायरा’ फिल्म की भावनात्मक धुरी को समेटता है। इसमें फिल्म की बेचैनी, बेबसी और इन सबके नीचे न्याय की जीत की एक पुकार है। गीत के बोल, संगीत और आवाज़ इन भावनाओं को उनकी पूरी गहराई और तीव्रता के साथ सामने लाते हैं।”

कवि एवं गीतकार गुलज़ार ने कहा, “सच का दायरा एकतरफ़ा नहीं है। न वह एक लकीर है। वक़्त, हालात और नज़रिए के साथ, वह बदलता रहता है। और यही, ये गाना बयां करता है।”

मंदार ठाकुर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जंगली म्यूज़िक/टाइम्स म्यूज़िक ने कहा, “‘सच का दायरा’ एक प्रभावशाली कहानी के लिए तीन असाधारण कलात्मक आवाज़ों को एक साथ लेकर आता है। इसकी पारंपरिक ढर्रे से अलग और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली ध्वनि ही इसे इतना असरदार बनाती है।”

मेघना गुलज़ार के निर्देशन में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन कहानी को पर्दे पर जीवंत करते हैं। ‘दायरा’ एक ऐसे सिनेमाई अनुभव का वादा करती है, जहां हर तत्व कहानी को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाता है। “सच का दायरा” इस सफर का सुर तय करता है और संगीत को सिर्फ़ कहानी के साथ चलने वाले तत्व के रूप में नहीं, बल्कि उसकी गहराई और भावनात्मक प्रभाव को और बढ़ाने वाले माध्यम के रूप में प्रस्तुत करता है।

“सच का दायरा” अब सभी प्रमुख ऑडियो प्लेटफॉर्म्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। इसका पूरा वीडियो टाइम्स म्यूज़िक के यूट्यूब चैनल पर देखें।

यूट्यूब पर देखें: https://youtu.be/Kv63oAhdY4E

https://youtu.be/Kv63oAhdY4E