दुनियां भर में 4.5 अरब मनुष्य चश्मे का इस्तेमाल करते हैं।
पिछले 60 सालों से एक कंपनी इन्हें इसकी लागत के 50 गुना पर बेच रही थी।
100 से 200 डॉलर में बिकने वाले चश्मों पर अमरीका की कंपनी लुक्सोटिका (Luxottica) की मोनोपाली को चीन के एक शहर ने 3 डॉलर के चश्मे से ढहा दिया है।
रो-बेन हो या पारडा, सारे चश्मे के बड़े ब्रांड एक ही कंपनी Luxottica के ही हैं। 8 अलग-अलग बड़े ब्रांड इसी कंपनी के हैं।
इटली से शुरू हुई यह अमरीकी कंपनी पिछले 60 सालों से लूट मचा रही थी।
आपने कभी सोचा है कि 5 से 8 डॉलर की लागत से बनने वाला चश्मा 250 डॉलर या उससे अधिक में क्यों बिकता है?
यह 165 अरब डॉलर का एक विशाल साम्राज्य है, जिसने चुपचाप 60 वर्षों में वैश्विक चश्मा उद्योग के लगभग हर हिस्से को खरीद लिया है।
मिलान के एक अनाथ लियोनार्डो डेल वेकिया द्वारा स्थापित, जिन्होंने इटली के अगोर्डो में एक छोटी सी कार्यशाला में धातु के कब्ज़े बनाने का काम शुरू किया था, यह कंपनी उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में सबसे बड़ा एकाधिकार बन गई।
Luxottica ने Ray-Ban जैसे ब्रांडों को 640 मिलियन डॉलर में और Oakley को 2.1 अरब डॉलर में अधिग्रहित किया, LensCrafters और Sunglass Hut सहित खुदरा श्रृंखलाओं को खरीदा, Prada, Chanel, Versace, Burberry और दर्जनों अन्य फैशन हाउसों के साथ लाइसेंसिंग समझौते किए तथा 2018 में लेंस की दिग्गज कंपनी Essilor के साथ विलय किया।
पूर्वी चीन का Danyang नाम का एक शहर इस एकाधिकार को अंदर से ही तोड़ चुका है।
10 लाख से कम आबादी वाले Danyang में हर साल 40 करोड़ से ज़्यादा चश्मे के लेंस बनते हैं, जो दुनिया भर में बनने वाले कुल लेंसों का 50% है।
इसके अलावा यहाँ हर साल 10 करोड़ से ज़्यादा चश्मे के फ्रेम भी तैयार होते हैं।
यहाँ 1,600 से ज़्यादा आईवियर कंपनियाँ काम करती हैं, जिनमें 50,000 से ज़्यादा लोग काम करते हैं।
स्वतंत्र लैब टेस्ट से पता चला है कि इनका परफ़ॉर्मेंस उन प्रीमियम ब्रांड्स के बराबर या उनसे भी बेहतर है, जिनकी कीमत 10 से 20 गुना ज़्यादा होती है।
Zenni Optical जैसी ऑनलाइन आईवियर कंपनियाँ, जो 2003 में शुरू हुईं और अब तक 5 करोड़ से ज़्यादा चश्मे बेच चुकी हैं, 6.95 डॉलर की शुरुआती कीमत पर पूरे प्रिस्क्रिप्शन वाले चश्मे उपलब्ध कराती हैं।
दुनिया भर में ऐसे 4.4 अरब लोग हैं जिन्हें नज़र के चश्मों की ज़रूरत है, और अब वे आख़िरकार वह सवाल पूछने लगे हैं जो अमरीकन कंपनी Luxottica कभी नहीं चाहती थी कि कोई पूछे: आखिर चश्मे की कीमत इतनी ज़्यादा क्यों है?

साभार- https://x.com/Murti_Nain से