'एस्सेल ग्रुप' (Essel Group) के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता एवं वरिष्ठ उद्योगपति व समाजसेवी स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका की रस्म पगड़ी के बाद एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की देह यात्रा भले ही समाप्त हो जाए, लेकिन उसके संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्य हमेशा जीवित रहते हैं और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते हैं।

डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि 26 जुलाई 2026 को संपन्न हुई रस्म पगड़ी केवल एक सामाजिक परंपरा नहीं थी, बल्कि उस उत्तरदायित्व को स्वीकार करने का क्षण थी, जो एक पिता अपने जीवन के बाद अपने परिवार को सौंप जाता है। उन्होंने कहा कि बाबूजी का जीवन अब केवल स्मृतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संस्कार परिवार के आचरण, निर्णयों और आने वाली पीढ़ियों के माध्यम से आगे बढ़ते रहेंगे।

उन्होंने आगे लिखा, "जीवन का एक शाश्वत सत्य है कि एक दिन व्यक्ति दृश्य संसार से विदा हो जाता है, लेकिन उसके संस्कार, उसका अनुशासन और उसके द्वारा दिखाया गया मार्ग समय से परे हो जाता है।" डॉ. चंद्रा ने कहा कि उनके पिता का जीवन और उनके आदर्श परिवार के लिए सदैव प्रेरणा बने रहेंगे।

अपने संदेश में उन्होंने इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़े रहने वाले सभी लोगों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने अपनी उपस्थिति, प्रार्थनाओं और स्नेह के माध्यम से परिवार को संबल दिया, उनके प्रति वे हृदय से कृतज्ञ हैं।

पोस्ट के अंत में डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "बाबूजी, आपकी देह यात्रा पूर्ण हो गई है, लेकिन आपके दिए संस्कारों की यात्रा निरंतर चलती रहेगी। ॐ शांति।"

उल्लेखनीय है कि हिसार में एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और पूर्व सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा के दिवंगत पिता श्री नंद किशोर गोयनका की रस्म पगड़ी 26 जुलाई 2026 को महाराजा अग्रसेन भवन में संपन्न हुई। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित कई प्रमुख गणमान्य लोग पहुँचे।