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पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने कोविड तैयारियों की जानकारी ली

मुंबई। कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर पश्चिम रेलवे के अस्पतालों में कोविड प्रभावित रोगियों को सर्वोत्तम संभव उपचार और देखभाल प्रदान करने के लिए उचित प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण के साथ ठोस कदम उठाना आवश्यक हो गया है। इस दिशा में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल ने बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाइयाँ, रेलकर्मियों और उनके परिवारजनों के वैक्सिनेशन के लिए अन्‍य आवश्‍यक उपकरणों की उपलब्‍धता पर विशेष जोर देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन सभी कोविड तैयारियों का जायजा लिया।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, श्री आलोक कंसल ने कहा कि हमने पिछले साल इस महामारी का सफलतापूर्वक सामना किया है और इससे निपटने के इस अनुभव का अनुसरण किया जाना चाहिए। तत्‍पश्‍चात उन्होंने वर्तमान स्थिति में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को सर्वोत्तम संभव उपचार प्रदान करने के लिए पश्चिम रेलवे के अस्‍पतालों में जीवनरक्षक दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। आवश्यक दवाओं आदि की कमी से बचने के लिए उन्होंने समय-समय पर इनकी आवश्‍यकताओं की समीक्षा करके समय से इनकी खरीद के लिए जरूरी उपाय करने पर जोर दिया। महाप्रबंधक ने गंभीर रोगियों के उपचार के लिए आवश्यक रेमडीसिविर इंजेक्शन, ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर इत्यादि के स्टॉक के बारे में भी जानकारी ली। हाल ही में, रतलाम मंडल के एक कर्मचारी का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था, जिसे एक्टीमरा इंजेक्शन की सख्त जरूरत थी। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने व्यक्तिगत रूप से तुरंत पहल की और उसे शीघ्र दवा उपलब्‍ध कराई गई, जिससे मरीज और उसके परिवार को अत्‍यधिक राहत मिली।

श्री ठाकुर ने बताया कि महाप्रबंधक ने सभी मंडलों में चल रहे टीकाकरण अभियान की स्थिति के बारे में भी चर्चा की। महाप्रबंधक को यह अवगत कराया गया कि लगभग 47,031 पात्र कर्मचारियों में से 20989 पात्र कर्मचारियों अर्थात 44 प्रतिशत को कोविड-19 वैक्सीन लगाया जा चुका है और कुछ को वैक्सीन की दूसरी खुराक भी दिशा-निर्देशों के अनुसार देना शुरू किया जा चुका है। श्री कंसल ने टीकाकरण को महत्‍वपूर्ण बताते हुए सभी पात्र कर्मचारियों के शीघ्र टीकाकरण पर बल दिया। उन्हें सूचित किया गया कि अप्रैल, 2021 के अंत तक सभी पात्र कर्मचारियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। महाप्रबंधक ने सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों (CMS) को निर्देश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सरकारी और प्राइवेट अस्‍पतालों के साथ बिस्तरों की उपलब्धता के बारे में डाटा तैयार रखें तथा आवश्यकता होने पर सरकारी दरों पर प्राइवेट अस्‍पतालों में भर्ती की संभावनाओं की भी जाँच करें। श्री कंसल ने उन एनजीओ के साथ आवश्यक समन्‍वय करने का सुझाव दिया जिन्‍होंने पिछले साल बड़े पैमाने पर विशाल कवर्ड आइसोलेशन बेड स्थापित किए थे। इसी प्रकार उन्होंने निर्देश दिया कि ऑक्सीजन सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति के लिए अस्पतालों/संबंधित एजेंसियों से उचित समन्वय बनाए रखा जाए और आवश्यकता होने पर रिफिलिंग की आवृत्ति बढ़ाई जाए। इसके अतिरिक्‍त स्थिति के अनुसार मांग को पूरा करने के लिए रेमडीसिविर के लिए पर्याप्त इंडेंट को राज्य सरकार को भेजा जाए। श्री कंसल ने रेलवे कॉलोनियों और पर्याप्‍त पात्र कर्मचारियों वाले कार्यालयों में आरटी-पीसीआर टेस्‍ट शिविर और टीकाकरण बूथ स्थापित करने पर जोर दिया। इससे काफी हद तक बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रभावित कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों को उचित सहायता और दवाइयाँ उपलब्‍ध कराने को सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किये जाने चाहिए।

पश्चिम रेलवे के जोनल अस्पताल जगजीवन राम अस्पताल की तीन मंजि़लों को 20 वेंटीलेटरों के साथ कोविड रोगियों के उपचार के लिए परिवर्तित और समर्पित किया गया है। वर्तमान में 148 कोविड मरीज जगजीवन राम अस्‍पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार किया जा रहा है। पीपीई किट और एन-95 मास्क डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को उपलब्‍ध कराए गए हैं। जगजीवन राम अस्‍पताल में अब तक 4213 कोविड मरीजों का इलाज किया गया है। रेलवे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की मेहनत, समर्पण और सेवा की सराहना करते हुए श्री कंसल ने उन्हें इसी उत्साह और लगन के साथ वायरस के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया।

पश्चिम रेलवे द्वारा वैक्सिनेशन के लिए वायलों, आवश्‍यक जीवन रक्षक दवाओं और उपकरणों आदि के प्रावधान के संबंध में अधिकतम सहायता के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के साथ-साथ राज्य सरकारों के प्रधान सचिवों को भी पत्र भेजे गये हैं। इस संबंध में केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार के साथ-साथ स्‍थानीय प्रशासन के साथ समन्‍वय के लिए नोडल अधिकारी के तौर पर मुख्‍यालय स्‍तर पर अपर महाप्रबंधक और मंडल स्तर पर संबंधित मंडल रेल प्रबंधकों को नामित किया गया है।

उल्‍लेखनीय है कि इस चुनौतीपूर्ण समय एवं इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में पश्चिम रेलवे मदद का हाथ बढ़ाने में भी अग्रणी रही है। पश्चिम रेलवे ने 386 आइसोलेशन कोच तैयार किये हैं, जिनमें से 128 कोच मुंबई मंडल में हैं। कोविड-19 मरीजों की देखभाल एवं उपचार में सहायता हेतु हाल ही में नंदुरबार जिला प्रशासन की मांग पर पश्चिम रेलवे द्वारा नंदुरबार स्‍टेशन पर कोविड मरीजों के इलाज के लिए 21 डिब्‍बों का एक रेक उपलब्‍ध कराया गया है। प्रत्येक कोच में 16 मरीजों को रखा जा सकता है तथा अब तक इनमें 20 से अधिक मरीजों को भर्ती किया गया है। प्रत्‍येक डिब्‍बे में 2 ऑक्सीजन सिलेंडर, डस्टबिन और प्रत्‍येक मरीज के लिए चादरें, तकिये तथा नैपकिन की व्‍यवस्‍था की गई है। साथ ही प्रत्‍येक डिब्‍बे में पानी की समुचित व्यवस्था के साथ एक बाथरूम और तीन शौचालय उपलब्‍ध कराये गये हैं। गर्मी से राहत के लिए डिब्बों की छतों को जूट के बोरों से ढका गया है, जिन पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा, तापमान में कमी के लिए प्रत्‍येक डिब्‍बों में कूलर की व्‍यवस्‍था की गई है। डॉक्‍टरों तथा महिला चिकित्‍सा कर्मियों के पीपीई किट बदलने के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम की भी व्‍यवस्‍था की गई है। इन कोचों में जिला प्रशासन की ओर से डॉक्टरों, पैरामेडिकल तथा अन्य कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

कोविड यथोचित व्यवहार के संबंध में जागरूकता पैदा करने के लिए अपनाए गए विभिन्न उपायों के बारे में बताते हुए श्री ठाकुर ने जानकारी दी कि पश्चिम रेलवे द्वारा स्‍टेशनों पर उद्घोषणा तथा सोशल मीडिया में आकर्षक इन्फोग्राफिक्स, वेबकार्डों, ई-पोस्टर्स और प्‍लेटफॉर्मों एवं डिजिटल स्‍क्रीनों पर वीडियो के माध्यम से कोविड यथोचित व्यवहार एवं कोविड स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को देखते हुए रेल परिसरों (ट्रेनों सहित) में सभी व्यक्तियों द्वारा फेस मास्क/फेस कवर पहनना सुनिश्चित करने के लिए नामित रेल प्राधिकारियों द्वारा भारतीय रेल (रेल परिसर में स्वच्छता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के लिए दंड) नियम, 2012 के अधीन रेल परिसरों एवं ट्रेनों में फेस मास्क/फेस कवर न पहनने वाले तथा थूकने आदि में लिप्‍त पाए गए व्यक्तियों को दंडित करने के लिए 500 रु. तक का जुर्माना लगाने के नियम को क्रियान्वित किया जा रहा है।

श्री ठाकुर ने यह भी बताया कि ट्रेनों के साथ-साथ स्‍टेशनों पर सुरक्षा संबंधी उपायों में वृद्धि की गई है। पश्चिम रेलवे के प्रमुख स्‍टेशनों पर यात्रियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त संख्‍या में आरपीएफ बंदोबस्‍त की तैनाती की गई है। यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने तथा भीड़ प्रबंधन के लिए आरपीएफ/ जीआरपी कर्मियों की तैनाती की गई है। स्टेशनों के सभी प्रवेश एवं निकास मार्गों पर आरपीएफ/जीआरपी कर्मियों के साथ-साथ स्टेशन स्‍टाफ की भी समुचित व्‍यवस्‍था की गई है। संबंधित राज्‍य सरकारों द्वारा निर्धारित कोविड-19 यथोचित प्रोटोकॉल को सुनिश्चित किया जा रहा है। पश्चिम रेलवे के 28 स्‍टेशनों में प्रवेश द्वारों पर तैनात आरपीएफ स्‍टाफ द्वारा ट्रेनों में सवार होने वाले यात्रियों की थर्मल स्‍क्रीनिंग की जा रही है। ट्रेनों में यात्रा करते समय सोशल डिस्‍टैंसिंग का पालन तथा मास्‍क पहने रहने के साथ-साथ कोविड-19 से संबंधित मानदंडों, प्रोटोकॉल एवं एसओपी का पालन करने के लिए यात्रियों को प्रेरित करने हेतु स्‍टेशनों पर आरपीएफ कर्मियों द्वारा विशेष जागरूकता अभियान भी चलाये जा रहे हैं। अनधिकृत यात्रियों पर अंकुश लगाने के लिए टिकट जाँच में भी तेजी लाई गई है।

इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में अपर महाप्रबंधक, प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक, प्रमुख वित्त सलाहकार, सभी छह मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक, उप महाप्रबंधक (सामान्य) के साथ-साथ सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों ने भी भाग लिया।

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