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भारतीय रेल के आयेंगे ‘अच्छे दिन’ – एक्सिस सर्वे की राय

‘अच्छे दिन’ का लोकप्रिय मुहावरा निकट भविष्य में भारतीय रेल की सम्पूर्ण प्रणाली के लिए खुशनुमा हकीकत बनने वाला है। यह अनुमान एक्सिस कैपिटल की नवीनतम सर्वे रिपोर्ट में दर्शाया गया है। आगामी रेल बजट को देखते हुए, एक्सिस कैपिटल ने यात्रियों के लिए भावी सम्भावनाओं तथा आने वाले वर्षों में यात्रियों की बेहतरी के लिए तैयार की गई योजनाओं के समयानुरूप आकलन के लिए भारतीय रेल के परिदृश्य पर एक विशेष रिपोर्ट तैयार की है। रेलवे के बारे में जानकारी प्राप्त करने तथा बेहतर संकल्पनाओं के लिए एक्सिस कैपिटल के रिसर्च ग्रुप द्वारा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, हाई स्पीड रेल तथा स्टेशन आधुनिकीकरण के अहम मुद्दों पर भारतीय रेल की अग्रणी बहुराष्ट्रीय वितरक कम्पनियों के सीईओ तथा भारतीय रेल परिचालन क्षेत्र के विभिन्न निदेशकों और रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्यों से बातचीत की गई।

एक्सिस कैपिटल द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में यात्रियों की समस्याओं, उनकी मांगों तथा किस तरह सीईओ तथा बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ इसके निराकरण/समाधान में शामिल हो सकती हैं, इन सभी विषयों का समग्र विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट दर्शाती है कि भारतीय रेल के सर्वे के अनुसार यात्रियों को समयपालनता, संरक्षा, दर, उपलब्धता तथा विशेषतः चलती ट्रेनों में स्वच्छता आदि की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट भविष्य एवं वर्तमान के संतुलन के बारे में अपनी बात कहती है। इस रिपोर्ट के अनुसार कम धन को बहुत सारी परियोजनाओं में बाँट दिया गया था, जिसके फलस्वरूप लागत में बढ़ोतरी एवं परियोजना में देरी होती थी। इस अनिश्चितकालीन देरी के कारण परियोजना संकुलन होता है। परन्तु यदि बेहतर होते वर्तमान नेटवर्क एवं प्रणाली पर पैसे खर्च किये जायें, तो ये समस्याएँ भविष्य में अनियंत्रित हो जायेंगी, क्योंकि अब जब तक रणनीतिक महत्त्व वाली परियोजनाएँ शुरू नहीं की जायेंगी, तब तक इससे केवल हानि एवं संकुलन ही होगा। इसके विपरीत दीर्घावधि निधिकरण द्वारा परियोजना पूर्ण करने तथा भविष्य में इसके विस्तार से बाधाओं को दूर कर नई लाइनों का मार्ग प्रशस्त होगा। यह रिपोर्ट ढाँचागत सुधारों के बारे में भी बताती है, जो वर्तमान स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक हैं। रिपोर्ट कहती है कि ‘लेखा सुधार, एक स्वतंत्र नियामक की नियुक्ति तथा नवीनीकरण से इसमें व्यापक सुधार होगा।

वेतन बिल पर भार कम करने की दिशा में यह रिपोर्ट कहती है कि आगामी दो वर्षों में कई लोग सेवानिवृत्त हो रहे हैं तथा वेतन में बदलाव लाने का यह उपयुक्त समय है। यह रिपोर्ट ‘‘20 मिलियन रजिस्टर्ड उपयोगकर्ता प्रतिदिन 0.3 मिलियन टिकटों की बिक्री तथा 2.5 बिलियन डॉलर की वार्षिक बिक्री” वाली भारतीय रेलवे को देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स माध्यम के रूप में देखती है। बेहतर ऑनलाइन मोबाइल इंटरफेस तथा टिकटों के अतिरिक्त सेवाओं के ज़रिये भारतीय रेल सरलता से किसी भी दिग्गज को टक्कर दे सकती है। स्टेशनों तथा डिब्बों का प्रयोग विज्ञापन के लिए, पार्सल सेवा तथा स्टेशनों पर वाई-फाई एवं उच्च दर पर ट्रेन चलाने जैसे सम्भावित माध्यमों से अतिरिक्त आय हो सकती है।

इस रिपोर्ट में स्ट्रेटेजिक महत्त्व की परियोजनाओं (ए) डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC):- (ए) यात्री वहन क्षता को बढ़ाने के लिए 70 प्रतिशत माल यातायात की सघनता में उल्लेखनीय कमी लाया जाना मुख्य उद्देश्य। (बी) एचएसआर (बुलेट ट्रेन): अत्यधिक यातायात वाले यात्री एवं माल परिवहन दोनों के व्यस्ततम रेल खंडों के घनत्व में कमी लाना। (सी) स्टेशनों का आधुनिकीकरणः जनता के लिए टच एंड फील के मुद्दे पर यह एक जटिल प्रक्रिया है। इस रिपोर्ट का एक अन्य महत्त्वपूर्ण पहलू भारतीय रेल के कायाकल्प का समाधान है, जो 5 वर्षीय मास्टर प्लान की ओर इंगित करता है। इस मास्टर प्लान के मुख्य बिन्दुओं में (1) सघनता को कम करने के प्रमुख क्षेत्रों में 8.56 ट्रिलियन रु. के निवेश की योजना (2) वित्तीय वर्ष 2016 के आउटले में 1 ट्रिलियन की उल्लेखनीय वृद्धि करना (3) लम्बी अवधि के लिए जीवन बीमा निगम के साथ वाणिज्यिक सम्बंध (4) कार्य भार को बाँटने के लिए पार्टनरशिप/पीपीपी को अपनाना मुख्य रूप से शामिल हैं।

लेखक पश्चिम रेल्वे मुुंबई में मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हैं

Ravinder Bhakar,
Chief Public Relations Officer,
Mumbai,
Western Railway
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