आप यहाँ है :

कोटा के साहित्यकार पंचोली को इजिप्ट में साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित

कोटा / कोटा के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार पुरुषोत्तम पंचोली को इजिप्ट में विगत 6 से 16 जून तक आयोजित 19वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में इंडिया नेट बुक्स द्वारा उद्घाटन सत्र में साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष मंडल की ओर से सम्बोधित करते हुए पंचोली ने रचना धर्मियों से आग्रह किया कि वे सच को उजागर करते हुए अपना रचना धर्म निभाए। पंचोली ने समापन सत्र की अध्यक्षता भी की।

विशाल पिरामिडों के देश मिश्र (इजिप्ट ) में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में अनेक साहित्यकारों की कृतियों का विमोचन भी किया गया। सहभागियों ने मिश्र की राजधानी कॉएरो , व्यापार एंव वाणिज्यिक केन्द्र — अस्वान , पिरामिडों के लिए विख्यात शहर गीजा का सांस्कृतिक – सामाजिक अध्ययन किया एवं दुनिया के दूसरे सबसे बड़े पुस्तकालय को संजोने वाले इजिप्ट के दूसरे सबसे बड़े शहर इलेक्जैंड्रिया का दौरा किया। सम्मेलन के दौरान तीन दिन पानी के जहाज पर लेखकों ने क्रूज यात्रा का लुत्फ उठाया। अनेक प्राचीन स्मारको , ग्रीक स्तंभों और मनमोहक धरोहरों से रुबरु होते हुए सभी प्रतिभागी 17जून को भारत लौटे।

परिचय
हिंदी भाषा पर पूर्ण अधिकार, साहित्यकार,लेखक, संपादक,पत्रकार,स्वभाव से मिलनसार, मित्रों के मित्र, जरूरतमंद के मददगार, मृदुभाषी ,अथक परिश्रमी और निरन्तर साहित्य साधना में लीन रहते हैं सरस्वती पुत्र पंचोली ने प्रथम श्रेणी में हिंदी विषय में एम.ए. करने के साथ – साथ आपने एम.कॉम, गाँधी दर्शन में एम.ए. तक शिक्षा प्राप्त कर जर्मनी के बर्लिन विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की विद्या में योग्यता हासिल की।

पत्रकारिता के एक प्रकल्प हेतु दक्षिण अफ्रीका में केपटाउन व जॉहन्सबर्ग की यात्रा का सौभाग्य भी आपको प्राप्त हुआ। साहित्यिक उपलब्धि के रूप में आपका “मोर्निंग वॉक” उपन्यास राजस्थान साहित्य अकादमी से प्रकाशित और बहुप्रशंसित कृति है। हाल ही में “करोगे याद तो…” संस्मरण संग्रह प्रकाशित हुआ है। पत्रकारिता पर आपकी दो पुस्तकें प्रकाशनाधीन हैं। साहित्य की शोध-पत्रिका “चिदम्बरा” का लम्बे समय तक एवं स्वयं के पाक्षिक समाचार पत्र “शब्द युद्ध ” का एक दशक तक सम्पादन किया।

पत्रकार के रूप में “नवभारतटाइम्स” और “जनसत्ता” में तीन दशकों तक रिपोर्टिंग की और कुछ समय तक “आउटलुक” पत्रिका के लिए संबद्ध रहे। हैदराबाद मेंं देश के पहले बहुभाषी पोर्टल मे फ़ीचर सम्पादक के रूप में सेवाएं प्रदान की। देश की अनेक महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में आपका सृजन-प्रकाशन निर्बाध जारी है। आकाशवाणी केंद्र से अनेक रचनाओं का प्रसारण किया गया। पत्रकारिता के साथ – साथ भावी पत्रकारों को मार्गदर्शन के लिए आपने कोटा खुला विश्वविद्यालय में कुछ समय पत्रकारिता के प्रशिक्षक के तौर पर अध्यापन कार्य भी किया।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी पंचोली कॉलेज के दिनों में छात्रसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए और कोटा में हाड़ौती की प्रमुख साहित्यिक संस्था “भारतेंदु समिति” के प्रधानमंत्री पद का निर्वहन किया। शिक्षा का अलख जगाने के लिए आपने मदर टेरेसा के नाम पर कुछ वर्षो तक एक विद्यालय का संचालन भी किया। अपने घर के सामने के पार्क में नवाचार कर एक खुला पुस्तकालय भी शुरू कर लोगों और बच्चों में पढ़ने की आदत का विकास करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

image_pdfimage_print


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top