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नोट बंदी के बाद जोधपुर रीज़न के डाकघरों में खुले साढ़े 36 हजार से ज्यादा नये खाते

जोधपुर रीज़न के डाकघरों में पुरानी सीरीज वाले नोटों से जमा हुयी 08 अरब 71 करोड़ रूपये की राशि

जोधपुर। नोटबंदी के बाद डाकघरों में लोगों ने तमाम नये खाते खुलवाये। एक तरफ डाकघरों के माध्यम से पुराने नोट एक्सचेंज करवाये गये वहीं अपने खातों में लोगों ने 500 व 1000 रूपये के पुराने सीरीज के नोट भी जमा किये।

राजस्थान पश्चिम क्षेत्र, जोधपुर के निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि नोटबंदी के बाद डाक विभाग ने लोगों को डाकघरों में खाते खुलवाने हेतु विशेष कैंप लगाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को खाते खोलने हेतु प्रेरित किया। इसके तहत अकेले नवम्बर माह में साढ़े 36 हजार से ज्यादा नये खाते खोले गये, जबकि अक्टूबर माह में मात्र 27 हजार नये खाते ही खुले थे। गौरतलब है कि वर्तमान में जोधपुर रीज़न के अधीन डाकघरों में लगभग साढ़े 78 लाख खाते संचालित हैं। डाकघरों में मात्र 50 रूपये में बचत खाते खुलवाये जा सकते हैं और जहाँ पर एटीएम सुविधा उपलब्ध है, वहाँ तत्काल ही इन खातों को एटीएम से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि पैसे निकालने में खाताधारकों को परेशानी न हो।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि नोटबंदी के बाद जोधपुर रीज़न के डाकघरों में 500 व 1000 रूपये की पुरानी सीरीज के कुल 01 अरब 63 करोड़ 26 लाख रूपये लोगों द्वारा एक्सचेंज कराये गये। इसी प्रकार अब तक 500 व 1000 रूपये के लगभग 08 अरब 71 करोड़ 54 लाख रूपये लोगों द्वारा अपने खातों में जमा करवाये गये।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक समावेशन में डाक विभाग की अहम भूमिका है। ऐसे में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बचत योजनाओं के तहत प्रोत्साहित करते हुये उनके खाते डाकघरों में खुलवाने का अभियान चलता रहेगा। ग्रामीण लोगों को अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री जन सुरक्षा बीमा योजना के लाभों से रूबरू कराते हुये इससे भी जोड़ा जा रहा है।

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