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हैदराबाद में राष्ट्रीय संगोष्ठी

हैदराबाद। बद्रुका कालेज आफ कामर्स काचिगुडा-हैदराबाद के सभागार में भारत उत्थान न्यास – व्दितीय आमसभा- एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम मे देश के बारह राज्यों से इस न्यास के सदस्य और अन्य स्थानीय लोगों की उपस्थिति ने इस आयोजन के सभी तीनों सत्रों की सफलता के हिस्सेदार बने। हर सत्र ने अपनी एक अलग पहचान बनाई ।

माँ शारदे की वंदना ऋचा शर्मा व्दारा प्रस्तुत की गई। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुजीत कुंतल-कानपुर , मुख्य अतिथि डा.राजनारायण अवस्थी ,वरिष्ठ अधिकारी(राजभाषा) ,श्री संजय कुमार मिश्र-कानपुर ,डा.गीता दत्त सहरिया अध्यक्ष, आसाम राज्य व अन्य ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। ।

डॉ .स्नेहलता शर्मा जी व्दारा स्वागत भाषण में अपने उदगार के तहत भारतीयता की पहचान ,माँ का महत्व के साथ हमारे महान संत कबीर. स्वामी विवेकानंद व चाणक्य को याद करते हए एक श्लोक‘’काक चेष्ठा,बको ध्यानं,स्वान निद्रा तथैव च,अल्पहारी गृहत्यागी ,विद्यार्थी पंचलक्षणं का उल्लेख किया और कहा कहा कि ये श्लोक न केवल छात्रों के लिए बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में हर किसी के लिए उपयोगी है।

अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुंतल जी ने इस न्यास के सभी सदस्यों को इस स्तर तक कार्यों के लिए सभी के सहयोग की प्रशंसा करते हुए संस्था की गतिविधियों की चर्चा का संक्षिप्त विवरण भी रखा साथ ही कुछ सदस्यों के कार्य क्षेत्रों के विषय में भी चर्चा की ।इस सत्र का संचालन डा.निवेदिता चतुर्वेदी जी ने किया ।

शिक्षा-संबधी सत्र का संचालन डा.सुषमा देवी ने किया इस सत्र में इस न्यास के मूल उद्देश्य भाषा,शिक्षा,पर्यावरण,चरित्र निर्माण,विधि-न्याय पर चर्चा की गई।इस सत्र के केन्द्र में नयी शिक्षा निति,पर्यावरण विषय बहुत अधिकता से रहे ।हर भाषा का सम्मान व हर भाषा के साहित्य का हिंदी में अनुवाद आदि बाते इस सत्र में उपस्थित मंचासीन अतिथिगणों व प्रपत्र वाचक शोधार्थियों के विषय रहे। प्रोफेसर श्यामराव ठौर ने शिक्षा नीति के दोनों पक्षों पर अपनी राय व्यक्त की।

डॉ. कमल किशोर शिवशंकर गुप्ता जी ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. करन सिंह उटवाल ने न्यास की इस यात्रा की सराहना करते हुए पूरब-पश्चिम फिल्म का गीत प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हमारा देश हमारी भाषा भारतीय होने का गर्व है। कार्यक्रम के अतिथि सुरभि दत्ता, रचना पाण्डे, उच्चतम न्यायालय दिल्ली की अधिवक्ता सुमित्रा चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। । नये विचारों से अवगत कराते हुए श्रीमती नीरजा गुरमकोंडा,डा.अफसर उन्नीसा बेगम,ऋचा शर्मा, अजय कुमार, प्रियंका,गुंजन,उज्जवल,उस्मान आदि प्रोफेसर और शोधार्थियों की सराहनीय प्रस्तुति रही । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डा.स्नेहलता शर्मा ने की।

समापन सत्र का संचालन संयुक्त रूप से श्रीमती वर्षा शर्मा और कुमारी छाया राठी ने किया।
इस सत्र के मुख्य वक्ता डा.राजनारायण अवस्थी ,राजभाषा अधिकारी (ई सी आई एल) ने हिंदी की आवश्यकता और उपयोगिता पर अपने विचार रखे। सत्र के मुख्य अतिथि रमेश बंग,चेयरमेन महेश बैंक.हैदराबाद, ने मैकाले की शिक्षा पध्दति को हमारी शिक्षा के लिए बाधक माना और इस न्यास की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी। विशिष्ठ अतिथि-डॉ..राजेश अग्रवाल, उप प्राचार्य बद्रुका कालेज आफ कामर्स एवं आर्ट्स ने कहा कि इस तरह के आयोजन इस परिसर में हमेशा होते रहते है और आगे भी हमारा सहयोग रहेगा। उन्होंने कहा कि मैं भी इसी कॉलेज का छात्र रहा हूँ ।डॉ. .गीता दत्त्ता सहरिया-अध्यक्ष-आसाम ने न्यास के कार्यों की सराहना की ।

इस अवसर पर दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया जिसके लेखको ने इस पर अपने विचार रखे। पहली पुस्तक –कबीर कल आज और कल –संयुक्त संपादक डॉ..कमलकिशोर एस गुप्ता और डॉ. रमेश टी बावनधडे। दूसरी पुस्तक –हिंदी राष्ट्रभाषा से विश्वभाषा –लेखिका-डॉ. सुरभि दत्त । सम्मान कार्यक्रम में माँ भारती सेवा सम्मान डा.राजनारायम अवस्थी व ,संजय कुमार मिश्र को, राष्ट्रीय सेविका सम्मान-डॉ.सुरभि दत्त,मीनाक्षी भसीन,डॉ.ऋतु तिवारी,डॉ .किरण शास्त्री,अधिवक्ता कंचन बाला,डॉ.बीना सिंह,अनीता मोहन,डॉ.संगीता कोटिया,वर्षा नाथ को दिया गया।

राष्ट्रीय सेवा सम्मान डॉ. करण सिंह उटवाल, कुशवंत कुमार माली,डॉ. कमल किशोर शिीशशंकर गुप्ता,डाॉ.दत्ताशिवराम साकले, प्रो.श्यामराव राठौर, डॉ.महातेश रामचंद्र को दिया गया । संजय कुमार मिश्र जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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