Tuesday, June 25, 2024
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Homeप्रेस विज्ञप्तिकृष्ण कुमार यादव को 'पूर्वांचल गौरव सम्मान'

कृष्ण कुमार यादव को ‘पूर्वांचल गौरव सम्मान’

वाराणसी। वाराणसी और प्रयागराज परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव को प्रशासन और साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों हेतु “पूर्वांचल गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया। वरिष्ठ प्रशासक के साथ एक लेखक, साहित्यकार व ब्लॉगर के रूप में भी ख्याति प्राप्त श्री यादव को उक्त सम्मान गोरखपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डा. संजय निषाद, सांसद डा. रमापति राम त्रिपाठी व गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने प्रदान किया। पूर्वांचल गौरव सम्मान समिति के अध्यक्ष श्री वेद प्रकाश राय ने बताया कि प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य, संस्कृति, लोककला, कृषि, उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को पूर्वांचल गौरव सम्मान से विभूषित किया गया।

गौरतलब है कि 2001 बैच के भारतीय डाक सेवा के अधिकारी श्री कृष्ण कुमार यादव सामाजिक, साहित्यिक और समसामयिक मुद्दों से सम्बंधित विषयों पर प्रमुखता से लेखन करने वाले साहित्यकार, विचारक और ब्लॉगर भी हैं। विभिन्न विधाओं में उनकी सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं – ‘अभिलाषा’ (काव्य-संग्रह), ‘अभिव्यक्तियों के बहाने’, ‘अनुभूतियाँ और विमर्श’, 16 आने 16 लोग’ (निबंध-संग्रह), इंडिया पोस्ट : 150 ग्लोरियस इयर्ज’, ‘क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा’, ‘जंगल में क्रिकेट’ (बाल-गीत संग्रह)। सामाजिक सहभागिता, संवेदनशीलता और निरंतर लोगों से रचनात्मक संवाद करते हुए आपने डाक सेवाओं के माध्यम से वित्तीय समावेशन, डिजिटल इण्डिया, अंत्योदय और नवाचार को हमेशा बढ़ावा दिया है।

देश-विदेश में विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा आपको शताधिक सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा ‘‘अवध सम्मान’’, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरीनाथ त्रिपाठी द्वारा ‘‘साहित्य-सम्मान’’, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री शेखर दत्त द्वारा ‘‘विज्ञान परिषद शताब्दी सम्मान’’, सिक्किम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण आचार्य द्वारा “साहित्य शिल्पी सम्मान” से विभूषित आपको अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर्स सम्मेलन, नेपाल, भूटान और श्रीलंका में भी सम्मानित किया जा चुका है। विभागीय दायित्वों और हिन्दी के प्रचार-प्रसार के क्रम में अब तक श्री यादव लंदन, फ़्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, भूटान, श्रीलंका, नेपाल जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं।

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