भारतीय पार्श्वगायन के इतिहास में एस. जानकी (S. Janaki) का नाम अत्यंत सम्मान और आदर के साथ लिया जाता है। उनका पूरा नाम सिस्तला श्रीराममूर्ति जानकी है। उनका जन्म 23 अप्रैल 1938 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर ज़िले के पल्लपटला गाँव में हुआ था। दक्षिण भारत में उन्हें प्रेम से "जानकी अम्मा" तथा "दक्षिण भारत की कोकिला (Nightingale of South India)" कहा जाता है। लगभग छह दशकों तक उन्होंने अपनी मधुर, भावपूर्ण और बहुआयामी आवाज़ से भारतीय फिल्म संगीत को समृद्ध किया। 11 जुलाई को मैसूर में उनका दुखद निधन हो गया।
उन्होंने अपने गायन की शुरुआत वर्ष 1957 में तेलुगु फिल्मों से की। इसके बाद तमिल, मलयालम, कन्नड़, हिंदी, ओड़िया, बंगाली, पंजाबी, संस्कृत, तुलु, उर्दू सहित अनेक भारतीय भाषाओं में हजारों गीत गाए। उनकी आवाज़ की सबसे बड़ी विशेषता थी कि वे गीत के भाव के अनुसार अपनी गायकी और स्वर को पूरी तरह ढाल लेती थीं। शास्त्रीय, लोक, भक्ति, रोमांटिक, विरह, हास्य और नृत्यगीत—हर शैली में उन्होंने अद्भुत सफलता प्राप्त की।
उन्हें अपने शानदार संगीत जीवन में चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, अनेक राज्य सरकारों के पुरस्कार तथा कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए। वर्ष 2013 में भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्म भूषण देने की घोषणा की गई थी, लेकिन उन्होंने यह सम्मान यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया कि उन्हें यह बहुत देर से दिया जा रहा है।
एस. जानकी के प्रमुख हिंदी गीत
यद्यपि उनका मुख्य कार्यक्षेत्र दक्षिण भारतीय फिल्में रहीं, फिर भी उन्होंने हिंदी फिल्मों में कई यादगार गीत गाए। प्रमुख गीतों में शामिल हैं—- यार बिना चैन कहाँ रे – साहेब (1985) – बप्पी लाहिड़ी के संगीत निर्देशन में, एस. पी. बालासुब्रह्मण्यम के साथ।
- बोल बेबी बोल, रॉक एन रोल – मेरी जंग (1985) – अमित कुमार के साथ गाया गया अत्यंत लोकप्रिय गीत।
- राधा प्यार दे – इंसाफ की आवाज़ (1986) – किशोर कुमार के साथ।
- दिल में हो तुम – सत्यमेव जयते (1987) – बप्पी लाहिड़ी के संगीत का चर्चित गीत।
- आया जब से तू दिल में आया – झूठी।
- लौंडिया सत्रह साल की – प्यार के काबिल।
- आपने मुझमें क्या देखा – जीत हमारी।
- प्रभु मोरे अवगुण चित न धरो – सुर संगम।
कुल कितने गीत गाए?
एस. जानकी द्वारा गाए गए गीतों की संख्या के बारे में विभिन्न स्रोतों में थोड़ा अंतर मिलता है। अधिकांश विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार उन्होंने लगभग 48,000 से अधिक गीत रिकॉर्ड किए, जबकि कुछ स्रोत यह संख्या 50,000 से अधिक भी बताते हैं। उन्होंने लगभग 17 से 20 भाषाओं में गायन किया। इसलिए सुरक्षित रूप से कहा जा सकता है कि उन्होंने लगभग 48,000–50,000 गीत विभिन्न भारतीय एवं कुछ विदेशी भाषाओं में गाए, जो भारतीय संगीत इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।एस. जानकी केवल दक्षिण भारतीय सिनेमा की महान गायिका ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी आवाज़ में भावों की गहराई, स्पष्ट उच्चारण और संगीत की उत्कृष्ट समझ उन्हें भारतीय पार्श्वगायन की महानतम गायिकाओं की श्रेणी में स्थापित करती है। उनके गीत आज भी करोड़ों संगीतप्रेमियों के हृदय में समान रूप से लोकप्रिय हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
एस जानकी द्वारा गाए गए गीतों की संख्या जहाँ 50 हजार से अधिक है और वे फिल्मी गीत गाने के साथ ही शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम भी प्रस्तुत करती थी। जबकि लता ंंगेशकर और आशा भोसले के केवल फिल्मी गीत ही गाए और उनके गाए गीतों की संख्या एस जानकी द्वारा गाए गए गीतों की संख्या से आधी ही है।
लता मंगेशकर
- सक्रिय गायन अवधि: 1942–2022 (लगभग 80 वर्ष)
- रिकॉर्ड किए गए गीत: लगभग 5,000 से 7,500 (विभिन्न भाषाओं में)
- भाषाएँ: 36 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाएँ
- हिंदी, मराठी, बंगाली, गुजराती, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, उड़िया, पंजाबी, असमिया, नेपाली आदि में व्यापक गायन किया।
आशा भोसले
- सक्रिय गायन अवधि: 1948 से वर्तमान तक
- रिकॉर्ड किए गए गीत: लगभग 10,000 से 12,000 (कुछ स्रोत 11,000+ बताते हैं)
- भाषाएँ: 20 से अधिक
- हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, भोजपुरी, असमिया, अंग्रेज़ी, रूसी, मलय आदि भाषाओं में भी गीत गाए।





