मुंबई। सेवा हो या कारोबार, कोई भी काम मिलजुलकर ही किया जा सकता है। अकेला व्यक्ति न तो कारोबार कर सकता है न समाज सेवा। यह बात भारत भारत विकास परिषद के मार्गदर्शक और देश के जाने माने जीएसटी विशेषज्ञ व सीए श्री एसएस गुप्ता ने कही। वे भारत विकास परिषद के शपथ समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि देशभर में 4.25 लाख सीए हैं। 75 हजार प्रेक्टिस करते हैं। उनमें से 500 सीए फर्म के साथ पार्टनरशिप में काम करते हैं, 74,500 प्रोपायटरी यानि अकेले काम करते हैं। लेकिन कारोबार में वे ज्यादा सफल हैं जो मिलकर काम कर रहे हैं।  हमारी समस्या ये है कि हम मिलकर काम नहीं करना चाहते। यदि मिलकर काम करेंगे तो काम का फल भी बड़ा होगा। आज डी मार्ट या अन्य बड़े संस्थान सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं, उनके मालिक कोई दुकान पर जाकर नहीं बैठते।

उन्होंने कहा कि मालाड शाखा द्वारा 10 हजार नोटबुक बच्चों को बाँटी जाती है, ये काम एक अकेले के बस का नहीं मिलजुलकर ही ऐसे कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के लिए बहुत सहन करना पड़ता है। हम शिवजी की पूजा करते हैं क्योंकि उन्होंने समुद्र मंथन से निकला विष पी लिया था, इसलिए उनको हम महादेव कहते हैं। कोई भी संगठन शिव संकल्प से ही सफलतापूर्वक चल सकता है।

श्री एस एस गुप्ता ने कहा कि भारत विकास परिषद की मालाड शाखा ने जो उल्लेखनीय कार्य किए हैं वो हम सबके लिए प्रेरणा और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि संस्था ने सामाजिक कार्यो में 1.50 करोड़ खर्च कर समाज को एक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी संस्था तभी प्रगति कर सकत है जब उसके सामने ये स्पष्ट हो कि उसे करना क्या है, कैसे करना है और इससे समाज को क्या लाभ होगा। यदि पदाधिकारी मंच और फोटो पर ध्यान लगाएंगे ते संस्था कभी विकास नही कर पाएगी।

उन्होंने कहा कि हर संस्था समर्पित कार्यकर्ताओं से चलती है, मंच और फोटो से नहीं। उन्होंने कहा कि जब निःस्वार्थ भाव से कार्य किया जाता है तो फिर पैसे की कोई कमी नहीं रहती है। उन्होंने बताया कि केशवसृष्टि में बेटियों को सशक्त बनाने के एक प्रोजेक्ट पर चर्चा चल रही थी, और उसका खर्च लाखों में आ रहा था बैठक के समाप्त होते ही उस प्रोजेक्ट के लिए पैसे की व्यवस्था हो गई और सभी ने कहा कि अगर और पैसा लगेगा तो व्यवस्था करेंगे लेकिन ये प्रोजेक्ट पूरा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संस्था की बैठक हम प्रायः घरों में रखते हैं, इससे फायदा ये होता है कि परिवार के अन्य सदस्य भी संस्था के कामकाज के बारे में जान जाते हैं और वे आसानी से समाज सेवा के कामों में जुड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति समाज का  काम तभी कर सकता है जब उसके अंदर सहनशक्ति हो और  उसे परिवार का सहयोग मिले।

इस अवसर पर भारत विकास परिषद के निवृत्तमान अध्यक्ष श्री लक्ष्मीकांत सिंगड़ोदिया ने कहा कि “किसी भी संस्था की शक्ति उसके पदों में नहीं होती, उसकी शक्ति उसके सदस्यों के समर्पण में होती है —और हमारी शाखा इस बात का सबसे सुंदर उदाहरण है।” यह कार्यक्रम केवल पद परिवर्तन का नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, सेवा और संस्कारों की निरंतरता का उत्सव है। भारत विकास परिषद केवल एक संस्था नहीं, यह एक परिवार और एक विचार है। “जब सेवा, संस्कार और समर्पण एक साथ आते हैं तो संस्था एक आंदोलन बन जाती है।”

उन्हंने कहा कि हमारे प्रेरणास्रोत आदरणीय श्री एस. एस. गुप्ता जी मेरे लिए पथप्रदर्शक का कार्य करते रहे और उनकी प्रेरणा से ही पिछला वर्ष हमारे लिए अत्यंत सक्रिय और उपलब्धियों से भरा रहा। हमने 4 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स शुरू किए—

बालिकाओं के लिए एमबीए कोर्स, गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
मेहंदी प्रशिक्षण “सीख से स्वरोजगार” का सफल उदाहरण
मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता — अभिभावकों और बच्चों के लिए जागरूकता
इन सभी प्रयासों ने यह सिद्ध किया कि हमारी शाखा सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में वास्तविक परिवर्तन लाने का कार्य करती है।  मुझे पूरा विश्वास है कि नई टीम शाखा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।

पिछला वर्ष हमारी शाखा के लिए सेवा, संस्कार और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। हमने वर्ष की शुरुआत गुड़ी पड़वा एवं शपथ ग्रहण समारोह से की, जिसके बाद हनुमान जन्मोत्सव, एक्यूप्रेशर शिविर और बाल संस्कार शिविर जैसे कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। समाज सेवा के अंतर्गत झुग्गी क्षेत्रों में नोटबुक वितरण, तुलसी पौधा वितरण तथा दिवाली के अवसर पर 4880 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया।

शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में “भारत को जानो”, राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता तथा गुरु वंदन–छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें अनेक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

स्वास्थ्य सेवा के अंतर्गत नेत्र शिविर, निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन, होम्योपैथी उपचार शिविर तथा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिनसे सैकड़ों लोगों को लाभ मिला।

हमारे विशेष प्रोजेक्ट्स में “Daughter’s Empowerment” के अंतर्गत बालिकाओं के लिए MBA कोर्स, मेहंदी प्रशिक्षण के माध्यम से स्वरोजगार तथा गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य शामिल हैं।  व्हीलचेयर वितरण, अनाज दान, ज्योति कलश फंड रेजिंग कार्यक्रम तथा सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से भी समाज सेवा के कार्य निरंतर जारी रहे।

इन सभी गतिविधियों की सफलता का श्रेय हमारी शाखा के प्रत्येक सदस्य, सहयोगी एवं दानदाताओं को जाता है।  मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे नए अध्यक्ष श्री राजेश छेड़ा इन सभी कार्यों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मालाड कांदिवली एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष व प्रसिध्द उद्योगपति श्री हसमुख देवरामभिया ने कहा कि संपर्, सहयोग, संस्कार, समर्पण और सेवा से ही कोई भी संस्था समाज में अपनी पहचान बना सकती है और भारत विकास परिषद ने इन्हीं आदर्शों को अपनाकर निःस्वार्थ भाव से सेवा के कई मानक स्थापित किए हैं।  उन्होंने कहा कि किसी की सेवा करना उपकार नहीं कर्तव्य है।

उन्होंने बताया कि  मालाड कांदिवली एजुकेशन सोसायटी   द्वारा 7 शेक्षणिक संस्थाओं का संचालन किया जा रहा है। हमारे कई शेक्षणिक संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर भी पुरस्कृत किया गया है। यह संस्था 83 वर्ष पहले स्थापित की गई थी और आज मुंबई में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। अगले कुछ वर्षों में संस्था 10 नए शैक्षणिक संस्थान प्रारंभ करने जा रही है। अगले वर्षों में दो चरणों में संस्था 200 करोड़ की लागत से 32 हजार वर्गफीट के भवन का निर्माण करने जा रही है। इस पर 200 करोड की लागत आएगी। यह परियोजना एचडीएफसी बैंक के सहयोग से वर्ष 2030 में पूरी हो जाएगी।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्रीमती वंदना महेश्वरी ने किया और आभार प्रदर्शन संस्था के निवनियुक्त सचिव श्री पंकज दोशी ने किया।