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जल सरंक्षण के लिए आयोजित की गयी कार्यशाला

खीरी टाउन। मदरसा कैसर पहलवान मेमोरियल दर्शगाह में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी डॉ प्रियंका अवस्थी की अध्यक्षता में जल सरंक्षण के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें खीरी के जनमानस और मदरसे के छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के शैक्षिक सहयोगी के तौर पर पर्यावरण व् कृषि पर आधारित पत्रिका दुधवा लाइव डॉट काम रही, कार्यक्रम के संयोजक शारिक खान ने खीरी के तालाबों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की और तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए एक मुहीम चलाने की भी बात कही। कार्यक्रम का संचालन इकबाल अकरम वारसी ने किया, उन्होंने पर्यावरण से सम्बंधित शेर पढ़े जो बच्चों के मन को आनंदित कर गए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर वन्य जीव विशेषज्ञ व् दुधवा लाइव के सम्पादक केके मिश्र ने पवित्र कुरआन में पानी के महत्त्व और उसे किफायत से खर्च करने वाली महत्त्वपूर्ण बातों का ज़िक्र किया, साथ ही उन्होंने हज़रत इस्माइल की एडियों के जमीन से रगड़ने से आब ए जम जम के निकलने की दास्तान बच्चों को बताई, और सयुंक्त राष्ट्र द्वारा 22 मार्च को जलदिवस मनाये जाने के विषयों पर चर्चा की। केके मिश्र ने बताया की सं 2016 के जल दिवस की थीम है पानी और नौकरियां, वैश्विक स्तर पर हो रहे प्रयासों पर भी विमर्श किया। मिश्र ने कहा की पानी जीवन का आधार है साथ ही सभी धर्मों में पवित्रता के लिए पानी का इस्तेमाल ही किया जाता है फिर चाहे हिन्दू के लिए स्नान, मुस्लिम के लिए उजू व् ग़ुस्ल, सिख के लिए अमृत संस्कार और ईसाई के लिए बैप्टिज्म।

कार्यक्रम की आयोजिका उम्मी ख़ातून ने बच्चों को पानी न बर्बाद करने की ताक़ीद की और साथ पर्यावरण व् पक्षी सरंक्षण के लिए उन्हें पुरुस्कृत कर प्रोत्साहित भी किया।

कार्यक्रम में अध्यक्षीय सम्बोधन में डॉ प्रियंका अवस्थी ने बुंदेलखंड और लातूर की स्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए बच्चों से पानी कम खर्च करने की हिदायत की साथ गौरैया के लिए बच्चों से पानी रखने का संकल्प भी लिया।

जल सरंक्षण की कार्यशाला में सईद हुसैन, मदरसा की शिक्षिकाएं इशरतुन, सुजुही खानम के अलावा कसबे के लोग और मदरसा प्रबंध कमेटी के लोग मौजूद रहे।
तालाब बचे रहे तो धरती के गर्भ में जीवन का यह पावन आधार बचा रहेगा।

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