भारत में मोबाइल यूजर्स की संख्या करोड़ों में है, लेकिन आज भी कॉल ड्रॉप और खराब नेटवर्क एक बड़ी समस्या बनी हुई है। पहले, यूजर्स के पास अपनी शिकायत दर्ज कराने का कोई जरिया नहीं था। TRAI का यह अपडेटेड ऐप एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो यूजर्स को उनके अनुभव के आधार पर आवाज (Voice Quality) को ट्रैक करने की सुविधा देता है। यह ऐप अब पहले से कहीं अधिक स्मार्ट और डेटा-ऑपरेटिव हो गया है।
इस नए ऐप में कई काम के फीचर्स जोड़े गए हैं। इसमें अब आप अपने फोन के नेटवर्क की जांच खुद कर सकते हैं और यह ऐप अब कई भाषाओं में भी उपलब्ध है। आप जो भी फीडबैक देंगे, उसकी जानकारी सीधे टेलीकॉम कंपनियों को भेज दी जाएगी। इससे कंपनियों को पता
चल सकेगा कि किस इलाके में नेटवर्क खराब है और वे वहां टावर या सिग्नल को बेहतर कर पाएंगी।
ट्राई (TRAI) के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी का कहना है कि यह ऐप ग्राहकों के लिए बहुत काम का साबित होगा। इसकी मदद से आप अपनी कॉल की समस्याओं को सीधे उन कंपनियों तक पहुंचा पाएंगे जो आपको सर्विस दे रही हैं। इससे कंपनियां अपनी सर्विस सुधारने के
लिए मजबूर होंगी और आपको बेहतर कॉल क्वालिटी मिल सकेगी।
यह ऐप कैसे काम करता है?
1. रियल-टाइम फीडबैक: जैसे ही आप किसी से फोन पर बात खत्म करेंगे, यह ऐप स्क्रीन पर एक पॉप-अप के जरिए आपसे कॉल की क्वालिटी के बारे में पूछेगा। आप 1 से 5 स्टार तक रेटिंग देकर अपना अनुभव साझा कर सकते हैं।
2. डेटा इकट्ठा : आपके द्वारा दी गई रेटिंग और फीडबैक को ट्राई इकट्ठा करेगा। यह डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है और इसे संबंधित टेलीकॉम कंपनियों (जैसे Jio, Airtel, Vi, BSNL) के साथ शेयर किया जाएगा।
3. नेटवर्क मैपिंग: ऐप यह भी ट्रैक करेगा कि किस इलाके में नेटवर्क सिग्नल सबसे कमजोर है। इसके माध्यम से एक ‘हीट-मैप’ तैयार होगा, जिससे कंपनियों को यह पता चलेगा कि उन्हें किस इलाके में अपने टावर और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत है।
MyCall ऐप के फीचर्स
1. उपयोग में बेहद आसान: ऐप का इंटरफेस बहुत ही आसान बनाया गया है। इसे कोई भी व्यक्ति, जो थोड़ा बहुत स्मार्टफोन चलाना जानता हो, आसानी से उपयोग कर सकता है।
2. डायरेक्ट रिपोर्टिंग: अब आपको कॉल सेंटर के घंटों इंतजार वाले फोन पर समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। सीधे ऐप से फीडबैक देना होगा।
3. पारदर्शी डेटा: अब कंपनियों के दावों पर यकीन करने के बजाय, आम जनता के अनुभव से पता चलेगा कि नेटवर्क कैसा है। इससे कंपनियों को अपनी सेवाओं के लिए जिम्मेदार होना पड़ेगा।
4. लोकेशन आधारित सेवा: ऐप आपसे आपकी लोकेशन (GPS) का एक्सेस मांगेगा, ताकि जिस जगह पर समस्या है, उसकी सटीक लोकेशन कंपनियों को भेजी जा सके।
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कैसे करें अपनी समस्या रिपोर्ट?
1. सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के Google Play Store या Apple App Store पर जाएं।
2. MyCall’ ऐप को डाउनलोड करें या यदि पहले से है, तो उसे लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करें।
3. ऐप को अपने लोकेशन का एक्सेस दें।
4. कॉल के बाद आने वाले फीडबैक पॉप-अप का उपयोग करें। यदि कॉल ड्रॉप हुआ है या आवाज नहीं आ रही है, तो ‘Poor’ रेटिंग चुनें।
5. आप अपनी कॉल के दौरान महसूस की गई समस्या (जैसे- म्यूट, एको, या डिस्कनेक्ट) को भी मार्क कर सकते हैं।
इससे आम जनता को क्या फायदा होगा?
जब टेलीकॉम कंपनियों के पास डेटा होगा कि उनके नेटवर्क में किस जगह समस्या है, तो उन पर सुधार करने का दबाव बढ़ेगा। अगर किसी इलाके में लगातार खराब फीडबैक मिलेगा, तो कंपनियों को वहां अपने टावर और नेटवर्क ठीक करने ही होंगे। यह एक तरह की डिजिटल ताकत है, जहां एक आम ग्राहक की ‘रेटिंग’ कंपनियों को बेहतर सर्विस देने के लिए मजबूर कर देगी।
यह ऐप अभी सिर्फ Android फोन के लिए Google Play Store पर उपलब्ध है, iPhone यूजर्स के लिए यह अभी नहीं आया है। ट्राई ने साफ कहा है कि इस ऐप को इस्तेमाल करना आपकी अपनी मर्जी है, यह जबरदस्ती नहीं है। पुराना ऐप करीब 9 साल पुराना था और नए फोन में ठीक से नहीं चल रहा था, इसलिए इसे पूरी तरह नया और बेहतर बनाया गया है।





