Sunday, June 16, 2024
spot_img
Homeभारत गौरव140 करोड़ साँसों की धड़कन के साथ चन्द्रमा पर पहुँचा तिरंगा

140 करोड़ साँसों की धड़कन के साथ चन्द्रमा पर पहुँचा तिरंगा

( इसरो ने चंद्रयान को ब्लैक हाल में प्रवेश करा कर एकऔर नया इतिहास रच दिया है, दुनिया सकते में ) 23 अगस्त 2023 को शाम के 6 बज कर 4 मिनिट वह ऐतिहासिक पल था जब चंद्रयान -3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की विश्व में भारत के इसरो के वैज्ञानिकों ने भारत को दुनिया का पहला देश बना दिया।भारत रूस, अमेरिका और चीन के बाद चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश बन गया है और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश भी बन गया है।)

इस महत्वपूर्ण घटना को पूरे विश्व ने देखा और हर कहीं जश्न का माहोल था। चांद पर लहराता हुआ भारत का तिरंगा भारत के गौरव का प्रतीक था। करीब चार साल पहले की असफलता से निराश न हो कर अधिक जोश से कार्य कर वैज्ञानिकों ने कुछ ही सालों में अपना और देशवासियों का सपना साकार किया और भारत का इतिहास विश्व इतिहास में बदल दिया।

देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी विदेश यात्रा से फोन पर इसरो के तमाम वैज्ञानिकों को इस अद्भुत महत्त्वाकांक्षी सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहां आज भारत दुनिया का पहला राष्ट्र बन गया है। देशवासियों को भी उन्होंने शुभकामनाएं दी। विश्व के देशों ने भी भारत को इस सफलता के लिए बधाई दी।

चंद्रयान-3 मिशन के चंद्रमा की सतह पर उतरते ही बेंगलुरु में एसआरओ मिशन नियंत्रण केंद्र ‘वंदे मातरम’ के नारों और जश्न से भर गया। देश के विभिन्न स्कूलों में जहां चंद्रयान 3 की लाइव लैंडिंग दिखाई जा रही थी वहां छात्रों में खुशी का माहौल रहा।

चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट-लैंडिंग के बाद अपनी पहली ‘प्रतिक्रिया’ में चंद्रयान-3 ने कहा कि यह केवल अकेला मिशन नहीं था, बल्कि पूरा देश चंद्रमा पर पहुंचा था। लैंडर मॉड्यूल के पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के तुरंत बाद इसरो ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया- भारत, मैं अपनी मंजिल तक पहुंच गया और आप भी! इसरो ने इसके साथ ही लिखा कि चंद्रयान-3 चंद्रमा पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग कर चुका है! बधाई हो, भारत! उल्लेखनीय है कि चंद्रयान -3 का लैंडर मॉड्यूल मिशन 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था – जिसमें लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल थे, जो शाम चंद्र सतह की ओर अंतिम रूप से उतरना शुरू हुआ और उतरा। इसरो के डॉयरेक्टर एस सोमनाथ ने कहा कि अगले 14 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। प्रज्ञान रोवर को बाहर आने में एक दिन का समय भी लग सकता है।

भारत अब यह संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन की सूची में शामिल होकर चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन गया है। इसके अतिरिक्त, रूस के लूना-25 की हालिया विफलता के बाद, चंद्रयान-3 अब चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव, अपने इच्छित गंतव्य तक पहुंचने वाला पहला अंतरिक्ष मिशन है।

चांद के दक्षिणी ध्रुव पर अब तिरंगा लहरा रहा है। भारत का नाम इतिहास में गोल्डन अक्षरों में लिख गया है। इस उपलब्धि को दुनिया का कोई देश हासिल नहीं कर सका है। इसरो ने चंद्रयान को ब्लैक हाल में प्रवेश करा कर , बाहर निकाल कर एक और नया इतिहास रच दिया है।

भारत की इस महान उपलब्धि पर कोटा में भी जश्न और बधाइयों का दौर चला। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कुन्हाड़ी में खुशी में पटाखे छोड़े गए। समस्त जनप्रतिनियों, आम नागरिकों, साहित्यकारों, उद्यमियों, व्यापारियों, लोक सेवकों और मीडिया कर्मी सभी एक दूसरे को इसरो की इस सफलता के लिए बधाइयां दे रहे थे।

image_print

एक निवेदन

ये साईट भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कृति को समर्पित है। हिंदी के विद्वान लेखक अपने शोधपूर्ण लेखों से इसे समृध्द करते हैं। जिन विषयों पर देश का मैन लाईन मीडिया मौन रहता है, हम उन मुद्दों को देश के सामने लाते हैं। इस साईट के संचालन में हमारा कोई आर्थिक व कारोबारी आधार नहीं है। ये साईट भारतीयता की सोच रखने वाले स्नेही जनों के सहयोग से चल रही है। यदि आप अपनी ओर से कोई सहयोग देना चाहें तो आपका स्वागत है। आपका छोटा सा सहयोग भी हमें इस साईट को और समृध्द करने और भारतीय जीवन मूल्यों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए प्रेरित करेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

लोकप्रिय

उपभोक्ता मंच

- Advertisment -

वार त्यौहार