भुवनेश्वर ।स्थानीय रवीन्द्र मण्डप सभागार में सायंकाल राष्ट्रीय चिन्ता -व-चेतना संस्था का तीन दिवसीय 49वां वर्षा सांस्कृतिक महोत्सव उद्घाटित हो गया। समारोह में औपचारिक रूप से विशिष्ट अतिथिगण  के रूप में संत बाबा रामनारायण दासजी महाराज ,भारतीय कांग्रेस पार्टी के भूतपूर्व  ओड़िशा प्रांतीय अध्यक्ष निरंजन पटनायक,  जगन्नाथ रथयात्रा के राष्ट्रीय हिन्दी उद्घोषक अशोक पाण्डेय, सीआरपीएफ के अवकाश प्राप्त डीआईजी एस के मिश्रा, संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहदेव साहू और राष्ट्रीय महासचिव सुरेन्द्र दास आदि मंचासीन थे। कार्यक्रम का शुभारंभ ओड़िशा के परम्परागत वाद्ययंत्रों की शानदार प्रस्तुति से हुआ जो कभी भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा की पहण्डी विजय की शोभा हुआ करता था। लगभग एक घंटे के अभूतपूर्व वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति के उपरांत कुछ बचे हुए (सभी पुरस्कार वैशाखी महोत्सव में प्रदानकिया जाता है जो नहीं आ पाते हैं ) उन्हें वर्षा महोत्सव में चिंता व चेतना राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
संत बाबा रामनारायण दासजी महाराज ने बताया कि सम्पूर्ण विश्व मानवता के केंद्र हैं जगन्नाथ जी और उनके लिए कभी उनकी विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा में यह  प्रस्तुत किया जाता था  वाद्ययंत्र जिसकी प्रस्तुति उनको आज यहां बहुत अच्छी लगी। उन्होंने सभी को अपना आशीर्वाद दिया। वहीं निरंजन पटनायक ने बताया कि सुरेन्द्र दास का यह भगीरथ प्रयास आज सफल हो गया। गौरतलब है कि संस्था की  49वर्षगांठ पर संबलपुर जिले के कुल सात प्रमुख केंद्रों से ओड़िशा के इस प्राचीनतम परम्परागत वाद्ययंत्र कलाकारों को ससम्मान आमंत्रित कर उनका उम्दा प्रदर्शन पहली बार संस्था की ओर से कराया गया।
वहीं अशोक पाण्डेय ने बताया कि जिन वाद्ययंत्रों के कलाकारों की अभूतपूर्व प्रस्तुति  कभी भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के पहण्डी विजय के समय की जाती थी और जिसे पूरा विश्व देखता था और जो आजकल करीब -करीब विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है उसे सुरेन्द्र दास जी ने अपने भगीरथ प्रयास से बचाकर हमसभी के सामने जीवंत रूप में रख दिया है जिसका सीधा प्रसारण आज अलग-अलग टेलीविजन चैनलों पर हो रहा है।  सीआरपीएफ के अवकाश प्राप्त डीआईजी  एस के मिश्रा ने बताया कि वे अपने कार्यकाल के दौरान  अपने आपरेशन में
विदेशी आतंकवादी संगठन से मुंबई  के लोगों की पूरी तरह से रक्षा की थी और एक ओड़िया सीआरपीएफ अधिकारी के रूप में ओड़िशा का मान -सम्मान सातवें आसमान पर बढ़ाया था, वह क्षण उनके जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण था। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहदेव साहू ने सभी के प्रति आभार जताया। वहीं महासचिव ने संस्था के अमर राष्ट्रीय अध्यक्ष बीजू पटनायक,डॉ हरेकृष्ण मेहताब और नंदिनी सतपथी को याद किया। अंत में सुरेन्द्र दास ने वर्षा महोत्सव के आमंत्रित सभी कलाकारों के साथ- साथ ओड़िशी नृत्यांगनाओं के शानदार प्रदर्शन के साथ- साथ
उपस्थित श्रोताओं के प्रति भी आभार व्यक्त किया जिनकी उपस्थिति ने महोत्सव के प्रथम दिवस को यादगार बना दिया।  कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ मिलन घटुआरी ने किया।
 ओड़िशा के मशहूर गायक प्रणव पटनायक जिनका   हाल ही में निधन हो चुका है उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।