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स्कूलों के आसपास भी नहीं बेच सकेंगे पिज्जा बर्गर

महिला और बाल विकास मंत्रालय की तरफ से जंक फूड पर बनी कमिटी ने स्कूल के आसपास 200 मीटर के दायरे को ‘नो जंक फूड जोन’ बनाने की सिफारिश की है। साथ ही प्री-पैकेज्ड फूड में लेबलिंग का भी सुझाव दिया है। मंत्रालय ने जंक फूड और इसकी वजह से बच्चों में बढ़ रहे मोटापे के मामले पर एक कमिटी बनाई थी। कमिटी ने इस हफ्ते अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है। कमिटी ने रिपोर्ट में गहरी चिंता जताई कि बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है और इसकी वजह से बच्चे डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। कमिटी ने बच्चों के संदर्भ में जंक फूड को परिभाषित भी किया है।

सुझाव दिया है कि जंक फूड के तहत आने वाली हर चीज स्कूल कैंटीन में बैन होनी चाहिए। स्कूल टाइम पर किसी भी वेंडर को जंक फूड स्कूल से 200 मीटर एरिया में बेचने की इजाजत ना हो। साथ ही स्कूल के 200 मीटर के दायरे में मौजूद दुकान या रेस्टोरेंट का स्कूल यूनिफॉर्म पहने बच्चों को जंक फूड बेचना भी बैन हो। प्री-पैकेज्ड फूड की हो लेबलिंग उल्लेखनीय है कि स्कूल कैंटीन में बच्चों के खाने लायक आइटम की पूरी लिस्ट भी सुझाई गई है। कमिटी ने यह भी सुझाव दिया है कि प्री-पैकेज्ड फूड में यह लेबलिंग की जाए कि यह इनफेन्ट, बच्चों, प्रेगनेंट महिलाओं और दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए सही नहीं है। कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि स्कूल हेल्थ कार्ड में न्यूट्रीशन से जुड़ी बातें भी शामिल की जाएं और स्कूल हेल्थ प्रोग्राम का नाम बदलकर स्कूल हेल्थ ऐंड न्यूट्रीशन प्रोग्राम रखा जाए। मंत्रालय इस रिपोर्ट को एग्जामिन कर रही है।

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