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आशुतोष कुमार शुक्ल, नई दिल्ली से
 

  • नाटक समूह की अभिव्यक्ति है  – स्वयं प्रकाश

    नाटक समूह की अभिव्यक्ति है – स्वयं प्रकाश

    दिल्ली। 'कहानी लिखना एक व्यक्ति की निजी गतिविधि हो सकती है लेकिन नाटक और रंगमंच के साथ ऐसा नहीं है। नाटक रंगमंच पर आकर अपना वास्तविक आकार ग्रहण करता है जिसमें निर्देशक और नाटक से जुड़े तमाम लोग अर्थ भरते हैं।'

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