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डॉ. अरविन्द मिश्रा
 

  • आज आई आम की पहली खेप

    आज आई आम की पहली खेप

    आखिर धैर्य जवाब दे ही गया । पहली आम की खेप तुड़वाई के बाद घर आई। अभी डाल में आम पक नहीं रहे। पाल में पकेंगे या नहीं यह परीक्षण करना है और साल भर के लिये खटाई तथा अमचुर भी बनाया जाना है। संकटा ने काफी बुलवाने के बाद आज एक पेड़ का लगभग आधा आम तोड़ा है जिसमें तुड़वाई का तीन हिस्से में एक हिस्सा अपना लगाकर वह ले गया।

  • मर्यादा का मदनोत्सव

    मर्यादा का मदनोत्सव

    कामवासना प्रकृति की वह सौ फीसदी कारगर जुगत है जिससे वह प्रजातियों के वंश संवहन और अस्तित्व को बनाये रखती है। यह ताकत न रहती तो फिर धरती पर जीवन का सातत्य ठहराव पा गया होता। अपने इस मकसद की पूर्ति के लिये प्रकृति ने सभी जीव प्रजातियों मे प्रणय लीलाओं के अद्भुत प्रपंच रचे हैं।

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