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डाॅ. समन्वय नंद
 

  • एक बार फिर बेपर्दा हुआ चीन

    एक बार फिर बेपर्दा हुआ चीन

    लोगों की आवाज को दबाने व कुचलने के लिए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार ने अनेक कानून लागू किया है । यदि कोई इन कानूनों को चुनौती देता है तो उनसे ये सहन नहीं होता ।

  • तिब्बतियों में अभी भी  धधक रही है स्वतंत्रता की आग

    तिब्बतियों में अभी भी धधक रही है स्वतंत्रता की आग

    10 मार्च, 1959 को तिब्बत में माओ की चीनी सेना के खिलाफ जन विद्रोह शुरु हुआ था। इस दिन तिब्बत के हजारों के संख्या में लोग व बौद्ध भिक्षु सडक पर उतर कर चीन की लाल सेना का विरोध किया था । इसके बाद माओ की सेना ने हजारों की संख्या में नीरिह तिब्बतियों को मौत के घाट उतार दिया था । इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो गई थी कि परम पावन दलाई लामा को तिब्बत छोड कर भारत में शरण लेना पडा था ।

  • थोड़ा इतिहास भी ठीक से पढें राहुल गांधी

    थोड़ा इतिहास भी ठीक से पढें राहुल गांधी

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने लदाख के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट भारत व चीन के बीच उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है ।

  • स्मृति तियानमेन चौक की और कम्युनिज्म का अंतर्विरोध

    स्मृति तियानमेन चौक की और कम्युनिज्म का अंतर्विरोध

    मनुष्य की मूल प्रवृत्ति मानवता, दया करुणा आदि है । धीरे धीरे मनुष्य अपने में इन सत् प्रवृत्तियों को विकास कर सकता है । आध्यात्म मनुष्यों में इन मानवीय प्रवृत्तियों को बढाने का काम करता है ।

  • चीन की बौखलाहट का कारण

    चीन की बौखलाहट का कारण

    चीन के बौखलाहट का और एक कारण भी है । पाक अधिक्रांत कश्मीर (गिलगित) होते हुए चीन बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह तक चीन पाकिस्तान इकोनामिक कारिडर की निर्माण कर रहा है । इसमें चीन भारी मात्रा में पूंजी निवेश कर रहा है ।

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