ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

विनोद जैन
 

  • कलयुग के इस श्रवण कुमार को बारंबार प्रणाम!

    कलयुग के इस श्रवण कुमार को बारंबार प्रणाम!

    त्रेता युग में श्रवण कुमार अपने वृद्ध और अंधे माता-पिता को कावड़ पर बैठाकर तीर्थ यात्रा कराने निकला था। आज भी हमारे देश में श्रवण कुमार मौजूद हैं, जो अपने मां-बाप के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। जबलपुर जिले के संकटमोचन धाम हिनौता, पिपरिया वर्गी निवासी 45 वर्षीय ब्रह्मचारी कैलाश पिता छिकौड़ीलाल गिरी अपनी 92 वर्षीय वृद्ध माता कीर्ति देवी गिरी को कावड़ पर बैठाकर तीर्थ कराने निकला है।

Get in Touch

Back to Top