कथा यूके के संस्थापक महासचिव तथा ख्याति-प्राप्त प्रवासी साहित्यकार तेजेन्द्र शर्मा एमबीई द्वारा संकल्पित “साहित्य के माध्यम से सेतु निर्माण” की पहली कड़ी का सफल आयोजन ब्रिटिश संसद के हाऊस ऑफ़ कॉमन्स, लंदन में किया गया।
साहित्यकार जय वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। मेरा विश्वास है कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सभी देशों को पहल करनी चाहिए। जिससे न सिर्फ यूके अपितु विश्व के सभी देशों के बीच साहित्य व संस्कृति के माध्यम से आपसी संबंध और भी मजबूत होंगे।
आपस में जोड़ता है। ऐसे कार्यक्रमों से न सिर्फ दो देशों के बीच में आपसी संबंध मजबूत होंगे बल्कि साहित्य एवं संस्कृति का आदान-प्रदान भी होगा। राजनीति में उठा पटक चलती रहती है, जबकि साहित्य में केवल सकारात्मकता होती है जो आपस में मनुष्य को मनुष्य से जोड़ती है।
भारतीय उच्चायोग के मंत्री समन्वय श्री दीपक चौधरी ने कार्यक्रम की सोच की सराहना करते हुए भारत से आए अतिथियों का स्वागत किया और ब्रिटेन की सम्मानित हस्तियों को बधाई दी। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय उच्चायोग सदैव ऐसे कार्यक्रमों के समर्थन में हर संभव सहायता करेगा।
लंदन के साहित्यकार व शिक्षाविद ब्रिटिश पार्लियामेंट में एक साथ एकत्रित होकर एक ऐसे सेतु का निर्माण कर रहे हैं जो आने वाली पीढ़ी को न सिर्फ प्रोत्साहित करेगी अपितु साहित्य लेखन एवं पठन के प्रति रुचि निर्माण करेगी। प्रवासी साहित्य ही एक ऐसा माध्यम है जिससे युवा पीढ़ी विश्व के सभी देशों की कला, संस्कृति व साहित्य से परिचित होगी और आपसी नजदीकियां बढ़ेंगी।
वंदना प्रस्तुत की जिसकी सभी उपस्थित मेहमानों ने करतल ध्वनि से सराहना की।
सम्मानित किया गया।
लवीना टंडन; अध्यापक इंदु बारौठ; एवं संस्थाओं – काव्यधारा, वातायन एवं बेल्जियम से कपिल कुमार को सम्मानित किया गया।