अतृप्त तृष्णाएँ ( काव्य संग्रह ): समय के स्पंदन को ध्वनित करती रचनाएं...प्रभात कुमार सिंघल-June 9, 2025
नागरिक चेतना ( निबंध कृति )" खूबसूरत दुनिया देखना चाहते है तो सुषुप्त चेतना को जगाएं "प्रभात कुमार सिंघल-June 6, 2025
बिंधे हुए रिश्तेः किरच - किरच होते मानवीय रिश्तों की गहन पड़ताल करती कहानियांप्रभात कुमार सिंघल-June 5, 2025
सूरीनाम में भारतीय दूतावास के स्वामी विवेकानंद संस्कृतिक केंद्र में हिंदी ओलंपियाड पोस्टर और 'सूरीनाम की चयनित रचनाएं 'पुस्तक का लोकार्पणमीडिया डेस्क-May 30, 2025