कोटा। झालावाड़ की इतिहासकार एवं साहित्यकार डॉ प्रीति शर्मा की पुस्तक जैन मंदिरों का सांस्कृतिक महत्व एवं पर्यटन विकास (झालावाड़ जिले के विशेष संदर्भ में आठवीं से 20वीं शताब्दी तक) एवं थोड़ी जर्मी थोड़ा आसमान (कविता संग्रह) पुस्तकों का विमोचन समारोह एक होटल में रविवार रात किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमित कुमार बुडानिया आईपीएस जिला पुलिस अधीक्षक, सागर पवार आईएफएस उपवन संरक्षक, ओमप्रकाश बैरवा आईएएस कमिश्नर कॉलेज शिक्षा, राजस्थान डॉ प्रणव देव प्रोफेसर, राजकीय महाविद्यालय, झालावाड़, ए पी सिंह सीनियर काउंसलर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, नई दिल्ली एवं विशिष्ट अतिथि बीके बड़ोदिया जयपुर, अश्विनी जोजरा फाउंडर सहयोग इंडिया जम्मू एंड कश्मीर तथा रोहित अरोड़ा रहे तथा पुखराज जैन उपस्थित रहे।

डॉक्टर प्रीति शर्मा ने अपनी दोनों पुस्तकों के बारे में बताते हुए कहा कि झालावाड़ के जैन मंदिरों पर केंद्रित पुस्तकें मूलत:मेंरे एमफिल और पीएच डी के शोध का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में झालावाड़ जिले के दिगंबर एवं श्वेतांबर संप्रदाय के लगभग 45 मंदिरों का वर्णन किया गया हैइस पुस्तक में मंदिरों का इतिहास, मूर्ति शिल्प, स्थापत्य कला, निर्माण शैली, तथा उनसे जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं के साथ-साथ पर्यटन विकास की संभावनाओं का भी वर्णन किया गया है। विदित रहे कि इस विषय पर एमफिल के दौरान डॉक्टर प्रीति शर्मा को राज्यपाल से स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जा चुका हैइस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर प्रणव देव प्रोफेसर ने कहा कि डॉक्टर प्रीति शर्मा की दोनों पुस्तक पढ़ने के बाद उनके इतिहासकार एवं साहित्यकार होने का प्रबल पक्ष देखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि जैन मंदिरों पर आधारित उनकी पुस्तक उनके कठिन परिश्रम एवं शोध का परिणाम है आशा है यह पुस्तक झालावाड़ के जैन मंदिरों की सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन की संभावनाओं को समझने की दिशा में उपयोगी सिद्ध होगी। इस अवसर पर लेखिका का ओपर्णना ओढ़ाकर सम्मान भी किया गया।