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धूम्रपान का शौक.. यानि किस्तों में मौत..

गुरूग्राम। देखो तम्बाकू कम्पनियों की यारी, हुक्के की गुड़-गुड़ छुड़वादी.. अब धुआं पाॅकेट में यार, और मौत होगी सिर पे सवार‘, ‘भले काम से मुंह मत मोड़ो धूम्रपान की आदत छोड़ो..’, ‘धूम्रपान का शौक.. यानि किस्तों में मौत..’, ‘बीड़ी सिगरेट तम्बाकू! सद्गुण के ये तीन डाकू’ तम्बाकू और बीड़ी-सिगरेट के खिलाफ ऐसी पंक्तियां खूब गूंजी आज सुशांत लोक स्थित डी.पी.एस. स्कूल में। मौका था इण्डियन कैंसर सोसायटी द्वारा आयोजित ‘नो टोबाको डे’ यानि ‘तम्बाकू निषेध दिवस’ का। हालांकि यह दिन 31 मई को मनाया जाता है लेकिन स्कूलों की छुट्टी होने के कारण सोसायटी द्वारा बच्चों के समक्ष जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से इस दिन आयोजन छुट्टियों से पहले किया जाता है।

जागरूकता हेतु आयोजित इस कार्यक्रम में गुरूग्राम/दिल्ली/एन.सी.आर. के लगभग 22 स्कूलों ने भाग लिया और तम्बाकू-सिगरेट से दूरी बनाये रखने की थीम पर आधारित पोस्टर, स्किट बनाये एवम् नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करते हुए उपस्थित मेहमानों एवम् अपने साथी बच्चों को तम्बाकू, बीड़ी आदि का सेवन न करने हेतु जागरूकता का संदेश दिया।
पोस्टरों व स्किट पर स्लोगन के इस्तेमाल से सशक्त संदेश देते हुए स्कूली बच्चों ने बीड़ी-सिगरेट-तम्बाकू की यारी एक भारी बीमारी की संज्ञा दी। उन्होंने नाटक पर संदेशों के माध्यम से अपने प्रदर्शन को मार्मिक रूप प्रदान किया। पारिवारिक माहौल के रूपान्तरण, युवाओं के धूम्रपान प्रेम आदि ‘नो टोबाको डे’ पर आयोजित इस कार्यक्रम का आकर्षण रहे।

इस अवसर पर ऐमिटी इंटरनेशनल, गुरूग्राम, नेवी चिल्ड्रन स्कूल चाणक्यपुरी और डी.पी.एस. सैक्टर 45 गुरूग्राम ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर इण्डियन कैंसर सोसायटी की श्रीमति रेणुका प्रसाद ने बताया कि ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस’ 31 मई को मनाया जाता है परन्तु मई में सभी स्कूलों की छुट्टियां होती हैं और इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने में स्कूली बच्चों का योगदान बहुत जरूरी है, इसलिए हम इसका आयोजन प्रति वर्ष छुट्टियों से पहले करते हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘हमारा मुख्य उद्देश्य कैंसर व इसकी रोकथाम हेतु जागरूकता फैलाना है और आज के समय में तम्बाकू, सिगरेट, पान मसाला इसके सबसे बड़े कारक है एवम् बच्चों को आकर्षित करते हैं, इसके लिए जरूरी है कि हम बच्चों को इसे विषय में बतायें और आह्वान करें कि इसके सेवन से बचें। श्रीमति प्रसाद ने बताया, वल्र्ड नो टोबाको डे तम्बाकू की महामारी की याद दिलाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। तम्बाकू की अपेक्षा कोई अन्य उत्पाद उतना नुकसान नहीं पहुंचाता। यह कैंसर, कोरोनरी हृदय रोग जैसेे कई घातक रोगों का कारण है, बावजूद इसके यह आसानी से बाज़ार में उपलब्ध है और बेचा जाता है।

मौके पर डी.पी.एस. की प्रधानाचार्या श्रीमति सुनीता नागपाल ने बताया कि ‘धूम्रपान बेहद खरतनाक है विषय पर हम काउंसिंग करते हैं और कोशिश करते हैं कि बच्चे इसकी लत से दूर रहें। मुझे लगता है इंडियन कैंसर सोसायटी का यह बहुत अच्छा प्रयास है जहां लगभग 22 स्कूल के बच्चों ने भाग लेते हुए अपने अंदाज में एक सशक्त संदेश देने की कोशिश की है।

अधिक जानकारी हेतु सम्पर्क सूत्रः पंकज सुखीजा – 9810123446, शैलेश नेवटिया – 9716549754

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