उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण) तकनीक और फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की डिजिटल प्रक्रिया के उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे सभी पेंशनर्स, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वालों को सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें। पेंशनभोगियों को डिजिटल बायोमेट्रिक सर्टिफिकेशन के जरिए कुछ ही मिनटों में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा, जिसकी डिजिटल कॉपी भी पेंशन ऑफिस में पहुंच जाएगी। यह सेवा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित जीवन प्रमाण एप्लिकेशन के माध्यम से दी जा रही है।
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि गत वर्ष गुजरात में 93 हजार से ज़्यादा पेंशनधारकों ने इंडिया पोस्ट पेमेंटस बैंक के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र का लाभ लिया, जिसमें गुजरात सरकार के 62 हज़ार से ज़्यादा पेंशनधारकों ने घर बैठे यह सुविधा प्राप्त की।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, गुजरात सर्किल के असिस्टेंट जनरल मैनेजर श्री रणवीर सिंह ने बताया कि, जीवन प्रमाण पत्र के लिए पेंशनर को आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पीपीओ नंबर डाकिया को देना होगा। प्रमाण पत्र जनरेशन प्रक्रिया पूरी होने पर, पेंशनर को उसके मोबाइल नंबर पर प्रमाण आईडी एस.एम.एस द्वारा प्राप्त होगा और प्रमाण पत्र को https://jeevanpramaan.gov.in/ppouser/login पर डाउनलोड किया जा सकेगा। यह पहल न केवल पेंशनर की सुविधा बढ़ाती है, बल्कि उन्हें यात्रा और समय की परेशानी से भी बचाती है।
अन्य राज्यों में रहने वाले गुजरात के पेंशनभोगियों को भी इस सेवा का लाभ मिलेगा। इसके लिए उन्हें नजदीकी डाकघर या पोस्टमैन से संपर्क करना होगा। साथ ही, पेंशनर डाकिया के माध्यम से आधार सक्षम भुगतान प्रणाली का उपयोग कर घर बैठे ही अपने बैंक खाते से पेंशन राशि निकाल सकते हैं, जिससे यह सेवा पूर्णतः सुविधाजनक और सुलभ बन जाती है।





