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जोखिम उठाकर भी बचाईं जिंदगियां, लोकसभा अध्यक्ष हुए अभिभूत

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को बूंदी जिले के एएनएम, जीएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और साथिन से संवाद किया। इस दौरान बिरला ने सभी का कोरोना के दौरान अपनी जान जोखिम में डाल आमजन को जागरूक कर उनकी जिंदगियां बचाने के लिए साधुवाद व्यक्त किया।

वर्चुअली माध्यम से संवाद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि कोरोना की पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर बहुत अधिक संक्रामक थी। पहले संक्रमण सिर्फ शहरी क्षेत्रों में दिखाई दिया था वहीं इस बार दूर-दराज के गावों में भी कोविड मरीज सामने आए। ऐसी कठिन परिस्थितियों में सेवा, समर्पण और कर्तव्य को ईमानदारी से निभाने का जो जज्बा एएनएम, जीएनएम, आशा सहयोगिनी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिखाय वह अद्भुत है।

उन्होंने कहा कि आवागमन के साधन उपलब्ध नहीं होने के बावजूद कई गांवों में फैले अपने कार्यक्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वे किया। जिन लोगों में कोविड के लक्षण थे उन्हें दवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया। इसकी का नतीजा है कि कोविड के मामलों में कमी आई है।

बिरला ने कहा कि एएनएम, जीएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्वयं संक्रमित होने के बाद भी हौसला प्रदर्शित किया। वे कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद फिर काम पर लौटी और लोगों को जागरूक किया। संवाद के दौरान एक एएनएम ने बताया कि वे दूसरी बार संक्रमित हुई है, लेकिन निगेटिव आने के बाद फिर से ड्यूटी से जुड़ जाएंगी। बिरला ने ऐसी सभी एएनएम, जीएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हिम्मत को प्रेरणादायी बताया।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि अब हमारा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाकर भविष्य में आने वाली बीमारियों और महामारियों का सामना करने के लिए सक्षम बनना होना चाहिए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द ही स्किल्ड स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीमें गठित की जाएंगी। उनके पास सामान्य जांचें करने के लिए मेडिकल किट भी होगी। वे टेलीमेडिसिन पद्धति से विशेषज्ञ डाक्टरों से भी जुड़ें होंगे तथा एएनएम, जीएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भी सहयोग करेंगे। इससे ग्रामीणों को उनके घर के निकट ही समुचित उपचार मिल पाएगा।

इस दौरान एएनएम, जीएनएम, आशा सहयोगिनी तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला को समस्याओं की भी जानकारी दी। गरड़दा क्षेत्र की एएनएम ने एंबुलेन्स के लिए आग्रह किया जिससे बिरला ने तत्काल स्वीकार कर लिया। इसके अलावा उपस्वास्थ्य केंद्रों के स्वयं के भवन नहीं होना, भवनों की जीर्ण-शीर्ण स्थिति, पद खाली होने समेत कई समस्याएं बताईं। बिरला ने इस बारे में राज्य सरकार से बात करने का आश्वासन दिया।

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