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दिव्यांग माँ और उसके बेटे का दिल जीता प्रभुजी ने

दिव्यांग मां की सुविधा के लिए बेटे ने शनिवार को रेल मंत्री को ट्वीट कर परेशानी बताई तो ट्रेन को उनकी सुविधा के मुताबिक प्लेटफार्म संख्या एक के बजाय दो पर ले लिया गया। ट्रेन में सवार हुए मां-बेटे ने रेलवे को धन्यवाद दिया और अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।

मीरगंज इलाके के बभनियांव गांव निवासी उमेश उपाध्याय अपनी मां दुर्गावती को इलाज के लिए मुंबई ले जा रहे थे। गाड़ी संख्या 5018 गोरखपुर कुर्ला एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में उनका आरक्षण जंघई रेलवे स्टेशन से था। वह दोपहर 12 बजे ही जंघई रेलवे स्टेशन पहुंच गए। पता चला कि ट्रेन प्लेटफार्म संख्या एक पर आएगी। प्लेटफार्म एक काफी नीचा है, जिससे ट्रेन में चढ़ने के लिए परेशानी होती है।

दुर्गावती के देवी का घुटने का आपरेशन हुआ है और पुन: इलाज के लिए मुंबई जा रहीं थीं। मां की परेशानी को देखते हुए उनके पुत्र उमेश ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु को ट्वीट कर अपनी परेशानी बताई। कहा कि प्लेटफार्म संख्या दो ऊंचा है। ट्रेन अगर इस प्लेट फार्म पर आ जाए तो उनकी मां को ट्रेन में सवार होने में सहूलियत मिलेगी। यह ट्वीट उन्होंने स्टेशन अधीक्षक कोमल सिंह को भी दिखाया।

थोड़ी ही देर में स्टेशन अधीक्षक को किसी उच्च अधिकारी का निर्देश मिला कि गोरखपुर कुर्ला एक्सप्रेस को प्लेट फार्म संख्या दो पर लिया जाए। ट्रेन के आने के 20 मिनट पहले स्टेशन पर एलाउंस किया गया कि गाड़ी संख्या 5018 गोरखपुर कुर्ला एक्सप्रेस प्लेट फार्म संख्या दो पर आएगी।

उधर प्लेटफार्म एक पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री दो पर पहुंच गए और अपने निर्धारित समय से 50 मिनट देरी से पहुंची ट्रेन में सभी यात्री सवार हुए और ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया।

स्टेशन अधीक्षक कोमल सिंह ने बताया कि यूं तो ऊपर से उन्हें निर्देश मिला था लेकिन यह उनके भी अधिकार क्षेत्र में हैं कि किसी को इस तरह की परेशानी है तो वह ट्रेन को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर ले सकते हैं।

साभार-http://www.amarujala.com/ से

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