बाल साहित्य में नूतन प्रयोग पर देश की जानीमानी बाल साहित्यकार डॉ. विमला भंडारी हमेशा जोर देती रही हैं। उनके इसी विचार पर कुछ दिन पूर्व मेरी बाल पुस्तक आई थी आओ बच्चों घूमें अलबेला राजस्थान। अब उनकी स्वयं की कहानियों पर आधारित बाल चित्रकथा की लीक से हट कर छह अंकों का जादू चित्रात्मक बाल पुस्तक प्रकाशित हुई है। उनकी यह बाल पुस्तक स्पष्ट संदेश है कि अब बाल साहित्य में ऐसा लिखा जाए जो नन्हें नन्हें बच्चों का मनोरंजन तो करे ही साथ ही वह उनके भावी जीवन के लिए उपयोगी और शिक्षाप्रद हो।
उनकी यह बाल कृति मुझे शनिवार को डाक से प्राप्त हुई। शीर्षक पढ़ कर एक बार लगा यह कोई जादू की पुस्तक है। पर जब उनके नीचे उप शीर्षक पर नजर गई तो समझ में आया इसमें बच्चों को छह अंकों के पिन कोड के बारे में बताया गया है। कुल 32 पृष्ठों की कृति में रंगीन चित्रों के साथ पिन कोड की जानकारी इतने सहज और सरल शब्दों में दी गई है कि आसानी से बच्चों के दिल और दिमाग में बैठ जाएं। पुस्तक केशब्द बड़े - बड़े हैं जिसे बच्चें आसानी से पढ़ लें।
पिन कोड क्या है, उसके हर अंक का क्या मतलब है, इसकी खोज किसने की, डाकघर और डाकिए का पिन कोड का क्या संबंध है, चिट्ठी पर लिखा पता अस्पष्ट है और पिन कोड सही है तो भी इसकी सहायता से चिट्ठी कैसे सही जगह पहुंच जाती है आदि - आदि इस बाल पुस्तक की बाल उपादेयता को बताते हैं।
पुस्तक कोई बाल कथा प्रधान नहीं है पर जिस तरह से विवरण दिया गया है वह कथानक से कम भी नहीं है। पांच से छह पंक्तियों के विवरण के भी शीर्षक और चित्र रोचक रोचकता प्रदान करते हैं। दादाजी की चिट्ठी, डाकघर का परिचय, चिट्ठी निकली सफर पर, परेशानी आना, चमत्कारी उपाय, पिनकोड की जानकारी, पिनकोड के अंक, पहला अंक - क्षेत्र, दूसरा अंक - उपक्षेत्र, तीसरा अंक - ज़ोनल डाकघर, आखिरी तीन अंक - स्थानीय डाकघर, पिनकोड का पूरा अर्थ, पिनकोड से फायदा, ऑनलाइन दुनिया में पिनकोड, कहानी गुमशुदा चिट्ठी की, खेल - पिन कोड खोजो ! , पिनकोड की खोज, भारत में पिनकोड, बच्चों का सवाल, डाकिया चाचा का इंटरव्यू, पिनकोड और मोबाइल लोकेशन पिनकोड वाला खेल, बच्चों ने बनाई अपनी चिट्ठी, मेरी पिनकोड डायरी और पाठक के नाम पत्र शीर्षकों से छह अंकों का जादू बच्चों के सिर चढ़ कर बोलने लगता है।
कुछ बच्चों को जिन्हें पिन कोड की पूरी जानकारी हो जाती है तो वे अपने स्कूल के साथियों से देश के मानचित्र से पिनकोड समझने का जादू का खेल खेलते हैं। बच्चों को जब पिनकोड का मतलब समझ में आ जाता है तो स्कूल में यह गाना गूंज उठता है...पृष्ठ 19
छह अंकों का पिन है प्यारों,
रास्ता दिखलाये सही-सही।
डाक-संदेश पहुँचा दे यारों,
चिट्ठी-पार्सल को अली-गली।
ऐसे ही जादुई छह अंकों की कहानी भी बच्चों के सिर चढ़ कर बोलने लगती है.......पृष्ठ 30
नाम पता अगर हो पूरा लिखा,
पिनकोड से समझो काम सधा ।
डाकिया खुश, ले लो चिट्ठी आई,
सबकी मुस्कानों की सौगात लाई !
बाल चित्रात्मक पुस्तक की विशेषता यह भी है कि इसे केवल बच्चों की विषय वस्तु तक ही सीमित रखा गया है। इसमें न कोई लेखकीय है और अभिमत है और न अंतिम कवर पृष्ठ पर लेखक परिचय। आवरण पृष्ठ कृति के विषय वस्तु की कहानी सुनता आकर्षक है। कह सकते हैं कि अब समय आ गया हैं जब बाल कहानियों और बाल कविताओं के साथ - साथ मानव जीवन के अन्य उपयोगी ज्ञानवर्धक विषयों को बाल साहित्य में जोड़ा जाएं। एक महत्वपूर्ण विषय पर जानकारी परक बाल चित्रात्मक कृति लेखन के लिए लेखिका को बधाई ! संपर्क : 91458 15390
पुस्तक : छह अंकों का जादू ( पिनकोड की कहानी)
विधा : बाल साहित्य
लेखक : डॉ. विमला भंडारी, राजस्थान
प्रकाशक : द बिट्स, जयपुर
प्रथम संस्करण : 2026
मूल्य : 135₹
ISBN : 978 - 93 - 7299 - 046 - 1
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समीक्षक
डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
लेखक एवं पत्रकार कोटा





